राजसमंद (Rajsamand) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में गिलुंड मण्डल का विराट हिन्दू सम्मेलन गिलुंड में आयोजित हुआ। मुख्य वक्ता हरिशंकर ने कहा कि हमारा सौभाग्य है कि हमारा जन्म भारत में हुआ, और हमारा जन्म हिन्दू घर में हुआ, क्योंकि हिन्दू जीवन दर्शन ही हमे सिखाता है सर्वे भवन्तु सुखिन: , हिन्दू धर्म हमे सिखाता है कि पूरी पृथ्वी हमारा परिवार है और ये धरती हमारी मां है। विश्व का कोई भी देश अपनी भूमि को मां का दर्जा नहीं देता लेकिन भारत ऐसी भूमि है जहां ऋषि मुनियों ने हमे पुत्र धर्म का पालन करना सिखाया।इस अवसर पर प्रारंभ में गांव के मुख्य मंदिर मंदिर से मातृशक्ति की कलश यात्रा व शोभायात्रा प्रारंभ हुई। गिलुण्ड, कुंडिया, कोलपुरा, जवासिया, दामोदरपुरा, मालीखेड़ा, धुलखेड़ा, रगसपुरिया, आदि सहित लगभग 10 गांवों से 1000 मातृशक्ति कलश यात्रा में जबरदस्त उत्साह से सम्मिलित हुई। सभी गांव से आने वाली वाहन रैलियां गिलुंड की मुख्य शोभायात्रा में शामिल हुई और गांव के मुख्यमार्ग से शोभायात्रा निकली। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में युवक, वृद्ध, मातृशक्ति, भजनों पर नाचते हुए, उदघोष लगाते हुए चल रहे थे। वहीं विद्या निकेतन विद्यालय द्वारा सजाई गई झांकियां और अखाड़ा का कार्यक्रम शोभायात्रा में आकर्षण का केंद्र रहा। रथों के साथ शोभायात्रा में संत श्री कुशाल भारती जी महाराज, श्री रामपाल जी, श्री हितेश जी का आगमन होने और कलशयात्रा से पूरा मेंदुरिया गांव भगवामय हो गया।शोभायात्रा के बाद गांव में स्थित राजकीय विद्यालय के मैदान पर शोभायात्रा व कलश यात्रा पहुंचने पर सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ हुआ, जिसके बाद विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की एक से बढ़कर एक प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम में संत सानिध्य के साथ ही मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक श्री हरिशंकर उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता माता जी मंदिर के पुजारी लेहरू लाल खटीक ने की। पूज्य संत द्वारा समाज को संगठित होने पर जोर दिया और कहा कि हिंदू समाज को जातियों में नहीं बंटना चाहिए।हिन्दू सम्मेलन के पांडाल में जगह जगह महापुरुषों के चित्र लगाए गए। इस आयोजन के लिए कई दिनों से पूरे गांव में भगवा झंडियों फर्रियों से साज सज्जा की जा रही थी। घर घर निमंत्रण पहुंचाकर कार्यक्रम को सफल करने के लिए पूरी आयोजन समिति व हिन्दू समाज लगा हुआ था। अंत में अध्यक्ष ने सबका आभार प्रकट किया और भारत माता की आरती के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ, उसके बाद महाप्रसाद का भव्य आयोजन हुआ। करीब 2000 ग्रामवासियों ने एक साथ पंगत में भोजन करके हिन्दू समाज में आई सामाजिक समरसता का संदेश दिया।
रिपोर्ट – नरेंद्र सिंह खंगारोत
