
राजसमंद (Rajsamand) कुंवारिया तहसील क्षेत्र के फियावड़ी गांव में आस्था, श्रद्धा और भक्ति का अनुपम संगम देखने को मिलेगा। यहाँ 11फरवरी से मेवाड़ के महाकुंभ शुरू होने जा रहा है इसमें एक हजार से लेकर पंद्रह सौ की संख्या में संत महंत शिरकत करेंगे, वर्षों से पहाड़ी पर ओटले पर विराजित श्री मंगरी श्याम भैरवनाथ अब भव्य मंदिर में विराजमान होने जा रहे हैं। बावजी के स्वप्न आदेश से प्रारंभ हुआ यह मंदिर निर्माण कार्य करीब पांच वर्षों में पूर्ण हुआ है, जिसके उपलक्ष्य में 11 फरवरी से 20 फरवरी तक दस दिवसीय भव्य प्राण प्रतिष्ठा एवं धार्मिक महोत्सव का आयोजन किया जाएगा।श्री मंगरी श्याम भैरवनाथ के अनन्य भक्त कान्हा राजगुरु ने बताया कि लंबे समय से भक्त मंदिर निर्माण की कामना कर रहे थे, लेकिन बावजी द्वारा पाती नहीं मिलने के कारण निर्माण संभव नहीं हो पा रहा था। करीब पांच वर्ष पूर्व भैरवनाथ ने मुख्य भोपाजी किशन गाडरी को स्वप्न में दर्शन देकर भव्य मंदिर निर्माण का आदेश दिया। इसके बाद गांव के भामाशाहों एवं ग्रामीणों के सहयोग से मंदिर निर्माण का संकल्प लिया गया, जो अब पूर्णता को प्राप्त हो चुका है।गणपति स्थापना से होगा महोत्सव का शुभारंभमहोत्सव का शुभारंभ बुधवार 11 फरवरी को प्रातः 9 बजे शुभ मुहूर्त में गणपति स्थापना एवं अनुष्ठान के साथ होगा। 12 फरवरी को फियावड़ी के हनुमान मंदिर से विशाल कलश एवं शोभायात्रा निकाली जाएगी, जो लगभग तीन किलोमीटर का मार्ग तय कर श्री मंगरी श्याम भैरवनाथ मंदिर पहुंचेगी। इस शोभायात्रा में कुंवारिया, आमेट से लेकर नाथद्वारा तक की 5100 महिलाएं सिर पर कलश धारण कर भाग लेंगी।भागवत कथा व संतों का सान्निध्यकलश यात्रा के पश्चात भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह का शुभारंभ होगा। वृंदावन धाम के प्रसिद्ध कथा वाचक श्री देवकीनंदन ठाकुर दोपहर 1 से शाम 4 बजे तक भागवत कथा का रसपान कराएंगे। वहीं 18 से 20 फरवरी तक देवी श्री चित्रलेखा के मुखारविंद से अपरान्ह 3 से शाम 6 बजे तक दिव्य सत्संग आयोजित होगा।इसके साथ ही 13 से 15 फरवरी तक हरिद्वार स्थित श्री सिद्ध पीठ दक्षिण काली मंदिर के निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर डॉ. स्वामी कैलाशानंद गिरि का दिव्य आशीर्वचन भी प्राप्त होगा। महोत्सव में आवरी माता झड़ोल आश्रम के महामंडलेश्वर महंत सीतारामदास, महंत दिगंबर कुशाल भारती एवं सूरजकुंड आश्रम कुंभलगढ़ के महंत अवधेश चैतन्य का सान्निध्य रहेगा। यज्ञाचार्य पंडित राहुल महाराज होंगे।-9 दिन तक गूंजेगी भजन संध्या-प्रतिष्ठा महोत्सव के अंतर्गत 11 से 19 फरवरी तक प्रतिदिन रात 8 बजे से भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। इसमें आशा वैष्णव, जगदीश वैष्णव, राधेश्याम वैष्णव, गोवर्धन जाट, भगवत सुथार, मोईनुद्दीन मनचला, दिलीप गवैया, प्रकाश माली, पिंटू सेन सहित दिल्ली के कलाकारों द्वारा महाकाल की झांकी प्रस्तुत की जाएगी। अंतिम दिनों में छोटूसिंह रावणा, नरेश प्रजापत, मधुबाला राव, गोकुल शर्मा एवं महावीर सांखला भजनों की प्रस्तुति देंगे।25 हजार श्रद्धालुओं की व्यवस्थामहोत्सव को लेकर विशाल पंडाल का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें एक साथ करीब 25 हजार श्रद्धालु बैठ सकेंगे। साथ ही भोजनशाला में प्रतिदिन शाम 4 बजे से महाप्रसादी का आयोजन होगा। आयोजन की सभी व्यवस्थाओं के लिए अलग-अलग समितियों का गठन किया गया है। प्रसाद वितरण व व्यवस्थाओं के लिए इंदौर से 200 कार्यकर्ताओं की विशेष टीम भी बुलाई गई है।20 फरवरी को होगी प्राण प्रतिष्ठा16 फरवरी को प्रातः 8 बजे जल यात्रा, हेमाद्री एवं मंडप प्रवेश के साथ अग्नि स्थापना एवं यज्ञ प्रारंभ होगा। 20 फरवरी को शुभ मुहूर्त में प्रातः 9 बजे मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा के साथ महोत्सव की पूर्णाहुति होगी। समारोह को लेकर मंदिर के भोपाजी किशन लाल गायरी, कान्हा राजगुरु, ओम व्यास, संतोष राजगुरु प्रशासक सरपँच सुरेश चन्द्र चौधरी, राहुल कुमार, उदयलाल गायरी, कन्हैया गायरी सहित सैकड़ो ग्रामीणों द्वारा तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया।
रिपोर्ट – नरेंद्र सिंह खंगारोत
