राजसमंद (Rajsamand) लगभग 1000 से अधिक सखियों ने बड़े उत्साह से हिस्सा लियामहिलाओं की पहुंच से कुछ भी दूर नहीं है, बस आगे बढ़ने का पक्का इरादा चाहिए। यह जज्बा हिंदुस्तान जिंक से जुड़ी सखी महिलाओं में दिखती है जो स्वयं की सशक्तिकरण की यात्रा से दूसरों को प्रेरित करती रहती हैं। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राजपुरा दरीबा कॉम्प्लेक्स में वेदांता स्टेडियम रेलमगरा में हिंदुस्तान जिंक एवं मंजरी फाउंडेशन द्वारा आयोजित सखी उत्सव में हर सखी को और भी अधिक महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आईबीयू सीईओ राजपुरा दरीबा काॅम्प्लेक्स मानस त्यागी ने कहा कि महिलाओं द्वारा की गई बचत और लोन वापसी उनकी कीमत और लगन को दर्शाता है। उन्होंने पिछले 1 साल से हिन्दुस्तान जिंक के सखी परियोजना के अंतर्गत संचालित सरनी परियोजना में ग्राम पंचायतों की 2600 सखी बहनों ने सराी समूहों में संगठित होकर स्वयं को सक्रिय और सशक्त किया है। 1 करोड़ 17 लाख की बचत से अब तक आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाया है। उन्होंने हर्ष जताया कि सखी बहने आर्थिक तौर पर आत्मनिर्भर बन छोटे-छोटे उद्यम लगाकर सफल व्यवसायी बन परिवार को आर्थिक रूप से संबल प्रदान कर रही है। ये सारी सफलता और ताकत आपने अपनी एकता, कटिबद्धता, अनुशासन और लगातार नियमित मेहनत से ही हासिल की है, हम देश की आधी आबादी को ऐसे अवसर प्रदान कर रहे हैं जिससे वे खुद स्वावलंबी होकर पूरे समाज और देश को एक नई पहचान और दिशा दे रही है। इस अवसर पर डिप्टी आईबीयू सीईओ सचिन देशमुख ने कहा कि महिलाएं सामाजिक और सामुदायिक विकास में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और उन्होंने महिलाओं को आजीविका से जुड़े और काम करने के लिए प्रेरित किया और वहां मौजूद महिलाओं और उनके द्वारा किए गए काम की सराहना की।कार्यक्रम में डीएससी यूनिट हेड दीपकुमार अग्रवाल, आरडीएम यूनिट हेड देबांशु चटर्जी, डिप्टी हेड डीएससी अमीत वाली, हेड सीएसआर अभय गौतम, सेफ्टी हेड मोहन फरताड़े, एचआर हेड एसके माइंस आलोक जैन एवं एग्जीक्यूटिव लेडीज क्लब राजपुरा दरीबा कॉम्प्लेक्स की सदस्य मौजूद थीं।सुबह सखी उत्सव में रस्सा कस्सी, कबड्डी, म्यूजिकल चेयर, चम्मच गोला दौड़, मटकी दौड आदि प्रतियोगिताओं का आयोजन किया, एसएचजी के लाभ के बारे में उठोरी कार्यक्रम के तहत नाटक का मंचन किया गया। भजन कीर्तन और राजस्थानी गानो पर नृत्य, महिलाओं का उत्साह देखते ही बनता था। बढ़ते तापमान के बवजूद उत्साह में कोई कमी नहीं थी। कार्यक्रम का आयोजन सी.एस.आर. के तहत किया गया, जिसमें 1000 से अधिक सखी, ग्रामीण महिलाएं, महिला कर्मचारी और जिंक परिवार के सदस्यों ने परिवार, समाज और देशों को मजबूत करने का प्रयास किया। खेल प्रतियोगिता की प्रतिभागियों और विजेता महिलाओं को पुरस्कृत किया गया। सखी उत्सव में सखी समृद्धि समिति, सखी महासंघ की अध्यक्ष पूजा कुंवर ने वर्ष भर की परियोजना की जानकारी दी।समूह की महिलाओं द्वारा लोक नृत्य और लोकलुभावन सांस्कृतिक प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम के साथ ही सीएसआर के परियोजनों सखी, एमएचवी, समाधान, जिंक कौशल शिक्षा संबल, माइक्रोइंटरप्राइजेज के उत्पादों एवं कार्यो की जानकारी स्टॉल के माध्यम से दी गई। हिंदुस्तान जिंक द्वारा 5 जिलों उदयपुर, राजसमंद, भीलवाड़ा, अजमेर, चित्तौडगढ़ और उत्तराखंड के पंतनगर में सखी कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। देश की सबसे बड़ी और विश्व की दूसरी सबसे बड़ी एकजुट जिंक उत्पादक कंपनी हिंदुस्तान जिंक द्वारा सखी और सूक्ष्म उद्यम कार्यक्रमों के माध्यम से, हिंदुस्तान जिंक आर्थिक सशक्तिकरण, साक्षरता और कौशल निर्माण सहित समेकित विकास का एक पारिस्थितिक तंत्र निर्मित कर रहा है। सखी उत्पादन समिति के अंतर्गत सूक्ष्म क्विंटल ने 14 उत्पादन इकाइयां और 208 स्टोर स्थापित किए हैं। खाद्य पदार्थ के दाईची और वस्त्र के उपाया ब्रांड के माध्यम से ग्रामीण बाजारों के साथ मजबूत संबंध स्थापित हुए हैं। लैंगिक समानता, सजातीय कार्य, आर्थिक विकास और असमानताओं को कम करने पर संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप, इस पहल ने 184 से अधिक गांवों में 203 गांव संगठन 2,1607 स्वयं सहायता समूहों की 25,488 से अधिक महिलाओं को सशक्त बनाया है।
रिपोर्ट – नरेंद्र सिंह खंगारोत
