सोलह साल गुजरे, नाला बना ना हालात सुधरे

जागरूक टाइम्स 992 Jul 22, 2018

बागोड़ा @ जागरूक टाइम्स

दादाल गांव के खेतों से आने वाले बरसाती पानी की निकासी के लिए करीब सोलह साल पहले किया गया निर्णय अब तक अमलीजामा नहीं पहन पाया है। निर्णय के मुताबिक भामाशाह की ओर से बस स्टैंड के सामने पचास फीट जमीन छोड़ कर नाला निकालने पर सहमति बनी थी। इस दौरान ग्रामीणों ने भी कोर्ट के स्थगन आदेश पर राजीनामा किया था, लेकिन सोलह साल गुजरने के बावजूद ना ग्राम पंचायत और ना ही प्रशासन बरसाती पानी के निकासी का स्थायी समाधान कर पाया है। इधर, लाखों रुपयों से बनाए गए गौरवपथ की लेवलिंग सही नहीं होने से पानी की निकासी अवरुद्ध होने लगी है।

दरअसल, सोलह साल पहले नाला निर्माण पर ग्रामीणों व भामाशाह ने सकारात्मक निर्णय लिया था, लेकिन यह आस अब तक अधूरी है। इधर, विधायक पुराराम चौधरी ने ग्रामीणों की मांग पर पांच साल पहले विधायक मद मे वीर पृथ्वीराज चौराहे से सायला तिराहे तक दस लाख रुपए की राशि स्वीकृति दी थी। जिससे सीसी रोड का निर्माण करवाया गया था। उसके बाद छह माह पूर्व पंचायतीराज की योजना में बस स्टैंड के गेट तक गौरवपथ का निर्माण कार्य किया गया है।

कस्बे वासियों को आस बंधी थी कि लाखों रुपए खर्च कर किए सड़क व नाली निर्माण से अब घरों, प्रतिष्ठानों व बारिश में बहते पानी से निजात मिलेगी और कीचड़ की परेशानी से राहगीरों व वाहन चालकों को छुटकारा मिल जाएगा, लेकिन उनकी यह आस अब काफुर होकर रह गई है। ग्रामीणों व दुकानदारों ने आरोप लगाया है कि सरकार की ओर से लाखों रुपए खर्च कर सीसी सड़क का निर्माण करवा दिया, लेकिन जनप्रतिनिधियों व प्रशासनिक अधिकारियों की कथित लापरवाही का खामियाजा अब बारिश के दिनों में उन्हें भुगतना पड़ रहा है।

उनका कहना है कि विभिन्न मद से निर्मित सीसी सड़क का लेवल सही नहींं लेने से बस स्टैंड के गेट से लेकर चम्पालाल प्रजापत की दुकान तक सड़क डूब मे बनाई गई। जिससे आज हालात यह है कि बरसाती पानी ने सड़क पर तालाब का रूप अख्तियार कर लिया है। ऐसे में यह मार्ग वाहन चालकों व पैदल आवाजाही करते स्कूली छात्रों व राहगीरों के लिए पूर्णतया बंद हो चुका है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ग्रामीण गौरवपथ निर्माण के दौरान ठेकेदार ने जोगाराम प्रजापत की दुकान से लेकर सिणधरी चौराहे व वहां से आशापुरी माताजी मंदिर तक सीसी रोड के दोनों किनारे नालियों का भी निर्माण किया गया है, लेकिन सार्वजनिक निर्माण विभाग व ग्राम पंचायत जनप्रतिनिधियों व प्रशासन की कथित लापरवाही के रहते नाली बनाने के एक माह मेंं घटिया सामग्री उपयोग में लेने से क्षतिग्रस्त हो गई ।वहींं पानी बहाव के लेवल को लेेकर लापरवाह रवैया अपनाया गया। लोगों ने दुकानों व घरों के सामने नालियों को रेत डालकर समतल कर दिया। ऐसे मे लाखों रुपए की राशि का दुरपयोग हो रहा है।

यहां बरसाती पानी का जमाव

कस्बे के सिणधरी चौराहे, सायला मार्ग, भीनमाल बाईपास, जलदाय विभाग के सामने व तहसील के पास दादाल मार्ग पर बारिश के पानी का बहाव एवं सड़कों का लेवल नहीं होने से लाखों रुपए पानी में बह रहे हैंं।

बदबू के मारे बुरा हाल

बस स्टैंड सड़क पर फैले बरसाती पानी से जहांं राहगीरों व वाहन चालकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वहींं दुकानों के आगे एकत्रित पानी उनका रोजी-रोटी कमाना मुश्किल हो रहा है। यहां उठती बदबू से ग्राहक यहां चलना तक मुनासिब नहींं समझते।

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