तारबंदी कर खेतों को जंगली जानवरों से बचाया जा रहा है-कटारिया

जागरूक टाइम्स 154 Jul 19, 2019

जयपुर (ईएमएस)। कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने विधानसभा में विधायक हरीशचंद्र मीणा के मूल प्रश्न के उत्तर में बताया कि सामुदायिक आधार पर कांटेदार तारबंदी कर खेतों को जंगली जानवर और रोजड़ों से बचाया जा रहा है। कटारिया ने बताया कि व्यक्तिगत खेतों की तारबंदी करवाना संभव नहीं है ऐसे में सामुदायिक आधार पर तारबंदी करवाई जाती है। उन्होंने कहा कि इस योजना के अंतर्गत 60 प्रतिशत लागत भारत सरकार और 40 लागत राज्य सरकार वहन करती है। उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि इस बारे में आए किसी भी अच्छे सुझाव का परीक्षण कर भावी योजना के लिए विभाग को कहा जाएगा।

कटारिया ने कहा कि विधान सभा क्षेत्र देवली उनियारा में रोजड़ों, नील गायों की संख्या बढ़ रही है एवं उनके द्वारा कृषकों की फसलों को नुकसान पहुचाया जा रहा है। सरकार द्वारा रोजड़ों, नीलगायों से फसलों के बचाव के लिए वित्तीय वर्ष 2017-18 से राष्ट्रीय तिलहन एवं ऑयल पॉम मिशन के अन्तर्गत लघु सीमान्त कृषकों को लक्षित कर कांटेदार तारबंदी कार्यक्रम चालू किया गया। वित्तीय वर्ष 2018-19 से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन-तिलहन के अन्तर्गत नीलगाय व आवारा पशुओं से फसलों को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए सभी श्रेणी के कृषकों को लक्षित कर सामुदायिक आधार पर कांटेदार या चैनलिंक तारबंदी कार्यक्रम चालू किया गया है जिसमें कम से कम 5 हेक्टेयर क्षेत्रफल हो एवं 3 कृषको का समूह हो।


Leave a comment