जैसलमेर (Jaisalmer) बटरफ्लाई एंड मंकीज स्कूल” में एनुअल फंक्शन रंग-बिरंगे उत्साह और अद्भुत प्रतिभाओं के बीच आयोजित किया गया। इस खास मौके पर स्कूल परिसर में बच्चों के उज्जवल भविष्य और उनकी कलात्मक क्षमताओं को सामने लाने के लिए नन्हे मुन्ने सितारों ने अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया। कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत समारोह से हुई, जहां बच्चों ने अपनी मासूमियत और उत्साह के साथ दर्शकों का मन मोह लिया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित थे: अतिथि मुकेश भाटिया, राधेश्याम भाटिया, चंद्र प्रकाश भाटिया और मोहन भाटिया। इन गणमान्य व्यक्तियों ने बच्चों की प्रतिभा को देखा और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।एनुअल फंक्शन में बच्चों के अलग-अलग परफॉर्मेंस ने सभी का मन मोह लिया। सबसे पहले मंच पर आए छोटे कलाकारों ने “मुकाबला मुकाबला ओ मेरी लैला” पर अपनी ऊर्जा और नृत्य कला का प्रदर्शन किया। उनकी हर हरकत में उमंग और आत्मविश्वास झलक रहा था। बच्चों के रंग-बिरंगे कपड़े और सहजता ने इस परफॉर्मेंस को और भी खास बना दिया। इसके बाद मंच पर आया अगला कार्यक्रम “देवा श्री गणेशा”। इस गीत पर बच्चों ने न केवल नृत्य किया, बल्कि भावनाओं के साथ अपने अभिनय कौशल का भी शानदार प्रदर्शन किया। छोटे कलाकारों ने अपनी मुस्कान, तालमेल और सटीक स्टेप्स के साथ दर्शकों का दिल जीत लिया।फिर बच्चों ने प्रस्तुत किया “ता रा रा”। इस गीत पर नन्हे मुन्ने कलाकारों ने ताल और रिदम में अपनी अद्भुत पकड़ दिखाई। उनके उत्साह और आत्मविश्वास ने पूरे हॉल को झूमने पर मजबूर कर दिया। स्कूल के इस उत्सव में एक और शानदार प्रदर्शन था “हम हैं राही प्यार के”। इस गाने पर बच्चों ने दिल से नृत्य किया और अपनी मासूमियत के साथ-साथ कला में निपुणता भी दिखाई। हर कदम, हर इशारा और हर भाव ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।इस कार्यक्रम को सफल बनाने में स्कूल के स्टाफ सदस्यों का योगदान भी कम नहीं रहा। सलोनी भाटिया, अरुणा व्यास, सजनी पुरोहित, सुजाता कोशिक, छवि व्यास, प्रेरणा व्यास और झलक जोशी ने बच्चों की मेहनत और तैयारी में कोई कसर नहीं छोड़ी। उनके मार्गदर्शन और समर्पण ने इस कार्यक्रम को यादगार बना दिया।विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि स्कूल का यह एनुअल फंक्शन न केवल बच्चों की कला को प्रस्तुत करने का माध्यम था, बल्कि यह एक ऐसा मंच था जहां बच्चों ने आत्मविश्वास, टीम वर्क और रचनात्मकता को भी सीखा। हर प्रस्तुति में उनके चेहरे पर चमक और आत्मविश्वास साफ दिखाई दे रहा था। इस अवसर पर दर्शकों ने भी बच्चों की मेहनत और कला की सराहना की। माता-पिता और अतिथियों ने तालियों की गड़गड़ाहट से बच्चों का उत्साह और बढ़ाया। पूरे हॉल में खुशी और उल्लास का माहौल था।
रिपोर्ट – कपिल डांगरा
