बाड़मेर (Barmer) माननीय राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (जिला एवं सेशन न्यायाधीश) श्रीमान् अजिताभ आचार्य द्वारा शिशुपाल गृह का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उनके साथ सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती कृष्णा गुप्ता भी उपस्थित रहीं। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य संस्थान में रह रहे बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं की गुणवत्ता की जांच करना और उनके विधिक एवं मानवीय अधिकारों का संरक्षण सुनिश्चित करना था।सुविधाओं और साफ-सफाई का सूक्ष्म अवलोकन निरीक्षण के दौरान जिलाधीश महोदय ने शिशुपाल गृह के प्रत्येक कक्ष का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने बच्चों के रहने के स्थान, शयन कक्ष, रसोई घर और स्वच्छता व्यवस्थाओं की जांच की। निरीक्षण के दौरान बच्चों को दिए जा रहे भोजन की पौष्टिकता और शुद्ध पेयजल की उपलब्धता पर विशेष जोर दिया गया। सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने संस्थान के रिकॉर्ड और रजिस्टरों की भी जांच की। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों के प्रति संवेदनशीलता और उनकी देखभाल में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने प्रबंधन को निर्देशित किया कि वे सरकार द्वारा निर्धारित मानदंडों का अक्षरशः पालन करें ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित और उज्ज्वल बन सके।निरीक्षण के दौरान अध्यक्ष, बाल कल्याण समिति दानसिंह, अधिवक्ता दीपक गोदारा (असिस्टेंट एलएडीसी) और अधिकार मित्र जसराज उपस्थित रहे।
रिपोर्ट – ठाकराराम मेघवाल
