जैसलमेर (Jaisalmer) भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने मंगलवार को रीको ऑफिस में बड़ी कार्रवाई की । एसीबी जोधपुर की टीम ने रीको ऑफिस के अनुभाग अधिकारी भवानीशंकर स्वामी को परिवादी से 30 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया ।एसीबी मुख्यालय के अनुसार- परिवादी की भाभी के नाम किशनघाट औद्योगिक क्षेत्र में एक प्लॉट आवंटित था, जिसे रीको ने वर्ष 2024 में निरस्त कर दिया था। अपील के बाद प्लॉट को दुबारा बहाल तो कर दिया गया, लेकिन आरोपी भवानीशंकर स्वामी पत्रावली से जुड़े दस्तावेजों को ऑनलाइन करने और मौके पर काम शुरू करने की अनुमति देने के बदले 30 हजार रुपए की मांग कर रहा था।रिश्वत की मांग से परेशान होकर परिवादी ने एसीबी जोधपुर में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत का सत्यापन होने के बाद एसीबी के उप महानिरीक्षक भुवनभूषण यादव के निर्देश पर एक टीम गठित की गई। एएसपी ओमप्रकाश चौधरी के नेतृत्व में उप अधीक्षक किशनसिंह चारण और उनकी टीम ने जाल बिछाया, जिसके बाद आरोपी को रंगे हाथों रिश्वत की राशि लेते हुए पकड़ लिया गया। एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। औद्योगिक विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विभाग में इस तरह की घूसखोरी ने विभाग की छवि पर सवाल खड़े कर दिए हैं।उन्होंने कहा कि एसीबी ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी जायज काम के लिए रिश्वत की मांग करता है, तो टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1064 या वॉट्सऐप नंबर पर निर्भय होकर सूचना दें। मामले में विभागीय स्तर पर तेजी से कार्रवाई की जाएगी और रिश्वत लेने वालों की धरपकड़ की जाएगी।
रिपोर्ट – मुकेश लाखारा
