
राजसमंद (Rajsamand) भामाखेड़ा में भगवान देवनारायण मंदिर की प्रतिष्ठा के तहत ग्राम वासियों की ओर से आयोजित पांच दिवसीय महोत्सव में विभिन्न अनुष्ठान शुरू हुए। पहले दिन आयोजित भजन संध्या गायकों की बेहतरीन प्रस्तुतियां के चलते देर रात तक चली।पूर्व विधायक बंसी लाल गहलोत ने बताया कि महोत्सव के तहत साध्वी कपिला गोपाल सरस्वती ने भगवान देवनारायण की कथा का रसपान करवाते हुए श्रद्धालुओं को स्थापना सत्र के विषय और सत्संग का महत्व बताया। इसके बाद उन्होंने भगवान देवनारायण के बारे में विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कथा में आए प्रसंग पर गोमाता की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि गोमाता और भगवान नंदी की परिक्रमा करके प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश दुनिया में पूजनीय बन गए। उन्होंने कहा कि जिस गोमाता की परिक्रमा से गजानंद जी महाराज पूजनीय बने उसकी आज के युग में इंसान ने क्या दुर्दशा कर रखी है यह किसी से छुपा हुआ नहीं है। उन्होंने कहा कि सभी सनातनी जानते हैं कि गमाता का क्या महत्व है और उन्हें क्यों पूजा जाता है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद आज जो गोमाता की दुर्दशा हो रही है, उसके लिए हम सभी जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि जब तक धरती पर गोमाता की इसी तरह दुर्दशा होती रहेगी तब तक व्यक्ति समृद्धि तो का सकता है, लेकिन उसे सुख और शांति कभी नहीं मिल सकती। उन्होंने इस प्रसंग पर श्रद्धालुओं का आवाह्न किया कि वे गोमाता को पाल नहीं सकते तो कम से कम उसकी सेवा तो कर सकते हैं, उसे दुर्दशा से तो बचा सकते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं को जैसे भी संभव हो नियमित रूप से गौ सेवा करने का संकल्प दिलाया।कार्यक्रम में यज्ञ आचार्य पंडित सत्यनारायण शास्त्री माचवा जयपुर, पं. अजय कुमार शर्मा ललित किशोर शर्मा, पं. किरण कृष्ण गोपाल गुजरात एवं पंडित पुष्कर शर्मा राजसमंद के सानिध्य में श्रद्धालुओं ने हवन में आहुतियां दी। महोत्सव स्थल पर आयोजित पांच दिवसीय मेले का पूर्व विधायक गहलोत, ग्राम पंचायत पीपली डोडियान सरपंच संतोष देवी प्रजापत, पूर्व सरपंच नारायण लाल जटिया आदि ने अवलोकन किया और कार्यकर्ताओं को व्यवस्थाओं से संबंधित निर्देश दिए। इस दौरान रतन प्रजापत, राहुल खारोल, गोपाल जाट, भोपा उदयराम, छोगालाल, रूपलाल, मांगीलाल खारोल एवं कमल शर्मा आदि ने व्यवस्थाओं में सहयोग किया।भजनों से बरसा भक्ति रसमहोत्सव के पहले दिन रविवार रात को आयोजित भजन संध्या में गायक पूरण गुर्जर और माया गूजरी एवं साथी कलाकारों ने भजनों की प्रस्तुतियां दी। इन्होंने गणपति और गुरु वंदना के बाद सांवरिया सेठ, भगवान देवनारायण, भोलेनाथ, हनुमान जी एवं माता जी के भजनों की मधुर प्रस्तुतियां देकर पंडाल में श्रोताओं को भावविभोर होकर भक्ति नृत्य करने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम का संचालन डालचंद कुमावत ने किया। महोत्सव के तहत पूरे गांव में आकर्षक डेकोरेशन किया गया है तथा गांव के चारों प्रमुख मार्गों पर आकर्षक स्वागत द्वार बनाए गए हैं। इसके साथ ही महोत्सव में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भोजन प्रसाद की व्यवस्था भी की गई।
रिपोर्ट – नरेंद्र सिंह खंगारोत
