
बाड़मेर (Barmer) बालोतरा/गिड़ा/पाटोदी। काम के अधिकार की रक्षा को लेकर बुधवार को पाटोदी व गिड़ा मुख्यालय पर आयोजित “मनरेगा बचाओ संग्राम” में मध्यप्रदेश कांग्रेस प्रभारी एवं बायतु विधायक हरीश चौधरी ने केंद्र सरकार पर मनरेगा को चरणबद्ध तरीके से कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मनरेगा कोई साधारण योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत का संघर्ष, सम्मान और कानूनी अधिकार है, जिसने गांव के गरीब किसान और मजदूर को रोजगार की गारंटी देकर जीवन का सहारा दिया है। चौधरी ने कहा कि थार क्षेत्र जैसे सूखाग्रस्त इलाकों में मनरेगा ने गरीब परिवारों के खातों में सीधे पैसे पहुंचाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दी। जब गरीब के हाथ में काम होता है तो गांव में रोटी रहती है, इज्जत बनी रहती है और पलायन रुकता है। लेकिन आज सरकार नाम बदलने, नियमों में कटौती, भुगतान रोकने और राज्यों पर वित्तीय बोझ डालने जैसी नीतियों के जरिए मनरेगा को कमजोर करने की साज़िश कर रही है।उन्होंने बताया कि पहले एससी-एसटी व बीपीएल श्रेणी के साथ-साथ एपीएल वर्ग को भी इस योजना का लाभ मिलता था, लेकिन अब गरीब आमजन के खातों में आने वाली राशि रोकी जा रही है। पहले टांके और ग्रेवल सड़क जैसे विकास कार्यों की स्वीकृति ग्राम पंचायत स्तर पर सरपंच और स्थानीय प्रतिनिधियों द्वारा तय की जाती थी, जबकि अब यह अधिकार दिल्ली में बैठे अधिकारियों को सौंपा जा रहा है, जिससे स्थानीय स्वशासन को नुकसान पहुंच रहा है।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद उम्मेदा राम बेनीवाल ने कहा कि मनरेगा पिछले 20 वर्षों से ग्रामीण भारत की आजीविका का मजबूत आधार रहा है। यह इतना क्रांतिकारी कानून है कि इसे लागू करते समय संसद में सभी राजनीतिक दलों ने समर्थन दिया था। इस योजना से लाखों-करोड़ों श्रमिकों को रोजगार मिला और ग्राम पंचायत स्तर पर विकास कार्यों को गति मिली। इस मौके पर बालोतरा जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती प्रियंका मेघवाल, पूर्व प्रधान लक्ष्मण राम डेलू, परेउ ब्लॉक अध्यक्ष हेमन्त भाटिया, बायतु विधानसभा प्रभारी दिलीप चौधरी, NSUI जिला अध्यक्ष गिरधारीलाल चौधरी, जिला परिषद सदस्य एवं मंडल अध्यक्ष ओमप्रकाश घाट, दौलत गोदारा, दिने ख़ान मंगलिया, पूर्व प्रधान रशीदा बानों, अल्पसंख्यक कांग्रेस जिलाध्यक्ष हाजी मूसे खान, जिला परिषद सदस्य श्रीमती रुकमा देवी, युवा कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष मोहम्मद ख़ान व रोशन अली छीपा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
रिपोर्ट – ठाकराराम मेघवाल
