
राजसमंद (Rajsamand) भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी जिला शाखा की सजगता और मानवतावादी प्रयासों के चलते बीती रात आर.के. राजकीय चिकित्सालय में एक गर्भवती महिला को नया जीवन मिला। आपातकालीन स्थिति में जब महिला को अति दुर्लभ ‘ओ नेगेटिव’ रक्त की सख्त जरूरत पड़ी, तो रेडक्रॉस की एक अपील पर रक्तदाता पूर्णा शंकर बागोरा, दुर्गा शंकर पालीवाल और नियमित रक्तदाता शिक्षक मदनलाल कुमावत तुरंत ब्लड सेंटर पहुंच गए। इन रक्तवीरों ने बिना समय गंवाए रक्तदान कर महिला की जान बचाई और समाज के सामने सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया। इसके अलावा शिक्षक मदनलाल कुमावत ने भी 15वीं बार रक्तदान कर अपनी सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय दिया।रेडक्रॉस जिला शाखा के मानद सचिव बृजलाल कुमावत, ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला कलेक्टर एवं प्रेसिडेंट अरुण कुमार हसीजा की प्रेरणा तथा चेयरमैन कुलदीप शर्मा ,के निर्देशन में जिले में ‘रक्तदान करो जीवन बचाओ’ मुहिम को गति दी जा रही है। इसी अभियान के तहत आपातकालीन समय में भी रक्तदाता एक कॉल पर अस्पताल पहुंचने के लिए तत्पर रहते हैं। प्रवक्ता सुरेश भाट ,ने इस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में फैली भ्रांतियों पर चिंता जताते हुए कहा कि अक्सर गांव के युवा रक्तदान से पीछे हट जाते हैं, जिसे दूर करने के लिए प्रशासन द्वारा गांव-गांव में जागरूकता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में रक्त की कमी आड़े न आए।इस सेवा कार्य के दौरान संयुक्त सचिव दीपचंद गाडरी, डॉ. एम.पी. मीणा, टेक्नीशियन युगलकिशोर, किशोरी पालीवाल, मुकेश कुमावत, राधेश्याम सुखवाल ,और दीपक रैगर ,सहित चिकित्सा टीम मौजूद रही। रेडक्रॉस सोसायटी ने अंत में आमजन से अपील की है कि 45 किलो से अधिक वजन और 12.5 ग्राम से अधिक हीमोग्लोबिन वाले स्वस्थ व्यक्ति नियमित रूप से रक्तदान करें ताकि जरूरतमंदों को समय पर सहायता मिल सके।
रिपोर्ट – नरेंद्र सिंह खंगारोत
