Sanchore : दानदाता निर्मित भवन का लोकापर्ण करने पहुंंचे धोनी

जागरूक टाइम्स 438 Mar 3, 2021

सांचोर : जाखल गांव में निर्मित संघवी तीजा बेन मिश्रीमल कटारिया राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय का लोकापर्ण समारोह में पहुंचे महेन्द्रसिंह धोनी को देखने पहुंचे युवाओ को लेकर अफरा तफरी का माहौल पैदा हो गया। क्रिकेटर महेन्द्रसिंह धोनी कार्यक्रम स्थल पर ज्योहीं पहुंचे , उनके इन्तजार में खड़ी युवाओ की भीड़ उसे देखने दौड़ पड़ी, जिससे कार्यक्रम में भगदड़ मचने से पुलिस को लाठिया भांजनी पड़ी , जिससे अफरा- तफरा का माहौल हो गया, अचानक घटे इस घटनाक्रम से कोई नहीं समझ पाया। दोपहर करीब १.३० बजे निर्धारित समय पर क्रिक्रेटर महेन्द्रसिंह धोनी का काफिला ज्योही विद्यालय के पिछे के दरवाजे से प्रवेश किया त्यौही वहां मौजूद युवाओ की भीड़ उसे देखने के लिये विद्यालय के मु य द्वार की ओर दौड़ कर आ गय, इस दौरान युवाओ को रोकने के लिये पुलिस ने आनन-फानन में लाठिया ाांजनी शुरू कर दी, ऐसे में कार्यक्रम स्थल पर अफरा- तफरी का माहौल हो गया, हालांकि घटना के दौरान महेन्द्रसिंह धोनी विद्यालय के बच्चो से बंद कमरे में बातचीत कर चर्चा कर रहे थे। वहीं दुसरी ओर ऐसे में भीड़ की वजह से फीता काटने की औपचारिकता की किन्तु फीता नहीं कट पाया ऐसे में वे फीत के नीचे से निकलकर मंच की ओर बढ गये, इस दौरान मंच वन एंव पर्यावरण मंत्री सुखराम बिश्नोई व सांसद देवजी पटेल की मौजूदगी में द्वीप प्रज्जवल कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान मंच पर युवाओ की भीड़ चढने लगी, वहीं पांडाल में बैठे लोग भी खड़े हो गये और धोनी की एक -एक झलक पाने को आतुर हों गये, ऐसे में पूरे पांडाल में हंगामा होता रहा।

धोनी बोले राजस्थान आकर अच्छा लगा - लोकार्पण समारोह क्रिकेट महेन्द्रसिंह धोनी, वन एवं पर्यावरण मंत्री सुखराम बिश्नोई, सांसद देवजी पटेल के आतिथ्य में स पन्न हुआ। इस दौरान आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते महेन्द्रसिंह धोनी ने कहा कि राजस्थान आकर उन्हे बेहद अच्छा लगा, यहां की माटी, रहन- सहन और खान ने बेहद प्रभावित किया है, धोनी के भाषण के बीच युवाओ का हंंगामा होता रहा, इस दौरान धोनी ने कहा कि इस विद्यालय की नींव जब रखी गई थी, जब उन्होने दानदाना परिवार से यहां आने की इच्छा जाहिर की थी, जो इच्छा आज आपके बीच आकर पूरी होने से बेहद खुशी हुई है, उन्होने कहा कि समय की कमी की वजह से राजस्थानी मेहमानबाजी का वे वे पूरा मजा नहीं ले पा रहे है, जिसमें उन्हे दूध व दही का जिक्र करते हुए कहा कि दूध और दही यहां की खास पहचान रखती है। उन्होने स्कूली बच्चो से कहा कि विद्यालय में अच्छी सुविधा का लाभ उठाकर वे गुणवतापूर्ण शिक्षण कर विद्यालय व परिवार का नाम रोशन करे, वहीं उन्होने अपनी ओर से विद्यालय परिवार का आभार जताया।

इस दौरान वन एवं पर्यावरण मंत्री सुखराम बिश्नोई ने कहा कि प्रतिस्पद्र्धा के दौर में दानदाता द्वारा विद्यालय भवन का जो लोकार्पण किया गया है जो प्रेरणास्पद कार्य है, उन्होने इस प्रकार के भामाशाहो से सदैव विद्यालयो के विकास व संसाधन जुटाने के लिये भागीदारी निभाने की बात कही। सांसद देवजी पटेल ने कहा कि भामाशाह द्वारा निर्मित यह विद्यालय जिसमें बच्चो को शांत वातावरण के साथ उच्च शिक्षण का लाभ मिलेगा। उन्होने भामाशाह परिवार का इस सकारात्म व पुण्य कार्य के लिये आभार जताते हुए इस प्रकार शिक्षा के प्रति जागृति पैदा करने के क्रांतिकारी कार्य को अनुकरणीय पहल बताया। इस दौरान भाजपा नेता दानाराम चौधरी, सरंपच कमला बिश्नोई, पंचायत समिति सदस्य रामप्यारी, रामावतार मांजू, पूनमाराम खीचड़, हिन्दूसिंह, महेन्द्रसिंह राव, कर्णसिंह, बीरबल बिश्नोई, वर्षा बिश्नोई, कपूरचंद संघवी, बाबूलाल मेहता, दानदाता मिश्रीमल कटारिया, प्रधानाचार्य किशनलाल, दिनेश पुरोहित, सोहनलाल जांणी, गणपतलाल पुरोहित, केसाराम मेहरा, सुखराम खोखर सहित कई जने मौजूद थे।

बच्चो के साथ १० मिनट रहे धोनी - दानदाता द्वारा निर्मित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय का उदघाटन करने पहुंचे महेन्द्रसिंह धोनी कार्यक्र्रम में पहुंचने से पहले बच्चो के बीच पहुंचे और करीब १० मिनट तक चर्चा की, इस दौरान बच्चो ने धोनी से सवाल किये तो धोनी ने उतने ही सरलता से उसके जबाब दिये। इस दौरान बच्चो ने पूछा कि जब आप २०११ में जब आप वल्र्ड कप जीते उस दौरान आप कितने प्रेसर में थे, तो धोनी बोले उस दौरान बहुत प्रेसर में था, और मेरा लक्ष्य देश के लिये यह ट्रोफी जीतना था, बच्चो ने पूछा सर जब आपने जो आखिर में जो छक्का लगाया तब क्या महसूस किया जो धोनी बोले यह निर्णायक अंका छक्का था जिसने इंडिया को ट्रोफी दिलाई, जब बच्चो ने पूछा कि आप जब आप दुसरो के नेतृत्व में खेलते हो तो आप क्या दबाव महसूस करते हो, तो धोनी बोले हां बिल्कुल दबा रहता है, किन्तु मैं आत्मविश्वास को जगाता हूं, ताकि खुलकर अपना प्रदर्शन कर सकूं।

बच्चो को दिया ओटोग्राफ - महेन्द्रसिंह धोनी ने इस दौरान बच्चो को ऑटोग्राफ दिये, उसने से बच्चो से कहा कि आप भी आगे बढकर एक दृढ लक्ष्य के साथ आगे, ताकि सफलता को प्राप्त कर विद्यालय व परिवार का नाम रोशन कर सको, इस दौरान अपनी नोट बुक पर ऑटोग्राफ लिये वहीं विद्यालय में बच्चो के खेलने के बेट पर ऑटोग्राफ देते हुए लिखा ऑल दा वेरी बेस्ट। इस दौरान धोनी दिन को करीब १.३० बजे पहुंचे और करीब २.१० बजे रवाना हो गये। विद्यालय का उदघाटन करने पहुंचे महेन्द्रसिंह धोनी ने भीड़ से बचने के लिये अलग रास्ता तय कर पिछले दरवाजे से विद्यालय में प्रवेश कर अवलोकन किया, इस दौरान विद्यालय के बच्चों से बंद कमरे में बातचीत कर उनके साथ अपने विचार साझा किये, धोनी ने विद्यालय के बच्चो से पूछा कि क्रिकेट के बारे में पूछा तो बच्चों ने हां में जबाब में देते हुए क्रिकेट की खूबीया व धोनी की कार्यशैली बताई तो धोनी हंस पड़े, इस दौरान उन्होने बच्चो से पूछा कि भारत ने दुसरा वल्र्ड कप जीता था, इस दौरान बच्चो के उतर से धोनी संतुष्ट नजर आये, उन्होने बच्चो की शिक्षा व गुणवता पढाई का तरिके व अलग बच्चो से उसकी समस्याओ को लेकर बात की।

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