राजसमन्द (Rajsamand) जिला मुख्यालय पर धोइन्दा रिको औद्योगिक क्षेत्र से सटे खेडाणा गांव स्थित श्रीजी धेनूधाम एवं पक्षी सेवा संस्थान पहुंचे स्थानीय जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने वहां संचालित व्यवस्थाएं देखी एवं पक्षी व गौसेवा को लेकर चल रहे कार्यो की जानकारी ली। बामनहेड़ा ग्राम पंचायत प्रशासक गोपाल जोशी, हरिशंकर जोशी, लालचंद, मांगीलाल जोशी, इंद्रलाल, डालचंद बंजारा, विष्णुलाल जोशी, प्रवीण जोशी, नानालाल, पंकज जोशी, सोहन लाल गमेती, हितेश पालीवाल आदि के साथ स्थानीय क्षेत्र से कई प्रतिनिधि बुधवार शाम गौशाला पहुंचे। उन्होंने वहां गौमाता, गोवंश व पक्षियों के आवास गृह, आहार, पेयजल, सेवा-सुश्रुषा आदि व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। विशेष रूप से रेस्क्यू कर लाए गए दुर्घटनाग्रस्त व बीमार गोवंश व पक्षियों के उपचार के बारे में जानकारी ली। इस दौरान संस्थान संचालक कन्हैया पालीवाल धोइन्दा ने उन्हें बताया कि अब तक सड़क हादसों में घायल व बीमार करीब 180 गौमाता, गोवंश व पक्षियों को रेस्क्यू कर यहां लाकर उपचार किया गया है। इनमें से करीब 50 गौमाता, गोवंश व एक खच्चर वर्तमान में चिकित्सक की देखरेख में उपचाररत है जिनकी सेवा की जा रही है। पक्षियों में मोर, तोता, चिड़िया व कबूतर रेस्क्यू किए गए तथा पूर्ण स्वस्थ होने पर इन्हें स्वतंत्र कर दिया जाता है। उन्होंने बताया कि कहीं से गोवंश व पक्षियों के दुर्घटनाग्रस्त या बीमार होने की सूचना मिलते ही कार्यकर्ता तत्परता से पहुंच जाते है तथा यहां लाकर उपचार किया जाता है। सेवा कार्यो में आ रही दिक्कतों से अवगत कराते हुए बताया कि एम्बुलेंस के अभाव में गोवंश को लाने में बेहद कठिनाई होती है। किराए के ऑटो की व्यवस्था है लेकिन तत्काल रेस्क्यू कर पाना मुश्किल होता है तथा उपचार में देरी के कारण कई बार गोवंश काल कलवित हो जाता है जो दुखदायी होता है। एम्बुलेंस की सख्त आवश्यकता को देखते हुए जन सहयोग जुटाने के प्रयास चल रहे है। इस दौरान सरपंच गोपाल जोशी सहित प्रतिनिधियों ने कहा कि एम्बुलेंस उपलब्ध होने पर निश्चित रूप से और बेहतर सेवा कार्य हो पाएंगे। सभी ने निरीह प्राणियों की चल रही सेवा पर प्रसन्नता जताते हुए सराहना की एवं उक्त पुनीत कार्य में हर सम्भव सहयोग देने का विश्वास दिलाया। साथ ही गौ आवास व आहार भण्डारण के लिए नए टिनशेड निर्माण, सुदृढ़ जल व्यवस्था व सुव्यवस्थित पक्षी आवास गृह निर्माण आदि पर भी चर्चा की गई।
रिपोर्ट – नरेंद्र सिंह खंगारोत
