
राजसमंद (Rajsamand) संघ शताब्दी वर्ष के उपलक्ष में पूरे भारतवर्ष में एक लाख से अधिक गांव में हिंदू सम्मेलन कराये जा रहे हैं इसी निमित्त वीर सावरकर बस्ती में विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन हुआ। कार्यक्रम मीडिया संयोजक गिरीश पालीवाल ने बताया कि समारोह के मुख्य वक्ता रहे प्रांत संगठन मंत्री किसान संघ परमानंद ने अपने वक्तव्य में कहा हिंदू विरोधी ताकतो ने आज भी अंग्रेजों द्वारा स्थापित किए गए फूट डालो एवं राज करो कि नीति को गतिमान बनाए रखा है एवं हिंदुओं को तोड़ने का प्रयास जारी है अब हम सभी हिंदू भाइयों को जात पात और उच्च नीच में ना बटकर एक होना चाहिए क्योंकि संगठित हिंदू से ही समर्थ भारत की संकल्पना है। समझ में अतिथि रहे परम पूज्य गुरु श्री अवधूत शरण महाराज ने अपने प्रवचन में युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी को पश्चात संस्कृति को छोड़कर अपने धर्म एवं सनातन संस्कृति को अपनाना चाहिए एवं इसकी रक्षा करनी चाहिए। विशिष्ट अतिथि रहे पारस बुआ शंकर लाल,पन्नालाल ने सभी को आशीर्वचन दिए एवं आयोजन को लेकर सभी को बधाई दी। ठाकुर जी के आतिथ्य से भाव विभोर हुये धर्म प्रेमीहिंदू सम्मेलन की शोभायात्रा में धोईन्दा बाबा रामदेव की आस्था के प्रतीक चिन्ह के साथ गांव के पांच ठाकुर जी एवं प्रथम बार जावद गांव से ठाकुर जी का अतिथ्य हुआ जब ठाकुर जी की पालकिया संगम स्थल पर पहुंची तो प्रथम बार जावद और धोईन्दा के ठाकुर जी को एकसाथ इस विहंगम दृश्य को देखकर उपस्थित सभी श्रद्धालु भाव विभोर एवं भक्ति से सराबोर हो गए भक्तजन चारभुजा नाथ के जयकारे लगाते हुए भगवान के भजनों पर नाचने लगे। कलश यात्रा में उमड़ा हजारों मातृशक्ति का सैलाब* मातृशक्ति द्वारा हिंदू सम्मेलन को लेकर विगत 15 दिनों से जो परिश्रम किया जा रहा था उसका परिणाम देखने को मिला।कलश यात्रा के लिए सुबह 10 बजे से ही महिलाएं शोभा यात्रा प्रारंभ स्थल पर एकत्रित होने लगी देखते ही देखते हजारों की संख्या में महिलाएं कलश लेकर सुव्यवस्थित तरीके से कलश यात्रा में चलने लगी। पूरे मार्ग में 3100 कलश लिए महिलाएं भगवान के भजनों पर झूमते नाचती रही। मार्ग में पुष्प वर्षा एवं राजस्थानी गीतों से महिलाएं एक दूसरे का उत्साहवर्धन कर रही थी। प्रारंभ से लेकर कलश यात्रा के अंत तक मातृशक्ति का जोश जुनून एक जैसे रहा।घोष रचना ने किये रोंगटे खड़ेहिंदू सम्मेलन को लेकर विगत कई दिनों से वीर सावरकर बस्ती की बहने घोष रचना का अभ्यास कर रही थी उस घोष रचना का परिणाम यह रहा की जैसे ही बहनों द्वारा शिवाजी महाराज का अजय घोष प्रारंभ किया वहां पर उपस्थित सभी दर्शकों ने एक स्वर में शिवाजी महाराज एवं महाराणा प्रताप के गगन चुंबी नारे लगाने प्रारंभ कर दिए जिससे वहां का वातावरण देश भक्ति में हो गया। सविनय एक स्वर में करतल ध्वनि द्वारा सभी बहनों का अभिवादन किया।आकर्षण का केंद्र रही झांकियांशोभायात्रा में आतंकवाद के खिलाफ एक सजीव झांकी को दर्शाया जिसमें भारत देश की सेना के शौर्य को दिखायाशिवाजी महाराज महाराणा प्रताप एवं लक्ष्मीबाई की सजीव झांकी ने बलिदान एवं देश भक्ति का संदेश दिया सुसज्जित राम दरबार की झांकी ने सभी को भक्ति रस में डूबने पर मजबूर कर दिया कच्ची घोड़ी ऊंट गाड़ी एवं घूमर झांकी ने उपस्थित सभी का मनोरंजन किया।ठाकुर जी की आरती के साथ समापन*विशाल शोभा यात्रा एवं कलश यात्रा नगर के प्रमुख मार्गो से होते हुए विराट धर्म सभा स्थल पर पहुंची अतिथियों द्वारा दिए उद्बोधन एवं प्रवचन के पश्चात कार्यक्रम के संयोजक प्रकाश जोशी ने आभार व्यक्त किया कार्यक्रम के अंत में हजारों सनातनियों के सम्मुख सभी भगवान ठाकुर जी की आरती हुई एवं प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस अवसर पर आयोजन समिति के कार्यकर्ता भामाशाह के साथ हजारों धर्म प्रेमी उपस्थित रहे।
रिपोर्ट – नरेंद्र सिंह खंगारोत
