
भीलवाड़ा (Bhilwara) राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री एवं असम के पूर्व राज्यपाल स्वर्गीय शिवचरण माथुर की 100वीं जयंती पर शनिवार को महिला आश्रम कॉलेज परिसर स्थित मूर्ति स्थल पर पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, राजस्थान सरकार के पूर्व मंत्री एवं भीलवाड़ा देहात कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रामलाल जाट, हगामी लाल मेवाड़ा, महिला आश्रम संस्था के अध्यक्ष विष्णु माथुर, संस्था की सचिव वंदना माथुर, संस्था की डायरेक्टर विभा माथुर, नगर विकास न्यास के पूर्व अध्यक्ष कैलाश व्यास एवं अक्षय त्रिपाठी ने पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि उनका सौभाग्य है कि उन्हें स्वर्गीय शिवचरण माथुर की 100वीं जयंती के उपलक्ष्य में यहां आने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रहते हुए स्वर्गीय शिवचरण माथुर ने राजस्थान की जो सेवा की, वह आज इतिहास में दर्ज है। उन्होंने महिला शिक्षा के क्षेत्र में जो मील का पत्थर स्थापित किया, उसका उदाहरण महिला आश्रम जैसे संस्थान हैं, जहां छात्राएं केजी में प्रवेश लेकर डिग्री एवं तकनीकी कोर्स पूर्ण कर आगे बढ़ती हैं। संस्था की सचिव वंदना माथुर ने बताया कि स्वर्गीय माथुर साहब का जन्म 14 फरवरी 1926 को मध्यप्रदेश के गुना जिले के छोटे से गांव मढ़ी कानूनगो में हुआ था। विपरीत पारिवारिक परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने माणिक्यलाल वर्मा के साथ रहकर स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लिया। आजादी के बाद उन्होंने नगरपालिका चेयरमैन से लेकर सांसद, दो बार राजस्थान के मुख्यमंत्री तथा असम के राज्यपाल तक का सफर तय किया। संस्था की डायरेक्टर विभा माथुर ने बताया कि माथुर साहब सदैव नारी शिक्षा के प्रबल समर्थक रहे तथा उन्होंने कुरीतियों एवं सामाजिक बुराइयों का विरोध किया। उनके कार्यकाल में कई बांधों का निर्माण हुआ, बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया, रेलवे लाइन का विस्तार हुआ, डेयरी उद्योग को बढ़ावा मिला तथा भीलवाड़ा को टेक्सटाइल सिटी बनाने में उनका विशेष योगदान रहा। उन्होंने शिक्षा जगत को भी महत्वपूर्ण उपलब्धियां प्रदान कीं। वे सदैव देश एवं प्रदेश की उन्नति के लिए प्रयत्नशील रहे। महिला आश्रम संस्था को विकसित एवं सशक्त बनाने में उनका विशेष योगदान रहा। उन्होंने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें गर्व होना चाहिए कि वे ऐसे संस्थान में अध्ययन कर रही हैं, जिसकी स्थापना आजादी से पूर्व हुई थी। स्वर्गीय शिवचरण माथुर को सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि महिला आश्रम की छात्राएं आगे बढ़कर देश का नाम रोशन करें। इस अवसर पर संस्था की सभी प्रवृत्तियों के प्रधान, स्टाफ सदस्य एवं छात्राएं उपस्थित रहीं।
रिपोर्ट – पपंकज पोरवाल
