
राजसमंद (Rajsamand) जिले में संचालित निजी विद्यालयों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर मोही निजी विद्यालय संगठन, जिला राजसमंद की ओर से शिक्षा मंत्री, राजस्थान सरकार के नाम एक विस्तृत ज्ञापन जिला कलेक्टर अरुण कुमार हसीजा को सौंपा गया।ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री राजस्थान, प्रमुख शासन सचिव (शिक्षा विभाग), निदेशक माध्यमिक शिक्षा, निदेशक प्रारंभिक शिक्षा एवं जिला कलेक्टर राजसमंद को भी प्रेषित की गई है।संगठन के जिलाध्यक्ष डॉ. लेखराज सिंह चौहान ने बताया कि निजी विद्यालय स्वतंत्रता के बाद से समाज के प्रत्येक वर्ग तक शिक्षा पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन वर्तमान में विभागीय नीतियों और आदेशों के कारण निजी विद्यालयों को गंभीर आर्थिक, प्रशासनिक एवं संरचनात्मक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।इससे पूर्व प्रज्ञा बिहार में आयोजित जिला स्तरीय सभा में जिले के विभिन्न निजी विद्यालयों के प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याओं पर विचार-विमर्श किया। सभा को हंसराज गिरी गोस्वामी, डॉ. लेखराज सिंह चौहान, शिवशंकर लाल सिंह झाला, विनोद व्यास, भारत कुमावत, भंवरलाल कुमावत, मुबारक सहित अन्य पदाधिकारियों ने संबोधित किया। इस दौरान जवान सिंह देवड़ा वरिष्ठ उपाध्यक्ष,ईश्वरलाल वर्मा वरिष्ठ उपाध्यक्ष, बहादुर सिंह तंवर ब्लॉक अध्यक्ष कुंभलगढ़,चम्पा लाल गायरी ब्लॉक अध्यक्ष खमनोर,चतर सिंह चौहान ब्लॉक अध्यक्ष देलवाड़ा, राकेश कुमार ब्लॉक अध्यक्ष भीम,विनोद व्यास ब्लॉक अध्यक्ष रेलमगरा , यशवन्त शर्मा ब्लॉक अध्यक्ष राजसमंद,मुबारिक अजनबी ब्लॉक अध्यक्ष आमेट,सी पी जोशी भीलवाड़ा जिला अध्यक्ष शिव शंकर पूर्बिया संगठन महामंत्री, शिव प्रसाद सनाढ्य जिला कार्यकारिणी सदस्य डॉ लेखराज सिंह चौहान जिलाध्यक्ष राजसमंद कैलाश चंद्र शर्मा भरत कुमावत सहित सैकड़ो कार्यकर्ता मौजूद थे ज्ञापन में उठाई गई प्रमुख समस्याएँ आर टी ई भुगतान में वर्षों से हो रही देरीप्री-प्राइमरीआर टी ई विद्यार्थियों का भुगतान लंबित आर टी ई यूनिट कॉस्ट वास्तविक व्यय से बहुत कमनिजी विद्यालयों पर बिना संवाद जारी अव्यावहारिक आदेश5वीं व 8वीं कक्षा की परीक्षा व्यवस्था में असमानताखेल गतिविधियों में निजी विद्यालयों के साथ भेदभावनिजी विद्यालयों के प्रति नकारात्मक वातावरण पर चिंतानिजी शिक्षकों की सेवा-सुरक्षा पर संकटसंगठन की प्रमुख मांगेंसभी लंबित आर टी ई क्लेम बिलों का शीघ्र भुगतानप्री-प्राइमरी आर टी ई भुगतान तुरंत जारी किया जाएयूनिट कॉस्ट को वास्तविक खर्च के अनुसार बढ़ाया जाएभविष्य में समयबद्ध एवं पारदर्शी भुगतान व्यवस्था लागू होअव्यावहारिक आदेशों की समीक्षा की जाएपरीक्षा, शुल्क व खेल गतिविधियों में समानता सुनिश्चित होनिजी विद्यालयों को शिक्षा व्यवस्था का सहभागी मानकर समान व्यवहार किया जाएनए आदेशों से पूर्व निजी विद्यालय संगठनों से संवाद किया जाएजिलाध्यक्ष डॉ. चौहान ने कहा कि यह ज्ञापन किसी टकराव का नहीं, बल्कि संवाद और समाधान की भावना से दिया गया है। यदि समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो इसका प्रतिकूल प्रभाव संपूर्ण शिक्षा व्यवस्था पर पड़ेगा।संगठन ने विश्वास जताया कि राज्य सरकार मांगों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेगी।
रिपोर्ट – नरेंद्र सिंह खंगारोत
