बाड़मेर (Barmer) प्रवास के दौरान प्रसिद्ध भारतीय प्लेबैक सिंगर, कम्पोजर,एक्टर, प्रोड्यूसर और वॉइस एक्टर सोमेश्वर नारायण शर्मा ने शनिवार को वेलेंटाइन डे के अवसर पर सनातन संस्कृति का संदेश दिया l उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति के मूल्यों को रेखांकित करते हुए प्रेम को पवित्रता, सम्मान, परिवार और आध्यात्मिकता से जोड़ने की जरूरत है l उन्होंने युवाओं को देशभक्ति एवं धार्मिक गीतों के जरिए खास संदेश दिया l रामचरित रैप यात्रा के बाड़मेर में सांस्कृतिक पड़ाव के दौरान सोमेश्वर शर्मा ने कहा कि वेलेंटाइन डे को सिर्फ रोमांटिक उत्सव के रूप में नहीं,बल्कि भारतीय परंपराओं के अनुसार प्रेम को संस्कृति और मूल्यों से जोड़कर मनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रेम सिर्फ व्यक्तिगत ही नहीं,बल्कि सामाजिक और आध्यात्मिक भी होता है।उन्होंने कहा कि बाड़मेर केवल एक सीमांत जिला नहीं,बल्कि राजस्थान की जीवंत लोक संस्कृति और परंपराओं की धरोहर है। यहां की मिट्टी, संगीत एवं संस्कृति आत्मा को स्पर्श करती है। इस पावन भूमि पर उनके लिए रामचरित रैप का संदेश देना अत्यंत सम्मान और सौभाग्य की बात है l इससे पहले रामचरित रैप यात्रा का सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक पड़ाव lसीमांत जिले बाड़मेर में पहुंचा। बाड़मेर आगमन पर उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों,स्थानीय कला प्रेमियों एवं सांस्कृतिक प्रतिनिधियों से आत्मीय मुलाक़ात की। उन्होंने कला, संस्कृति एवं युवा पीढ़ी को अध्यात्म से जोड़ने की अपनी दृष्टि एवं रामचरित रैप की वैश्विक अवधारणा पर सार्थक चर्चा की। उन्होंने बताया कि यह यात्रा केवल एक संगीत अभियान नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और आधुनिक अभिव्यक्ति के संगम का एक सशक्त प्रयास है। इस दौरान समाजसेवी रमेश सिंह इंदा,कमल सिंहल , बाबू सिंह समेत विभिन्न गणमान्य लोगों ने उनका स्वागत किया l इससे पूर्व यात्रा के विभिन्न चरणों में वे राजस्थान के अनेक जिलों का दौरा कर चुके हैं। वर्तमान चरण के अंतर्गत यह आध्यात्मिक यात्रा जोधपुर, जैसलमेर, बाड़मेर एवं पाली जिलों में आयोजित की जा रही है। उल्लेखनीय है कि सोमेश्वर महादेवन अयोध्या राम मंदिर से जुड़े अपने भजनों के लिए प्रसिद्ध हैं। राम लला प्राण प्रतिष्ठा के दौरान 22 जनवरी 2024 को उनके गीत अवध में आज दिवाली है और गजानना हे महामहे गणपति वंदना खासी सुर्खियों में रही थी l यह भजन अयोध्या में भक्ति की लहर लाए और लाखों श्रद्धालुओं को छू गए। वे राजस्थान के जाने-माने कलाकार है जो प्लेबैक सिंगिंग, एक्टिंग और प्रोडक्शन में सक्रिय हैं। उनके गाने अक्सर सनातन धर्म, भक्ति और भारतीय मूल्यों पर आधारित होते हैं। लोक संस्कृति, लोक संगीत, लोक वाद्य एवं पारंपरिक रागों के संरक्षण के लिए उनका समर्पण विशेष रूप से उल्लेखनीय है।
रिपोर्ट – ठाकराराम मेघवाल
