बाड़मेर (Barmer) देशव्यापी “नरेगा बचाओ संग्राम” अभियान के क्रम में बुधवार को बाड़मेर विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत हाजोणियों की ढाणी एवं गुड़ीसर में जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं युवा नेता आजाद सिंह राठौड़ ने ग्रामीणों व आमजन से संवाद कर मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना की रक्षा के लिए संगठित संघर्ष का आह्वान किया।राठौड़ ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार नाम परिवर्तन और नीतिगत फेरबदल की आड़ में मनरेगा को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। इससे सीधे तौर पर ग्रामीण गरीबों, मज़दूरों और किसानों की रोज़ी-रोटी पर संकट मंडरा रहा है। मनरेगा महज़ एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत में रोज़गार के अधिकार, आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता की बुनियाद है।उन्होंने बताया कि मनरेगा की शुरुआत कांग्रेस सरकार ने की थी, जिसके चलते करोड़ों परिवारों को अपने ही गांव में काम मिला और सम्मानजनक जीवन संभव हुआ। वर्तमान सरकार पंचायतों के अधिकार सीमित कर रही है तथा योजना के वित्तीय दायित्व का बड़ा हिस्सा राज्यों पर थोपकर इसकी मूल भावना को कमजोर कर रही है। मनरेगा के नाम व स्वरूप में किए जा रहे बदलाव महात्मा गांधी की विचारधारा पर सीधा हमला हैं, जिसे गांव-ढाणियों में लोग भली-भांति समझ रहे हैं।राठौड़ ने कहा कि नरेगा पर किया गया हर प्रहार गरीब और श्रमिक वर्ग के खिलाफ है, जिसका कांग्रेस पार्टी सड़कों से संसद तक पुरज़ोर विरोध करेगी। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से अपील की कि मज़दूरों के अधिकारों की इस लड़ाई में आगे बढ़कर अपनी आवाज़ बुलंद करें, क्योंकि आज की चुप्पी कल रोज़गार और अधिकारों के छिन जाने का कारण बन सकती है।उन्होंने कहा कि “नरेगा बचाओ संग्राम” के तहत कांग्रेस पार्टी गांव-गांव जाकर भाजपा की जनविरोधी नीतियों को उजागर करेगी और इस ऐतिहासिक योजना की मजबूती से रक्षा करेगी। कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारी, युवा कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे।
रिपोर्ट – ठाकराराम मेघवाल
