
भीनमाल (Bhinmaal) निकटवर्ती कोडिटा गांव के ओरण क्षेत्र में एक बुजुर्ग के साथ लूट व मारपीट कर गंभीर रूप से घायल करने के मामले में भीनमाल पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने इस सनसनीखेज वारदात का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसका सहयोगी अभी फरार है। इस घटना में घायल बुजुर्ग की इलाज के दौरान मृत्यु हो गई।सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिसदिनांक 09 दिसंबर 2025 को दोपहर के समय सूचना प्राप्त हुई कि सरहद कोडिटा के ओरण क्षेत्र में एक बुजुर्ग व्यक्ति के साथ मारपीट कर उसके कानों की सोने की मुरकियां तथा हाथों के चांदी के कड़े लूट लिए गए हैं और उसे उसकी ही पगड़ी से हाथ-पैर बांधकर छोड़ दिया गया है।सूचना मिलते ही उप अधीक्षक शंकरलाल मसुरीया एवं थानाधिकारी राजेन्द्र सिंह राजपुरोहित मय पुलिस जाब्ता घटनास्थल पर पहुंचे। क्षेत्र में तत्काल नाकाबंदी करवाई गई तथा घायल बुजुर्ग को उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया गया। साथ ही घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने की कार्रवाई शुरू की गई।*वरिष्ठ अधिकारियों ने किया निरीक्षण*घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र सिंह इन्दौलिया एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोटाराम गोदारा द्वारा घटनास्थल का मौका मुआयना किया गया। अधिकारियों ने घटना के शीघ्र खुलासे के निर्देश देते हुए ठोस कार्रवाई के आदेश दिए।इसके बाद उप अधीक्षक शंकरलाल मसुरीया एवं थानाधिकारी राजेन्द्र सिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में विभिन्न स्तर की पुलिस टीमों का गठन किया गया। घटनास्थल का एफएसएल एवं एमओबी टीमों से निरीक्षण करवाकर आवश्यक साक्ष्य संकलित किए गए।*बेटे की रिपोर्ट पर दर्ज हुआ मामला*प्रार्थी ओबाराम पुत्र रामाराम देवासी निवासी कोडिटा ने पुलिस थाना भीनमाल में लिखित रिपोर्ट पेश कर बताया कि दिनांक 09 दिसंबर 2025 को उसके पिता रामाराम (उम्र 73 वर्ष) रोज की तरह बकरियां चराने के लिए सरहद कोडिटा के ओरण क्षेत्र में गए थे।दोपहर के समय घटना की जानकारी मिलने पर वह ओरण पहुंचा, जहां उसके पिता गंभीर हालत में मिले। उनके दोनों कानों की सोने की मुरकियां तथा हाथों में पहने चांदी के कड़े गायब थे। अज्ञात बदमाशों ने उन्हें उनकी ही पगड़ी से हाथ-पैर बांध रखा था। उनका मोबाइल व पर्स भी नहीं मिला। घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया।*तकनीकी जांच से आरोपी तक पहुंची पुलिस*गठित पुलिस टीमों द्वारा घटनास्थल व आसपास के क्षेत्रों में लगातार दबिश दी गई। तकनीकी सहायता, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डाटा विश्लेषण एवं मुखबिर तंत्र के माध्यम से आरोपियों की पहचान के प्रयास किए गए।इसी क्रम में संदिग्ध आरोपी मानाराम उर्फ मोनिया को दस्तयाब कर पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि वह अपने एक साथी के साथ ग्राम कोडिटा पहुंचा था। सुनसान गौचर भूमि में बकरियां चरा रहे बुजुर्ग को पहले बातों में उलझाया और फिर पत्थर से मारपीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। इसके बाद बुजुर्ग की ही पगड़ी से हाथ-पैर बांधकर उसके कानों की दोनों सोने की मुरकियां तथा हाथों के दोनों चांदी के कड़े लूटकर मौके से फरार हो गया।आरोपी गिरफ्तार, सहयोगी फरारआरोपी की स्वीकारोक्ति के बाद मानाराम उर्फ मोनिया को गिरफ्तार कर लिया गया है। घटना में शामिल उसका सहयोगी आरोपी अभी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं। गिरफ्तार आरोपी से गहन अनुसंधान जारी है।*आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड*गिरफ्तार आरोपी मानाराम उर्फ मोनिया पुत्र अजाराम बागरी निवासी धानसा, थाना रामसीन, जिला जालोर के विरुद्ध पूर्व में जयपुर, उदयपुर एवं रामसीन में धोखाधड़ी व मारपीट के कुल तीन प्रकरण दर्ज हैं।*इन पुलिसकर्मियों ने निभाई अहम भूमिका*इस कार्रवाई में भीनमाल, रामसीन, बागोड़ा व रानीवाड़ा थानों सहित जिला पुलिस की बड़ी टीम शामिल रही, जिनमें— अरविंद कुमार थानाधिकारी रामसीन, बलदेवाराम थानाधिकारी बागोड़ा, गनी मोहम्मद उप निरीक्षक, रमेश कुमार सहायक उप निरीक्षक, अमरसिंह सहायक उप निरीक्षक, लाभुराम हेड कांस्टेबल, गोपालसिंह हेड कांस्टेबल, बाबुलाल हेड कांस्टेबल, भरत कुमार कांस्टेबल, रतनाराम कांस्टेबल, मदनलाल कांस्टेबल, रामलाल कांस्टेबल, राकेश कुमार कांस्टेबल, दिनेश कुमार कांस्टेबल, भैराराम कांस्टेबल, राजेन्द्र कुमार कांस्टेबल, सुरेश कुमार कांस्टेबल, मायंगाराम कांस्टेबल, श्रवण कुमार कांस्टेबल, दिनेश कुमार कांस्टेबल, भजनलाल कांस्टेबल, दीपाराम कांस्टेबल, दिनेश कुमार कांस्टेबल, रमेश कुमार चालक कांस्टेबल, मोहनलाल चालक कांस्टेबल, जयंतिलाल कांस्टेबल, सुरेन्द्र कासनिया कांस्टेबल, भेराराम कांस्टेबल, कृष्ण कुमार कांस्टेबल, जोगाराम कांस्टेबल, राकेश कुमार चालक कांस्टेबल, गोपी लाल कांस्टेबल, मनोहरलाल चालक कांस्टेबल, किशनलाल हेड कांस्टेबल तथा त्रिलोकसिंह कांस्टेबल (एसपीओ जालोर) शामिल रहे।
रिपोर्ट – परबत सिंह राव
