
राजसमंद (Rajsamand) देशभर के किसानों के लिए केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) का दायरा बढ़ा दिया है। अब जंगली जानवरों द्वारा फसल नुकसान और जलभराव से होने वाला नुकसान भी फसल बीमा के अंतर्गत शामिल कर लिया गया है। यह निर्णय खरीफ 2026 से लागू होगा।इस महत्वपूर्ण फैसले में राजसमंद सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ की सक्रिय भूमिका रही है। राजसमंद के किसानों को होने वाले लगातार फसल नुकसान को देखते हुए सांसद महिमा मेवाड़ ने सितंबर 2025 में कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को विस्तृत पत्र लिखकर जंगली सूअर व अन्य जंगली जानवरों द्वारा फसल नुकसान को फसल बीमा के दायरे में शामिल करने का अनुरोध किया था।सांसद महिमा मेवाड़ ने अपने पत्र में लिखा था कि—“राजसमंद सहित देशभर के किसानों को जंगली जानवरों, विशेषकर जंगली सूअर, से भारी नुकसान होता है और यह नुकसान फसल बीमा के दायरे में नहीं आने के कारण किसानों को किसी प्रकार की सहायता नहीं मिल पाती। किसानों की आजीविका और कृषि क्षेत्र की स्थिरता के लिए इस नुकसान को बीमा कवरेज में शामिल किया जाना अत्यंत आवश्यक है।”केंद्र सरकार द्वारा इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए अब इसे ‘स्थानीयकृत जोखिम’ श्रेणी के पाँचवें ऐड-ऑन कवर के रूप में शामिल किया गया है। नई व्यवस्था के तहत: यदि किसी बीमित किसान की फसल को जंगली जानवर नुकसान पहुँचाते हैं, तो किसान 72 घंटे के भीतर फसल बीमा ऐप पर जियो-टैग्ड फोटो के साथ क्लेम दर्ज कर सकेगा। राज्य सरकारें प्रभावित क्षेत्रों की पहचान करेंगी और नुकसान पहुँचाने वाले जानवरों की सूची भी जारी करेंगी।सांसद का वक्तव्य इस महत्वपूर्ण निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ ने कहा—“यह हर उस किसान के लिए बड़ी राहत है जिसने वर्षों तक जंगली जानवरों से नुकसान सहा लेकिन उसे बीमा सहायता नहीं मिली। मैं राजसमंद के किसानों की समस्याओं को संसद और मंत्रालय तक पहुँचाती रही हूँ। केंद्र सरकार द्वारा इस निर्णय को लागू करना लाखों किसानों के लिए सुरक्षा कवच का काम करेगा।”
रिपोर्ट – नरेंद्र सिंह खंगारोत
