राजसमंद (Rajsamand) जिले की ग्राम पंचायतों में सरपंचों का कार्यकाल समाप्त हो जाने तथा पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव सम्पन्न नहीं होने की स्थिति में पंचायती राज विभाग जयपुर की अधिसूचना के क्रम में ग्राम पंचायतों के कार्यों के सुचारू संचालन हेतु प्रशासक नियुक्त किए गए थे तथा उनकी सहायता के लिए प्रशासकीय समितियों का गठन किया गया था। इस व्यवस्था के अंतर्गत जिला प्रशासन द्वारा ग्राम पंचायत स्तर पर प्रशासनिक गतिविधियों की सतत निगरानी की जा रही है।जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा को जनसुनवाई, रात्रि विश्राम एवं निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायतों द्वारा जारी पट्टों में अनियमितताओं की शिकायतें प्राप्त हुई थी जिसे गंभीरता से लिया गया। राजस्थान पंचायती राज नियमों की पूर्ण पालना किए बिना पट्टे जारी किए जाने से भूमि के दुरुपयोग की संभावना बनी हुई होने से तथा अनियमित पट्टों के कारण विभिन्न न्यायालयों में प्रकरण दर्ज होने से राज पक्ष पर समय और संसाधनों का अनावश्यक भार उत्पन्न हो रहा है।इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव सम्पन्न होने तक जिला कलक्टर द्वारा आदेश जारी कर ग्राम पंचायतों द्वारा पट्टे जारी किए जाने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई गई है। निर्देश दिए गए हैं कि सभी विकास अधिकारी समस्त ग्राम पंचायतों की वर्तमान में चल रही पट्टा बुकें प्राप्त कर आगामी आदेश तक अपने नियंत्रण में रखेंगे। सार्वजनिक प्रयोजन के लिए अत्यावश्यक होने की स्थिति में पट्टे विकास अधिकारी के पर्यवेक्षण में संबंधित ग्राम पंचायत द्वारा पूर्ण रूप से नियमों की पालना करते हुए जारी किए जा सकेंगे।वहीं सीईओ बृजमोहन बैरवा ने भी सभी विकास अधिकारियों से कहा है कि कलक्टर के आदेश की सख्त अनुपालना हो।
रिपोर्ट – नरेंद्र सिंह खंगारोत
