राजसमंद (Rajsamand) ये हाथ हैं राजसमंद की राजीविका की स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के जिन्होंने अपने सपनों को भी गुलाल की तरह बारीक पीसकर उम्मीद के रंगों में बदल दिया है, और अब ये रंग राजीविका के माध्यम से घर-घर पहुँचने को तैयार हैं।कभी घर की देहरी तक सीमित रहीं ये महिलाएं आज नीम की पत्तियों, गुलाब की पंखुड़ियों, सीताफल और पलाश के फूलों से हर्बल गुलाल तैयार कर रही हैं। ये सिर्फ रंग नहीं है यह उनकी मेहनत, आत्मनिर्भरता और सम्मान का प्रतीक है। हर कण में प्रकृति की सौंधी महक है, हर पैकेट में एक परिवार की मुस्कान।केमिकल से मुक्त ये गुलाल त्वचा को नहीं, रिश्तों को रंगता है। इस होली, चुनिए ऐसा रंग जो प्रकृति से जुड़ा हो, जो सुरक्षित हो, जो स्वदेशी हो। इस होली, रंगों के साथ आत्मनिर्भरता भी घर लाइए। इसमें महिला सशक्तिकरण भी है तो वॉकल फॉर लोकल का संकल्प भी।राजीविका और जिला प्रशासन राजसमंद के संयुक्त तत्वावधान में राजसखी मेले का आयोजन 22 से 28 फरवरी 2026 तक द्वारकेश वाटिका में किया जा रहा है। यह मेला केवल खरीदारी का अवसर नहीं, बल्कि महिला स्वावलंबन, स्थानीय हुनर और आत्मनिर्भर राजस्थान का उत्सव होगा।मेले में राजसमंद सहित प्रदेशभर की राजीविका स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए 100 से अधिक उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध रहेंगे। हस्तशिल्प, घरेलू उपयोग की वस्तुएं, हर्बल उत्पाद, पारंपरिक खाद्य सामग्री, सजावटी आइटम और प्राकृतिक रंगों जैसे अनेक आकर्षक उत्पाद यहां एक ही स्थान पर मिलेंगे।शुक्रवार को जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा ने जिला परिषद सभागार में राजीविका एसएचजी द्वारा तैयार चार विशेष गिफ्ट हेम्पर को लॉन्च किया। जिला परियोजना प्रबंधक डॉ सुमन अजमेरा ने बताया कि 500 रुपए के गिफ्ट हैम्पर में 5 गुलाल, 1 चकली, 1 मठड़ी, 1 ठंडाई, 1 हर्बल सोप, गुलाब शर्बत, गुलाबजल आकर्षक जुट के बैग में दिए जाएंगे। इसी तरह 300 रुपए के गिफ्ट हैम्पर में 4 हर्बल गुलाल, 1 चकली, 1 गुलाब शर्बत, 1 बैंगन टीका, 1 साबुन जुट के आकर्षण बेग में दिए जाएंगे। इसी प्रकार 200 रुपए के गिफ्ट हेम्पर में जुट के बेग में चार हर्बल गुलाल और 70 रुपए के गिफ्ट हैम्पर में दो हर्बल गुलाल के पैकेट दिए जाएंगे। जिला कलक्टर ने गिफ्ट हेम्पर लॉन्च करते हुए आमजन से राजसखी मेले में परिवार सहित लाभ लेने और गिफ्ट हेम्पर खरीद कर अपनों को उपहार देने की अपील की है।
रिपोर्ट – नरेंद्र सिंह खंगारोत
