राजसमंद (Rajsamand) आलोक स्कूल में बसंत पंचमी का उत्सव माँ सरस्वती की पूजा अर्चना के साथ श्रद्धाभाव और उत्साह से मनाया । विद्या की अधिष्ठात्री देवी माँ सरस्वती देवी के मंदिर की विशेष पूजा अर्चना कर महा आरती की गई । बसंत पंचमी के अवसर पर अभिभावकों ने प्रवेश फॉर्म लेकर अपने नौनिहालों को नर्सरी कक्षाओं में प्रवेश दिलाकर उनका विद्यारम्भ संस्कार कराया*महाराणा प्रताप सभागार में विद्यारम्भ संस्कार के तहत वैदिक विधि से सरस्वती हवन किया जिसमें नवीन प्रवेश लेने वाले नन्हों ने अपने अभिभावकों के साथ हवन में आहूति प्रदान की* । नवीन प्रवेश लेकर विद्यारम्भ करने वाले इन नन्हे बच्चों का किड्स प्लेनेट में तिलक लगाकर स्वागत किया व प्रसाद खिलाकर शुभकामना दी । निदेशक डॉ प्रदीप कुमावत ने बसन्त पंचमी की शुभकामना देकर अपने संदेश में कहा कि बसंत पंचमी मां सरस्वती का प्राकट्य दिवस है । ब्रह्मा जी के आह्वान से माँ सरस्वती का प्राकट्य हुआ । तभी से संसार मे वाणी की गूंज सुनाई दी । इस अवसर पर हम मां सरस्वती की विशेष पूजा-अर्चना करें ताकि हम अज्ञान भरे अंधकार से दूर हो सके व हमारा मन पवित्र और शुद्ध भाव से विद्यार्जन कर पाए । बसंत महोत्सव का शुभारंभ प्रशासक मनोज कुमावत, प्राचार्य ललित गोस्वामी, सहायक प्रशासक ध्रुव कुमावत ,ने माँ सरस्वती के मंदिर में दीप प्रज्ज्वलन कर किया । इस अवसर पर महाराणा प्रताप सभागार में प्रतिष्ठापित माँ सरस्वती के मंदिर व प्रतिमा का विशेष रूप से शृंगार किया गया फूल मालाओं से मंदिर की आकर्षक सजावट की गई । प्राचार्य ललित गोस्वामी ,ने कहा कि बसंत पंचमी पर मां सरस्वती की पूजा आराधना करने से हमें प्रखर बुद्धि का आशीर्वाद मिलता है* । सरस्वती का आह्वान करने से मां सरस्वती हमारी जिह्वा पर विराजमान होती है । जो विद्यार्थी मां सरस्वती की सच्चे मन से आराधना करते हैं वही सही ज्ञान की प्राप्ति कर लेते हैं ।कक्षा 1 से 12 के विद्यार्थियों ने अपनी कक्षाओं में भी सरस्वती के मंदिर की सजावट कर पूजा अर्चना करके आशीर्वाद लिया। साथ ही कक्षाओं की सजावट भी की गई । इस अवसर पर सभागार में संगीत के समस्त वाद्य यंत्र ढोल, तबला, हारमोनियम, सितार, वीणा, ड्रम, बैंड, पखावज आदि की भी पूजा अर्चना की गई । कक्षा 3 से 9 के बच्चों ने रंगोली, व सलाद सजावट में करीबन 500 से अधिक बच्चों ने बड़े ही उत्साह से भाग लिया।
रिपोर्ट – नरेंद्र सिंह खंगारोत
