श्री मेवाड़ा (Mewara) क्षत्रिय कलाल समाज 42 कांठा द्वारा आयोजित प्रथम सामुहिक विवाह सम्मेलन एवं श्री मेवाड़ा क्षत्रिय कलाल समाज का 111 वां सामुहिक विवाह समारोह ज्वालेश्वर महादेव मंदिर परिसर में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह भव्य आध्यात्मिक और सामाजिक उत्सव का साक्षी बना।सामुहिक विवाह समिति के बैनर तले आयोजित सामुहिक विवाह समारोह में श्री मेवाड़ा क्षत्रिय कलाल समाज बंधुओं सहित क्षैत्र के समाजसेवी, जनप्रतिनिधि एवं भामाशाह परिवार के सदस्य इस अनुठे सामुहिक विवाह समारोह में नवदम्पत्तिओं कों आशीर्वाद देने ज्वालेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण जवाली पहुंचे। सम्मेलन में पाली जिले के अलावा गुजरात, महाराष्ट्र व राजस्थान से बड़ी संख्या में सर्व समाजबंधुओं ने वैवाहिक बंधन में बंधे नवदम्पत्तिओं कों आशीर्वाद दिया। दुल्हन लेने पहुंचे सभी दूल्हे पक्ष के लोग ज्वालेश्वर महादेव मंदिर परिसर पर एकत्रित हुए, फिर वहां से दुल्हन रथ मे सवार होकर- दूल्हे घोड़े पर सवार होकर बैंड बाजे के साथ फेरा स्थल पहुंचे, जहां समिति के सदस्यों के साथ दूर दराज से पहुंचे समाज बन्धुओं एवं वधु पक्ष के लोगों द्वारा फूल मालाओं से साथ उनका भव्य स्वागत किया गया। मंदिर परिसर मे आयोजित हुए इस अनूठे विवाह सम्मेलन को देखने के लिए हजारों की संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। आयोजित विवाह सम्मेलन में समिति अध्यक्ष भीकमचंद मेवाड़ा जवाली, कोषाध्यक्ष बाबुलाल नयागांव, मिश्रीमल धामली, दिलीप मेवाड़ा सोनाई मांझी, केसाराम आऊवा, रामलाल बुसी सहित समिति के सदस्यों ने सामारोह में पहुंचे श्री मेवाड़ा क्षत्रिय कलाल महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रकाश शाह मेवाड़ा शिवगंज,गोडवाड मेवाड़ा समाज अध्यक्ष एडवोकेट प्रकाश गहलोत फालना, घाणेराव प्रशासक चन्द्रशेखर मेवाड़ा, राष्ट्रीय प्रचारक नटवर मेवाड़ा साण्डेराव, कांतिलाल मुण्डारा, लादुराम मेवाडा सादडी, राजुभाई पदराडा, ABHYM पाली जिलाध्यक्ष महावीर मेवाडा सांडेराव,अंबालाल सोलंकी, बाबुलाल रेन्दडी,चन्द्रप्रकाश जैतारण,सुरेंद्र मेवाडा,मंजू मेवाडा जोधपुर,राष्ट्रीय प्रचारक नटवर मेवाड़ा, महिला मंडल की रीना मेवाड़ा,मेना मेवाड़ा आउवा,पोनी देवी डायलाना, तुलसी मेवाड़ा आमेट,लक्षीका जवाली सहित उपस्थित अतिथियों के साथ भामाशाह परिवार का राजस्थानी परंपरा अनुसार चुनरी साफा पहनाकर फुल मालाओं से जोरदार स्वागत किया गया।सामुहिक विवाह समारोह का शुभारंभ समिति के अध्यक्ष के साथ गणमान्य व्यक्तियों ज्वालेश्वर महादेव मंदिर मे पूजा-पाठ,आरती कर पुष्प अर्पित कर किया। सम्मेलन के दौरान सभी 11 जोड़ों को विवाह के बंधन में बांधने के लिए अलग-अलग मंडप सजाए गए, जहां पूरे विधि विधान के साथ शादी संपन्न कराई गई। समिति के द्वारा इस सम्मेलन के दौरान सभी 11 वर वधुओं को कन्यादान के साथ उपहार में बेड,कूलर,अलमारी, 55 तरह के उपहार स्वरूप पंलग गद्दा कंबल ताकिया सहित,फ्रिज,अलमारी, वाटर कूलर,घरेलू बर्तन,सिलाई मशीन, आरती की थाली सैट कलश,तथा 3 सोने का आभूषण तथा चार चांदी के आभूषण के अलावा अन्य सामान दिए गए। भामाशाह भंवरलाल सोलंकी,लालचंद, भीकमचंद परिवार द्वारा बारातियों व वधू पक्ष के लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था भी की गई। शादी सम्पन्न होने के बाद सभी नव विवाहित जोड़ों को संस्था के सदस्यों और उनके परिजनों द्वारा रीति रिवाज के अनुसार विदाई दी।*आपसी प्रेम और भाईचारे को मजबूत करते हैं ऐसे आयोजन- प्रकाश चौधरी*समारोह में उमड़े विशाल जन समूह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि बड़ी सादड़ी के विधायक प्रकाश चौधरी ने कहा की ये सामूहिक विवाह समारोह केवल पारिवारिक आयोजन नहीं हैं, बल्कि यह समाज में आपसी प्रेम,भाईचारे और एकजुटता को और भी मजबूत करने का एक सशक्त माध्यम हैं।”उन्होंने कहा कि वे व्यक्तिगत रूप से समाज के बीच सौहार्द स्थापित करने के मिशन के लिए समर्पित हैं, ताकि यह क्षेत्र एकता की मिसाल कायम कर सके।श्री मेवाड़ा क्षत्रिय कलाल समाज कं राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रकाश शाह मेवाड़ा ने कहा कि कहा कि ऐसे आयोजनों से न केवल सामाजिक कुरीतियों और फिजूलखर्ची पर रोक लगती है, बल्कि यह हमारी भावी पीढ़ियों के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण भी प्रस्तुत करते हैं।ब्रह्माकुमारी सेवा संस्था द्वारा सामूहिक विवाह सम्मेलनों के दौरान आध्यात्मिक जागरूकता फैलाने के लिए 12 ज्योतिर्लिंगों की अलौकिक झांकी सजाई जाती है। संस्था का मुख्य उद्देश्य इन आयोजनों के माध्यम से फिजूलखर्ची को रोकना और वैवाहिक जीवन में आध्यात्मिक मूल्यों का समावेश करना है। 12 ज्योतिर्लिंग दर्शन: विवाह स्थल पर एक विशेष दीर्घा (गैलरी) बनाई जाती है जहाँ भारत के प्रसिद्ध 12 ज्योतिर्लिंगों की सुंदर प्रतिकृतियां सजाई |
रिपोर्ट – नटवर मेवाड़ा
