Rajsamand : कल, आज और कल” वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में एक भारत, श्रेष्ठ भारत, विकसित भारत 2047 थीम पर आलोक के बच्चों ने दी भव्य रंगारंग प्रस्तुति

7 Min Read
Rajsamand

राजसमंद (Rajsamand) आलोक स्कूल में आलोक संस्थान के 60 वर्ष में प्रवेश व आलोक राजसमन्द के 25वें व वन्दे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य विकसित भारत 2047 सिल्वर जुबली व डायमंड सेलिब्रेशन कार्यक्रम के अन्तर्गत छात्र-छात्राओं ने अपनी रंगारंग व देशप्रेम व भक्ति से ओतप्रोत नृत्य प्रस्तुतियों से समां बांध दिया।समारोह में मुख्य अतिथि विधायक दीप्ति माहेश्वरी, गेस्ट ऑफ ऑनर अनुराग सक्सेना- निदेशक प्रताप गौरव केंद्र उदयपुर,, विशिष्ट अतिथि सीडीओ रामेश्वर लाल, पूर्व संभापति सुरेश पालीवाल रहे व कार्यक्रम की अध्यक्षता आलोक संस्थान निदेशक डॉ प्रदीप कुमावत ने की।प्राचार्य ललित गोस्वामी ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारम्भ विधायक दीप्ति माहेश्वरी, गेस्ट ऑफ ऑनर अनुराग सक्सेना, निदेशक डा० प्रदीप कुमावत, प्रशासक मनोज कुमावत, प्रशासक निश्चय कुमावत- आलोक फतहपुरा, सहायक प्रशासक प्रतीक कुमावत- आलोक हिरणमगरी, आलोक स्कूल उदयपुरं प्राचार्य शशांक टांक, सहायक प्रशासक ध्रुव कुमावत, ने माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलन कर किया ।कार्यक्रम में करीबन कक्षा नर्सरी से कक्षा 12 तक के 1100 से अधिक छात्र-छात्राओं ने अपनी भव्य रंगारंग नृत्य की प्रस्तुति देकर दर्शकों को भी थिरकने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत कक्षा 11 की छात्राओं द्वारा वंदना नृत्य की प्रस्तुति से हुयी। माँ शारदे की वंदना से बच्चों ने आध्यात्म का माहौल बना दिया । किड्स प्लेनेट के नन्हे-मुन्नों ने , इंग्लिश सॉन्ग व जंगल थीम, व एयर थीम पर डांस पर शानदार प्रस्तुति देकर जमकर तालियाँ बटोरी। कक्षा 1 से कक्षा 8 तक बच्चों ने शिव तांडव, इंडियन फेस्टिवल, कल, आज और कल, गुरुकुल एंड टीचर स्टोरी, रामकथा, कृष्णलीला, दशावतार, देवी स्तुति विषय पर आधारित नृत्यों की प्रस्तुति देख विद्यालय प्रांगण में बैठे असंख्य दर्शक भावविभोर होकर देर तक तालियां बजाते रहे । भारत के विभिन्न त्योहारों की झांकी, भगवान भोलेनाथ का तांडव नृत्य, बीते जमाने व आज के जमाने की तस्वीर, गुरु व शिष्य का संबंध, भगवान श्रीराम का वनवास,सीता हरण, रावण वध व रामराज की स्थापना, भगवान कृष्ण की विभिन्न लीलाओं के दर्शन, मां दुर्गा के नौ रूपों के साक्षात दर्शन, महिषासुर वध, दशावतार में भगवान विष्णु के दसों अवतारों के दर्शन की झांकी बताकर बच्चों ने अपनी नृत्य प्रतिभा का कुशलतापूर्वक परिचय देकर आध्यात्म का वातावरण बना दिया । चार घंटे तक चले इस भव्य कार्यक्रम में दर्शक अपनी जगह से हिले तक नहीं । अन्तिम प्रस्तुति मे कक्षा 9 से 12 के सीनियर विद्यार्थियों ने सभी के मन मे देशप्रेम का जज्बा कायम कर कर दिया । एक भारत, श्रेष्ठ भारत, विकसित भारत 2027 की थीम पर सजे इस कार्यक्रम में स्वयं भारत माता बनी छात्राओं ने स्वयं अपनी जुबानी से अपना गौरवपूर्ण इतिहास, समृद्ध वर्तमान व विकसित भविष्य की गाथा सुनाई । बच्चों ने वीर महाराणा प्रताप, पेशवा बाजीराव, झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, फ्रीडम फाइटर, कोरोना पर विजय, विकसित भारत को जीवंत रूप से प्रकट करते हुए बच्चों ने अपनी प्रस्तुतियों से हर तरफ देशप्रेम की लहर उमड़ा दी । देश प्रेम की भावना को देखकर सभी दर्शक स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान में नतमस्तक हुए। । सम्पूर्ण कार्यक्रम का संचालन 50 छात्र-छात्राओं ने बड़े ही आत्मविश्वास के साथ करके कार्यक्रम में रौनक जगा दी ।प्राचार्य ललित गोस्वामी ने स्वागत उद्बोधन व वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत कर विद्यालय की गतिविधियों का विवरण प्रस्तुत किया। इस अवसर पर एक विडियो के माध्यम से आलोक की सम्पूर्ण गतिविधियों को दर्शाया गया ।इस अवसर पर मुख्य अतिथि राजसमन्द विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने सभी बच्चों को बधाई देते हुए कहा कि आलोक शिक्षा के साथ साथ बच्चों को संस्कृति व परम्पराओं की भी शिक्षा प्रदान कर रहा है जो कि आज के दौर में नवीन पीढ़ी के लिये बहुत जरुरी है। शिक्षा के क्षेत्र में आलोक संस्थान ने एक ऊँचा मुकाम पाया है। उन्होंने राष्ट्र की एकता व अखण्डता के लिए राष्ट्र प्रेम की भावना को आत्मसात करने का संदेश दिया । वर्तमान समय मे हमें नवाचार, कर्मशीलता और सकारात्मक सोच के साथ राष्ट्र निर्माण के संकल्प को साकार करने की दिशा में निरंतर प्रयास करना चाहिए ।कार्यक्रम के गेस्ट ऑफ ऑनर प्रताप गौरव केंद्र के निदेशक अनुराग सक्सेना ने बच्चों की भावपूर्ण प्रस्तुतियों से अभिभूत होकर कहा कि इस कार्यक्रम में आध्यात्म व देशभक्ति का भाव प्रकट करके बच्चों ने समाज को एक बहुत बड़ा संदेश दिया है । निदेशक डॉ प्रदीप कुमावत ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुये कहा कि संस्थान ने आलोक संस्थान के 60वें वर्ष में प्रवेश व आलोक राजसमन्द के 25 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में बच्चों को अपनी बेहतरीन प्रतिभा दर्शाने के लिए एक नया प्लेटफॉर्म दिया है और बच्चों ने भी अपनी कड़ी मेहनत करके एक से बढ़कर एक प्रस्तुति देकर कार्यक्रम की शान बढ़ायी है। आलोक हमेशा से ही शिक्षा के साथ साथ सामाजिक सेवा, देश सेवा, संस्कार, संस्कृति व परम्पराओं को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहा है। हम गौरवान्वित हैं कि मेवाड़ व महाराणा प्रताप की इस वीर भूमि पर जन्म लेकर अपना कर्म कर रहे हैं ।प्रशासक मनोज कुमावत, प्रशासक निश्चय कुमावत सहायक प्रशासक प्रतीक व ध्रुव कुमावत ने मुख्य अतिथि विधायक दीप्ति माहेश्वरी, गेस्ट ऑफ ऑनर अनुराग सक्सेना, विशिष्ट अतिथि जिला शिक्षा अधिकारी रामेश्वर लाल, को उपरणा, शॉल, पहनाकर व पुष्पगुच्छ व मोमेंटो प्रदान कर उनको सम्मानित किया ।समारोह में आलोक राजसमन्द के करीबन 40 पूर्व विद्यार्थियों को भी मंच पर सम्मानित किया जिन्होंने शिक्षा, खेल, व्यापार, स्टार्टअप, कानून, चिकित्सा, समाज सेवा के क्षेत्र में अपना उल्लेखनीय कार्य कर रहे है । सभी को अतिथियों ने मंच पर उपरणा पहनाकर व मोमेंटों प्रदान कर सम्मानित किया ।कार्यक्रम के अन्त में सहायक प्रशासक धुव कुमावत ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। कार्यक्रम में विशेष सहयोग देने पर आलोक की पूर्व छात्रा व कोरियोग्राफर अंजली कुमावत व पलक सालवी , को मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया ।

रिपोर्ट – नरेंद्र सिंह खंगारोत

Share This Article
Follow:
Jagruk Times is a popular Hindi newspaper and now you can find us online at Jagruktimes.co.in, we share news covering topics like latest news, politics, business, sports, entertainment, lifestyle etc. Our team of good reporters is here to keep you informed and positive. Explore the news with us! #JagrukTimes #HindiNews #Jagruktimes.co.in
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Exit mobile version