
बाड़मेर (Barmer) शहर के शिवशक्ति जसदेर धाम में महाशिवरात्रि और प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर सात दिवसीय शिव महापुराण कथा का भव्य आयोजन चल रहा है। इस धार्मिक महोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में अपार उत्साह देखने को मिल रहा है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में भक्तजन कथा श्रवण के लिए धाम पहुंच रहे हैं। कार्यक्रम की शुरुआत में ट्रस्ट अध्यक्ष भगाराम माली, कमेटी सदस्य रमेश मंगल,सवाई राम सुथार, भाखर सिंह महेचा,अशोक दवे, जेतमाल सिंह महेचा, उगम सिंह महेचा, सवाई सिंह भाटी, भभूत सिंह सोढा,किशोर भार्गव, केसर सिंह महेचा, चंदन सिंह राजपुरोहित , सहित अन्य ट्रस्ट मंडल के सदस्यों ने विधि-विधान से महाशिवपुराण की आरती पूजन-अर्चना मंत्रोच्चारण किया। इस दौरान शिवशक्ति जसदेर धाम भक्ति रस में सराबोर हो उठा।मीडिया प्रभारी हरिसिंह राठौड़ ने बताया कि चौथे दिन की कथा के दौरान महंत श्री जगरामपूरी महाराज पन्नानियों का तला बाड़मेर, स्वामी प्रतापपूरी महाराज के शिष्य रामपुरी महाराज एवं सावल पूरी, ताजपुरी महाराज, कानपूरी महाराज तारातरा , हुकम पूरी महाराज के पावन सानिध्य प्राप्त हुआ। राठौड़ ने आगे बताया कि यह शिव महापुराण कथा 8 फरवरी से प्रारंभ होकर 14 फरवरी तक चलेगी। कथा आचार्या परम पूज्यनीय दीदी मां साध्वी सत्यसिद्धा गिरी जी के मुखाबिन से किया जा रहा है। राठौड़ ने बताया कि जगरामपुरी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि कुंभ मेले में देश-विदेश से लोग सनातन धर्म की शिक्षा-दीक्षा ग्रहण करने आते हैं। वे मानते हैं कि धन-संपत्ति में सच्चा सुख नहीं है। सुख तो केवल परमात्मा के नाम-स्मरण में ही है। उन्होंने बताया कि सतयुग में लोग वर्षों कठोर तपस्या करते थे, किंतु कलियुग में ईश्वर का नाम जप और सद्कर्मों के मार्ग पर चलकर ही जीवन का उद्धार संभव है। उन्होंने सभी भक्तों को महाशिवपुराण कथा का श्रवण करने आह्वान करने के साथ ही युवाओं को नशा से दूर रहने का संदेश दिया। वात्सल्य धाम बाड़मेर की आचार्या परम पूजनीय दीदी मां साध्वी सत्यसिद्धा गिरी जी ने चौथे दिन की कथा में श्रद्धालुओं को गहन आध्यात्मिक संदेश दिए। उन्होंने कहा कि शिव महापुराण कथा का श्रवण अमोघ फलदायी है। यह जन्म-जन्मांतर के पापों का नाश करता है तथा मोक्ष, ज्ञान, सुख और समृद्धि प्रदान करता है। श्रद्धा-पूर्वक कथा सुनने से असाध्य रोग, संतानहीनता और भाग्यहीनता दूर हो जाती है। यह मन को शुद्ध करती है, भक्ति भाव बढ़ाती है और साधक को शिवलोक प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त करती है।दीदी मां ने भगवान महादेव के हलाहल विष पान के प्रसंग का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस प्रकार शिवजी ने संसार कल्याण के लिए विष धारण किया, उसी प्रकार हमें भी परिवार और समाज की अच्छी-बुरी परिस्थितियों को सहन करना चाहिए। जब हमारे हृदय में ऐसा भाव जागृत हो जाएगा, तब हमारा घर और समाज स्वर्ग तुल्य बन जाएगा।शिव तत्व की व्याख्या करते हुए दीदी मां ने बताया कि हिंदू दर्शन, विशेषकर शैव मत में शिव तत्व परम चेतना, शुद्ध ऊर्जा और निराकार ईश्वर का मूल सिद्धांत है। यह समय, स्थान तथा पंचतत्वों से परे है और सृजन-विनाश का आधार है। शिव तत्व हर प्राणी में व्याप्त निर्गुण आत्मा है, जो शाश्वत आनंद और ‘अहं’ (मैं हूँ) चेतना का स्वरूप है।शिवशक्ति धाम रामपुरी महाराज ने बताया बुधवार को शिव शक्ति जसदेर धाम में महंत धर्मपुरी महाराज, महंत मोहन पुरी महाराज, शनिदेव महाराज, विश्वकर्मा महाराज, लिखमीदास महाराज मूर्तियों की पंडितों द्वारा विधि विधान मंत्र उच्चारण पूजन अर्चना कर स्थापित किया गया। उन्होंने बताया कि 15 फरवरी शिवरात्रि को रुद्राभिषेक, मूर्तियां प्राण प्रतिष्ठा एवं भव्य रात्रि जागरण प्रसिद्ध भजन गायक कालु सिंह गंगासरा कुंभाराम कुम्भ वाणी, रणवीर सिंह राठौड़, अन्य कलाकारों द्वारा प्रस्तुति दी जाएगी। सावल पूरी महाराज ने बताया आयोजन समिति की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु बाड़मेर शहर से जसदेर धाम तक आने-जाने के लिए बसों की व्यवस्था की गई है। कार्यक्रम का सफल संचालन अशोक दवे दिलीप तिवाड़ी ने किया कथा में अर्जुन सिंह महेचा, पृथ्वीसिंह महेचा, भुरसिंह दोहट, लूणाराम माली, दीपक माली, कालु माली, मोहन लाल माली , रमेश कुमार शर्मा, नवीन कुमार शर्मा, धनश्याम जागिड़, दुर्गाराम राव, चंद्रवीर सिंह गोगादेव, नगसिंह बांदरा, दीपा राम देवासी, गायड सिंह तेजमालता, स्वरूप सिंह राठौड़, देरावर सिंह महाबार रावल सिंह कवास,भूरेलाल जागिड़,जोगाराम राव, एडवोकेट राहुल शर्मा, दिलीप तिवाड़ी, सुखदेव बजरंगी , छगनसिंह, दुर्गेश गौड़ , ओमनाथ स्वामी , देवराज सारण,महिपालसिंह ,रवि शर्मा, दिलीप सिंह राजपुरोहित, कानाराम चौधरी, गोकुल चौधरी, देवीसिंह देवड़ा, निंबाराम भीमडा , बाबुलाल तारातरा, गुलाब सिंह धांधू ,अशोक सैन भवानी सिंह महाबार, मांगीलाल, भोम सिंह राठौड़, मनोहर सिंह मेड़तिया, मोटाराम, हुकम सिंह , दुर्गा राम खोथ, सवाई सिंह धांधू ,गौतम सिंह चौहान, प्रहलादराम , जीयाराम उगम सिंह दोहट, किशनाराम विश्नोई खरता राम चौधरी अमराराम डूडी मगाराम चौधरी किशनाराम विश्नोई अनेक सनातनी हिन्दू भाई उपस्थित रहे।
रिपोर्ट – ठाकराराम मेघवाल
