
बाड़मेर (Barmer) बीएसएफ सीमा प्रबंधन के साथ आमजन की मदद के लिए तत्पर है। सरहदी इलाकांे मंे रहने वाले ग्रामीण सीमा प्रबंधन कार्य मंे विशेष महत्व रखते है। सीमा सुरक्षा बल गैलेंट 28 वी वाहिनी के कमांडेंट सुधीर कुमार ने सरूपे का तला मंे सिविक एक्शन के तहत आयोजित निःशुल्क चिकित्सा शिविर एवं दवाई वितरण कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणांे को संबोधित करते हुए यह बात कही।कमांडेंट सुधीर कुमार ने कहा कि सीमावर्ती गांवांे के ग्रामीण समय-समय सूचनाओं एवं जागरूकता के साथ सरहद की हिफाजत मंे महत्वपूर्ण योगदान देते है। उन्हांेने कहा कि सिविक एक्शन कार्यक्रम के माध्यम से सरहदी गांव के ग्रामीणांे, महिलाआंे एवं बच्चों को विशेष चिकित्सा अधिकारियांे की ओर से जांच एवं चिकित्सकीय सलाह के साथ दवा वितरण की जा रही है। सीमा सुरक्षा बल सीमावर्ती नागरिकों के हर सुख-दुख में साथी मानकर अपना सामुदायिक दायित्व निभा रहा है। उन्हांेने ग्रामीणांे से सतर्क रहकर किसी भी संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर समीपवर्ती बीएसएफ चौकी एवं पुलिस स्टेशन मंे देने का अनुरोध किया। उन्हांेने विद्यालय प्रशासन एवं चिकित्सा विभाग की टीम का चिकित्सा शिविर मंे सहयोग के लिए आभार जताया। इस दौरान सीमा सुरक्षा बल की गैलेंट 28 वीं वाहिनी की ओर से सिविक एक्शन प्रोग्राम के अंतर्गत राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, सरूपे का तला में निशुल्क चिकित्सा जांच एवं दवाई वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। वाहिनी कमांडेंट सुधीर कुमार तथा गैलेंट 28 के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आलोक प्रसाद ने फीता काटकर इसका विधिवत शुभारंभ किया। चिकित्सा शिविर में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आलोक प्रसाद एवं गोहड़ का तला सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के चिकित्साधिकारी डा.सत्यपाल ने करीब 303 ग्रामीणों को चिकित्सकीय जांच एवं निःशुल्क दवा वितरण सुविधा से लाभांवित किया। महिलाओं तथा बच्चों ने विशेष तौर पर कैंप में पहुंचकर सुविधा का लाभ उठाया। इस दौरान सरूपे का तला के प्रसिद्ध अलगोजा वादक सावन खान लंगा ने अलगोजा वाद्य यंत्र के जरिए विभिन्न स्वर लहरियों की प्रस्तुतियां दी। कार्यक्रम के अंत में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सरुपे का तला के प्रधानाचार्य स्वरूप सिंह ने सीमा सुरक्षा बल का आभार जताया। सीमावर्ती गांवो में जन जागरूकता, सीमा प्रबंधन कार्यों में विशेष योगदान के लिए सरूपे का तला के सरपंच प्रतिनिधि जमाल खान, लेखराज तंवर, प्रधानाचार्य स्वरूप सिंह, अलगोजा वादक सावन खान लंगा एवं चिकित्सा अधिकारियांे को वाहिनी स्मृति चिन्ह से सम्मानित किया गया।
रिपोर्ट – ठाकराराम मेघवाल
