
बाड़मेर (Barmer) स्थानीय एमबीसी राजकीय कन्या महाविद्यालय, बाड़मेर में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) एवं मतदाता साक्षरता क्लब के संयुक्त तत्वावधान में विशेष गहन सतत पुनरीक्षण कार्यक्रम (एस.आई.आर.) ” विषय पर एक प्रभावी एवं ज्ञानवर्धक जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। सत्र की अध्यक्षता प्राचार्य एवं पूर्व जिला स्वीप समन्वयक डॉ. मुकेश पचौरी ने की। अपने संबोधन में उन्होंने विशेष गहन सतत पुनरीक्षण कार्यक्रम के महत्व, उद्देश्य और संचालन प्रक्रिया पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डालते हुए बताया कि यह कार्यक्रम लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करता है तथा नागरिकों को मतदाता सूची में स्वयं को सही रूप से पंजीकृत करने का अवसर प्रदान करता है। सतत गहन पुनरीक्षण के अंतर्गत प्रत्येक पात्र नागरिक को अपनी जानकारी की पुष्टि, संशोधन एवं नाम जुड़वाने का अवसर मिलता है, जिसे गंभीरता से पूरा किया जाना चाहिए। मतदाता साक्षरता क्लब के नोडल अधिकारी जितेंद्र कुमार बोहरा ने छात्राओं को मतदान प्रक्रिया में युवाओं की सशक्त भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि युवा मतदाता देश के भविष्य का आधार हैं, इसलिए 18 वर्ष या उससे अधिक आयु वाले प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज अवश्य करवाना चाहिए। उन्होंने Enumeration Form की ऑनलाइन भरने की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज़, आयु पात्रता, मतदाता सूची में सुधार के चरण, पोर्टल और मोबाइल ऐप के उपयोग आदि सभी पहलुओं को सरल एवं व्यवहारिक तरीके से समझाया। उन्होंने कहा की आज इस देशव्यापी कार्यक्रम में हमारे बी एल ओ सबसे महत्त्वपूर्ण कड़ी के रूप में दिन और रात एक करके काम के रहे है, हमे उनका सहयोग करके इस कार्य को प्राथमिकता देनी चाहिए। एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी चेतन तिवारी ने सतत गहन पुनरीक्षण को सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़ते हुए कहा कि यह केवल नाम जोड़ने या हटाने का कार्य नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मजबूती का आधार है। उन्होंने छात्राओं से आग्रह किया कि वे समाज में जाकर लोगों को इस प्रक्रिया के महत्व से अवगत कराएँ और उन्हें समय पर ऑनलाइन पंजीयन एवं सुधार के लिए प्रेरित करें।महिला प्रकोष्ठ की संयोजक डॉ. विमला ने अपने संबोधन में महिलाओं की भागीदारी और सतत गहन पुनरीक्षण की उपयोगिता को जोड़ते हुए बताया कि जब महिलाएँ मतदाता सूची में सटीक रूप से पंजीकृत होती हैं, तभी उनका लोकतांत्रिक सशक्तिकरण वास्तविक रूप से आगे बढ़ता है। उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे अपने परिवार की महिलाओं को इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल करें।राजनीति विज्ञान विभाग के सहायक आचार्य गोपाल कृष्ण ने लोकतंत्र की मजबूती में सतत गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की मूलभूत भूमिका को स्पष्ट करते हुए कहा कि चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता तभी सुनिश्चित की जा सकती है जब मतदाता सूची पूर्ण, सटीक और अद्यतन हो। उन्होंने छात्राओं को प्रेरित किया कि वे इस अभियान को एक सामाजिक आंदोलन के रूप में अपनाएँ।अंत में राष्ट्रीय सेवा योजना के जिला समन्वयक डायालाल सांखला ने छात्राओं से एन्युमेरेशन फॉर्म स्वयं ऑनलाइन भरने के साथ-साथ अपने परिवार एवं पड़ोस के लोगों की भी सहायता करने का आह्वान किया। सत्र के अंत में सभी छात्राओं एवं स्वयंसेविकाओं ने सतत गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के प्रति जागरूक रहकर हर पात्र नागरिक को मतदाता सूची में पंजीकृत करने की जिम्मेदारी निभाने तथा जागरूक एवं जिम्मेदार मतदाता बनने का संकल्प लिया।
रिपोर्ट – ठाकराराम मेघवाल
