आचार्य लोकेश अमेरिका की शांति यात्रा के बाद पहली बार राजस्थान प्रवास पर

जागरूक टाइम्स 305 Jul 19, 2018

- जोधपुर, नाकोडा, पचपदरा में होगा भव्य स्वागत 

बाड़मेर @ जागरूक टाइम्स

अमेरिका में शांति व सद्भावना यात्रा के पश्चात् मारवाड़ क्षेत्र में जन्मे, शिक्षित-दीक्षित आचार्य डा. लोकेश मुनि पहली बार 21 और 22 जुलाई को राजस्थान प्रवास पर होंगे। इस दौरान उनका जोधपुर, नाकोड़ा व पचपदरा में स्वागत होगा। साथ ही वे विभिन्न कार्यक्रमों को संबोधित करेंगे। आचार्य लोकेश मुनि सड़क मार्ग से 21 जुलाई को सुबह अपनी शिक्षा भूमि जोधपुर पहुंचेंगे। शाम को अपनी दीक्षा भूमि बालोतरा होते हुए प्रख्यात जैन तीर्थ नाकोड़ा पहुंचेंगे। 22 जुलाई को सुबह आचार्य लोकेश मुनि अपनी जन्म भूमि पचपदरा पहुंचेंगे। इस दौरान वे अनेक, स्थानों पर अहिंसा, शांति और सद्भावना का सन्देश देंगे। 

गौरतलब है कि आचार्य लोकेश ने अमेरिका में शांति सद्भावना व योग यात्रा के दौरान संयुक्त राष्ट्र संघ मुख्यालय में आयोजित अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस में भाग लिया और इस अवसर पर आयोजित 'शांति के लिए योग' सम्मेलन को संबोधित किया। न्यूयॉर्क में अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस पर महात्मा गांधी पीस फाउंडेशन इंटरनेशनल द्वारा 'अहिंसा व शांतिपूर्ण सहस्तित्व' विषय को मुख्य अथिति व प्रमुख वक्ता के रूप में संबोधित किया। आचार्य लोकेश मुनि का शिकागो के भारतीय दूतावास में राजदूत नीता भूषण ने भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर आयोजित 'हिंसा मुक्त विश्व' संगोष्ठी को आचार्य लोकेश ने संबोधित किया।

आचार्य लोकेश को विश्व शांति और सद्भावना के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए शिकागो जैन सेंटर की रजत जयंती के दौरान 'विशिष्ट सेवा अवार्ड' से सम्मानित किया गया। शान्तिदूत आचार्य डॉ. लोकेश मुनि ने न्यूयॉर्क में आयोजित 'शांति के लिए अंतरधार्मिक प्रार्थना' को संबोधित किया। अहिंसा विश्व भारती की अन्तरराष्ट्रीय शाखा का उद्घाटन भी अपनी यात्रा के दौरान न्यूजर्सी में किया। उन्होंने कनाड़ा व अमेरिका में आयोजित अनेक कार्यक्रमों में विश्व शांति व सद्भावना का सन्देश देते हुए कहा कि मानव कल्याण व समाज के विकास के लिए अंतरधार्मिक संवाद आवश्यक है।

राजस्थान प्रवास से पूर्व आश्रम में आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि अमेरिका निवासी चरम भौतिक विकास के बावजूद अध्यात्म, योग और साधना की ओर आकर्षित होते हैं। वो भारत की बहुलतावादी संस्कृति, आध्यात्मिक विचारों और धार्मिक एकता का स्वागत करते हैं। भारत की इस संस्कृति को अपनाने से विश्व का कल्याण संभव है। भारत का हर छोटा गांव-शहर शांति और विकास चाहता है। भारत में जाति, धर्म, सम्प्रदाय के नाम पर कोई मतभेद नहीं है। उन्होंने कहा कि राजस्थान जाने से उन्हें उर्जा मिलती है। नाकोड़ा तीर्थ श्रद्धा, आस्था का विश्व विख्यात केंद्र है तथा राजस्थान का हर गांव, हर शहर आज भी भारतीय संस्कृति का प्रतीक है।

अहिंसा विश्व भारती के कोऑर्डिनेटर ओम बांठिया एवं महेश धारीवाल ने बताया कि आचार्य लोकेश मुनि का अमेरिका की ऐतिहासिक अहिंसा, शांति और सद्भावना की यात्रा से लौटने के बाद 21 जुलाई को सुबह जोधपुर रेलवे स्टेशन पर विभिन्न संस्थाओं की ओर से स्वागत होगा। आचार्य 21 जुलाई को रात्रि प्रवास नाकोड़ा में करेंगे। पचपदरा में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगे।

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