राजसमंद (Rajsamand) मोहन लाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय, उदयपुर द्वारा ‘डॉ. सत्यनारायण का कथेतर साहित्य: समीक्षात्मक अध्ययन’ विषय पर शोधकार्य करने पर महेंद्र सिंह राजपुरोहित को पीएच.डी. की उपाधि प्रदान की गई है।विश्वविद्यालय के 33 वें दीक्षांत समारोह में रविवार को माननीय राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े के कर-कमलों से तथा उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया, प्रो. मंजु बाघमार तथा कुलगुरु की गरिमामयी उपस्थिति में राजपुरोहित को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। राजपुरोहित ने विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में सहायक आचार्य डॉ. राजकुमार व्यास ,के निर्देशन में यह शोध कार्य किया है। राजपुरोहित वर्तमान में पीएम श्री नंदलाल जोशी राउमावि, मोही राजसमंद में संस्कृत व्याख्याता के पद पर कार्यरत हैं। आप समय-समय पर विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठियों में अपने शोध पत्रों का वाचन करते रहे हैं तथा राजस्थानी फिल्म ‘नमक’ में बतौर ‘डायलॉग ट्रांसलेटर’ के रूप में अपनी पहचान बनाई है। राजपुरोहित सामाजिक सरोकारों और सेवा कार्यों से भी सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। जोधपुर जिला प्रशासन द्वारा इन्हें सामाजिक सेवा एवं चुनाव संबंधी उत्कृष्ट कार्य हेतु स्वतंत्रता दिवस पर जिला स्तर पर सम्मानित किया गया है। आपने राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों में प्रभावी मंच संचालन कर अपनी पहचान बनाई है। राजपुरोहित लंबे समय से छात्र हितों के लिए संघर्षरत संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े हुए हैं और वर्तमान में आप एबीवीपी के जोधपुर महानगर उपाध्यक्ष के दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं कैसे बढ़ता है।
रिपोर्ट – नरेंद्र सिंह खंगारोत
