राजसमंद (Rajsamand) हमारा संविधान राष्ट्र की मजबूत रीड है जो हमारी संस्कृतियों, भाषाओं, समुदायों, की अपार विविधता को कुशलतापूर्वक एकीकृत संघीय ढांचे में पिरोता है। यह बात आज भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के केंद्रीय संचार ब्यूरो (सीबीसी) उदयपुर की ओर से भारत का गणतंत्र – एक सुनहरी यात्रा, वंदे मातरम राष्ट्रीय गीत के 150 वर्ष तथा भारतीय संविधान की 75 वर्ष की यात्रा पर गायत्री शक्तिपीठ राजसमंद के सभागार में लगाई गई तीन दिवसीय मल्टीमीडिया प्रदर्शनी के उद्घाटन समारोह में बोलते हुए जिला कलेक्टर राजसमंद अरुण कुमार हसीजा ने कही। प्रारंभ में जिला कलेक्टर हसीजा ने प्रदर्शनी का शुभारंभ फीता काटकर एवं दीप प्रज्जवलित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि संविधान दिवस हमें संविधान सभा की दूरदर्शिता और उन सिद्धांतों की याद दिलाता है जो भारत को एक मजबूत लोकतान्त्रिक देश के रूप में आगे बढ़ाते है। उन्होंने कहा कि संविधान दिवस 26 नवंबर को मनाया जाता है जो भारत के संविधान के गठन का प्रतीक है। यह दिन नागरिकों को संविधान में निहित मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित करता है। इस अवसर पर जिला कलेक्टर ने उपस्थित जनसमूह को संविधान की शपथ भी दिलाई तथा सुकन्या समृद्धि के नए खाताधारकों को पासबुक का वितरण भी किया गया।उद्घाटन सत्र में जिला परिषद राजसमंद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बृज मोहन बैरवा ने कहा की डॉ. अंबेडकर को संविधान का मसौदा तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई। लगभग 2 साल 11 महीने की मेहनत के बाद 1948 में मसौदा संविधान सभा के सामने रखा। इस मसौदे पर 11 सत्रों में चर्चा हुई। कुछ बदलावों के साथ 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा द्वारा इसे अपनाया गया और 26 जनवरी 1950 को यह लागू हो गया तभी से हर वर्ष 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने इस अवसर पर संविधान में दिए गए मूल अधिकारों का सही उपयोग करने के साथ-साथ कर्तव्यों का पालन करने की भी अपील की।इस अवसर पर केन्द्रीय संचार ब्यूरो के सहायक निदेशक आर.एल. मीणा ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए प्रदर्शनी के उद्देश्य एवं प्रदर्शनी के दौरान आयोजित की जाने वाली गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रदर्शनी में केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं, वंदे मातरम के 150 वर्ष और संविधान की 75 वर्ष की उपलब्धियों को आकर्षक मल्टीमीडिया स्वरूप में प्रस्तुत किया गया है। तीन दिवसीय कार्यक्रम के दौरान विभिन्न तकनीकी सत्र भी आयोजित होंगे, जिनमें विभिन्न विभागों के अधिकारी आमजन को अपनी योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी देंगे।प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां रहीं आकर्षण का केंद्र प्रदर्शनी के दौरान संविधान दिवस एवं राष्ट्रीय गीत वन्दे मातरम के 150 वर्षों के उपलक्ष्य में विभिन्न प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं, जिनमें स्कूली विद्यार्थियों एवं आमजन ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में इन प्रतियोगिताओं के विजेताओं को अतिथियों द्वारा पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान अतिथियों द्वारा उपस्थित स्कूली छात्र-छात्राओं, आमजन, गणमान्य नागरिकों को संविधान की शपथ भी दिलाई गई। इस अवसर पर अग्रणी जिला बैंक प्रबंधक श्री पी. जीनगर ने बैंक के माध्यम से संचालित की जाने वाली योजनाओं के बारे में आमजन को जानकारी दी। उद्यानिकी विभाग के उपनिदेशक श्री कल्प वर्मा एवं कृषि विभाग के सहायक निदेशक डॉ. गणपत तथा महिला अधिकारिता विभाग से उप-निदेशक रश्मि कौशिक ने भी अपने विभागों से संबंधित महत्वपूर्ण योजनाओं और उपलब्धियों के बारे में जानकारी प्रदान की। पाली जिले से आई विभाग की पंजीकृत दल लीलादेवी एंड पार्टी के कलाकारों ने प्रसिद्ध चरी नृत्य एवं भवई नृत्य के माध्यम से ’मेरा भारत देश रहे एकजुट, यही संदेश देना है हम सबको’ की जोरदार प्रस्तुति देकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर सुभाष पब्लिक स्कूल, राजसमंद के उप-प्राचार्य मदन लाल घुमारिया ने भी वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने पर अपने विचार रखें।कार्यक्रम का संचालन क्षेत्रीय प्रचार सहायक श्री नरेश कुमार ने किया तथा उद्घाटन सत्र के सफल आयोजन हेतु सभी अतिथियों एवं आगंतुकों का क्षेत्रीय प्रचार सहायक श्री रवि योगी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।प्रदर्शनी के प्रथम दिन राजसमंद जिला मुख्यालय के अनेक विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं सहित महिला बाल विकास विभाग की सहायिकाओं, महिला अधिकारिता विभाग की साथिनों, स्वास्थ्य विभाग की आशा कार्यकर्ताओं, नर्सिंग कॉलेज के विद्ययार्थियों सहित बड़ी संख्या में आमजन ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
रिपोर्ट – नरेंद्र सिंह खंगारोत
