सादड़ी : ओवरफ्लो हुआ राणकपुर-सादड़ी बांध

जागरूक टाइम्स 461 Aug 31, 2020

सादड़ी। राणकपुर/सादड़ी बांध रविवार अलसुबह अपनी 62.70फीट भराव क्षमता के मुकाबले 0.30 फीट चादर के साथ छलका। जिससे निकली मघाई नदी का पानी सादड़ी पालिका को पार कर मादा से सरथूर ग्राम तक पहुंचा। बांध भरने से क्षेत्र के किसानों में खुशी की लहर छा गई। जिन्हें रबी फसल की बंपर पैदावार होने की उम्मीद है। मघाई नदी में बहाव शुरू होने से दो दर्जन ग्राम्यांचल के हजारों किसानों के सैकडों कुएं रिचार्ज होकर उनके कुओं का जलस्तर निसंदेह बढ़ेगा। जो पिछले कई दिनों से रसातल हो चुके थे। जोधपुर रियासत के दौरान सर प्रतापसिंह ने वर्ष 1942-48 में अरावली पर्वतमालाओं की तलहटी में विद्यमान 6 से 10 पहाडिय़ों को तीन अलग-अलग जगह से आपस में मिलाकर तीन ओवरफ्लो युक्त बांध का निर्माण करवाया। बांध निर्माण दौरान इसकी 45 फीट भराव क्षमता थी। जल संसाधन विभाग को सुपुर्द किया, तब उन्होंने ओवरफ्लो को ऊंचा बढ़ाकर 62.70 फीट इसका गेज किया। जिसमें 23 फीट शील्ट सहित 205 एमसीएफटी पानी समाता है। इससे बांध कमांड क्षेत्र प्रतापगढ़ बावरियों का झूपा, भादरास, मीणों का झुपा, सादड़ी पालिका क्षेत्र की 1700 एकड़ कृषि भूमि दो पाण दौरान जल वितरण से सिंचित होती है। सिंचाई बाद किसान रबी फसल बंपर पैदावार लेते हैं।

जिससे सरकारी को अच्छा राजस्व मिलता हैं। रणकपुर बांध निर्माण से लेकर आज तक 5 से 7 बार खाली रहा जबकि हर वर्ष रणकपुर घाट सेक्शन में हुई मूसलाधार बारिश के दौरान यह लबालब होता है। जिसमें 30 एमसीएफटी पानी पेयजलापूर्ति एवं 8 एमसीएफटी पानी महारानी उद्यान के लिए रिजर्व रहता है। कस्बे की जलापूर्ति को लेकर पीएचईडी से 31 फीट भराव क्षमता वाला नलवाणिया बांध बना हुआ है, वह भी इन दिनों लबालब होकर इस पर चादर बह रही है।
जिनसे निकली तीनो मघाई नदियॉ मदमस्त वेग से कलकल करती बह रही हैं जिनका पानी मादा मौरखा होते सरथूर,रानी से चाणैद तक ग्राम्यअंचल पहूच खेतों में फैल जायेगा। इस राह दौरान यह हजारो कुओं को रिचार्ज कर उनका जलस्तर बढ़ाऐंगी,इसके भरने से यहा का नजारा मनमोहक बन गया विदेशी पर्यटक व सैलानियो की आवाजाही बढ़ गई बारिश से पर्वतमालाओं में छाई हरीतिमा सैलानी को अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं तो धरती से उठते बादल पर्वतमालाओं का श्रृंगार करते हैं।।पिछले दो दशक दौरान यह मुश्कील से4-5बार खाली रहा।इसमें 205एमसीएफटी पानी जलभराव होता हैं।144से147 एमसीएफटी पानी सिंचाई दौरान वितरण होता हैं। 13-15किमी सुदर तक पालिकाक्षैत्र में इसकी नहरी तन्त्र फैला हुआ हैं।


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