
राजसमन्द (Rajsamand) सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ और नाथद्वारा विधायक विश्वराज सिंह मेवाड़ के प्रयासों से नाथद्वारा में मेडिकल कॉलेज को लेकर एक बार फिर उम्मीद जगी है।सांसद मेवाड़ द्वारा हाल ही में लोकसभा में मामला उठाए जाने के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने सांसद मेवाड़ को पत्र प्रेषित कर बताया है कि राज्य सरकार को आवश्यक कार्यवाही हेतु अनुरोध किया गया है। दरअसल लोकसभा में शून्यकाल तथा नियम 377 के तहत सांसद ने नाथद्वारा विधानसभा क्षेत्र के गुंजोल ग्राम में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज का मुद्दा उठाते हुए कहा था कि पूर्व में भूमि आवंटन के बावजूद प्रशासनिक एवं वित्तीय कारणों से निर्माण कार्य प्रारम्भ नहीं हो सका। उन्होंने इस क्षेत्र को आर्थिक रूप से पिछड़ा बताते हुए यहां मेडिकल कॉलेज की स्थापना को अत्यंत आवश्यक बताया, जिससे आमजन को सस्ती और सुलभ चिकित्सा सेवाएं मिल सकें तथा बच्चों एवं महिलाओं को विशेष लाभ प्राप्त हो।इस पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने स्पष्ट किया कि गुंजेल ग्राम में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज एक राज्य वित्त पोषित परियोजना है तथा इसका निर्माण और संचालन राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है। मंत्रालय द्वारा 29 दिसम्बर 2025 को राजस्थान सरकार को पत्र लिखकर इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया गया है, जिससे राज्य स्तर पर प्रक्रिया आगे बढ़ने की संभावना बनी है।इसके साथ ही सांसद द्वारा राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एवं प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर को भी पत्र लिखकर मेडिकल कॉलेज को बंद न किए जाने तथा पूर्व में आवंटित भूमि पर शीघ्र स्थापना सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया था। पत्र में स्पष्ट किया गया कि यदि मेडिकल कॉलेज की स्थापना नहीं होती है तो नाथद्वारा विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा और जनमानस में नकारात्मक संदेश जाएगा।विधानसभा में विधायक मेवाड़ ने उठाई थी पुरजोर मांग, वहीं एमओयू को अंतिम रूप देने के लिए लिखा पत्र:नाथद्वारा विधायक विश्वराज सिंह मेवाड़ द्वारा भी राजस्थान विधानसभा में मेडिकल कॉलेज नाथद्वारा का कार्य जल्द शुरू करने की मांग उठाई गई थी।हाल ही में विधानसभा में मांग उठाते हुए नाथद्वारा विधायक विश्वराज सिंह मेवाड़ ने अपने वक्तव्य में कहा था, वर्ष 2023-24 में नाथद्वारा के गुंजोल में मेडिकल कोलेज के लिए भूमि आवंटित हुई थी, बाउंड्री वॉल का कार्य शुरू हुआ और शिलान्यास भी हुआ, लेकिन यह सभी कार्य बिना किसी ठोस प्लानिंग के हुए जिस वजह से अब यह काम रुका हुआ है, ऐसे में वे विश्वराज सिंह मेवाड़ सरकार से आग्रह करते हैं कि काम शुरू करें और विपक्ष को दिखाएं कि काम कैसे किया जाता है।”इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्य में आ रही प्रशासनिक बाधाओं को दूर करने के लिए नाथद्वारा विधायक विश्वराज सिंह मेवाड़ ने उप मुख्यमंत्री एवं सार्वजनिक निर्माण विभाग मंत्री दिया कुमारी तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसार को पत्र लिखकर हस्तक्षेप का आग्रह किया है।विधायक ने अपने पत्र में अवगत कराया है कि मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य राजस्थान मेडिकल एजुकेशन सोसायटी राजमेस और राजस्थान स्टेट रोड डेवलपमेंट एंड कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन लिमिटेड आरएसआरडीसी के मध्य एमओयू अंतिम रूप न लेने के कारण रुका हुआ है। इस कारण परियोजना में अनावश्यक विलंब हो रहा है।विधायक ने दोनों मंत्रियों से अनुरोध किया है कि संबंधित विभागों के बीच एमओयू को शीघ्र अंतिम रूप दिलाया जाए, ताकि मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य दोबारा शुरू हो सके और परियोजना में आगे कोई देरी न हो।सांसद-विधायक के प्रयासों से मेडिकल कॉलेज को लेकर जगी उम्मीद: राजसमन्द सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ और माननीय नाथद्वारा विधायक विश्वराज सिंह मेवाड़ की ओर से लगातार हो रहे प्रयासों के बाद नाथद्वारा में मेडिकल कॉलेज को लेकर नई उम्मीद बनी है।क्षेत्रवासियों को विश्वास है कि राज्य सरकार सकारात्मक निर्णय लेकर नाथद्वारा में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की दिशा में ठोस कदम उठाएगी, जिससे राजसमन्द जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार सुनिश्चित हो सकेगा।
रिपोर्ट – नरेंद्र सिंह खंगारोत
