कारवाई की मांग को लेकर भटक रहे पीड़ित

जागरूक टाइम्स 178 Oct 1, 2019

सरपंच की मनमानी सब पर भारी

पाली। सरपंचों द्वारा अपने क्षेत्र के लोगों के साथ मनमाने रवैए एवं विकास कार्यो में शिथिलता के कारण कई शिकायतें उच्च अधिकारी को जाने के बावजूद भी आज दिन तक इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। जबकि शिकायतकर्ता के विरुद्ध कार्य कर दी जाती है। तो दूसरी ओर इन सरपंचों पर कई तरह के गबन एवं फर्जी दस्तावेजों के साथ चुनाव लड़ने के भी मामले सामने आए और कुछ सरपंच उन्हें तो जेल की हवा भी खा चुकी है। जिले के नाडोल सरपंच एक व्यापारी एवं युवक के साथ धोखाधड़ी करते हुए रुपए एवं जमीन पर कब्जा जमा लिया। जिसका मामला भी अब तक उच्च अधिकारी सुनने को तैयार नहीं है।

गैर आवासीय मगरा क्षेत्र की जमीन को आबादी क्षेत्र बता दी
मुंबई व्यवसायी शोभाराम हाल नाडोल निवासी ने अतिरिक्त जिला कलेक्टर वीरेंद्र चैधरी को ज्ञापन सौंप कर बताया कि नाडोल सरपंच यशोदा वैष्णव से उसने किसी स्थान पर जमीन की मांग रखी तो सरपंच ने उसके साथ धोखाधड़ी करते हुए कोटडी रोड पर गैर आवासीय मगरा क्षेत्र की जमीन दिखाकर 10 लाख रुपए ले लिया और उस जमीन को आबादी क्षेत्र बताया जब इस बारे में उसे यह मालूम चला कि आबादी क्षेत्र की जमीन नहीं है तो उसने अपने पैसे वापस सरपंच से मांगे तो सरपंच यशोदा वैष्णव और उसके पति ने देने से इंकार कर दिया और विकास अधिकारी ने भी इससे नाराज हो कर करवाई की धमकी दी। सरपंच के परिजनों ने उनके साथ मारपीट भी की जिसका मामला आज भी थाने में चल रहा है तो दूसरी ओर शोभाराम द्वारा उस जमीन पर परकोटा निर्माण करवाया था। जिसको सरपंच द्वारा थोड़ा भी भी गया।

पटा सुदा जमीन को किया अन्य के नाम आवंटित
इस मामले को उसने गांव के गणमान्य लोगों के सामने रखकर सरपंच को बुलाया तो उसने मौके पर आने से इनकार कर दिया वहीं दूसरी ओर नाडोल निवासी नरेश कुमार ने बताया कि नसबंदी के दौरान उसके पिता को पटा सुदा जमीन आवंटित की गई थी जब उसने उसके निर्माण के लिए पंचायत से स्वीकृति मांगी तो सरपंच ने दो लाख की मांग करते हुए स्वीकृति देने को कहा लेकिन पचास हजार देने के बावजूद भी सरपंच ने उस जमीन पर कब्जा कर अन्य के नाम आवंटित कर दी।

विकास अधिकारी भी चुप
मामला सामने आने के बावजूद विकास अधिकारी कार्य करने से कतरा रहे। क्योंकि उन्होंने भी सरपंच यशोदा वैष्णव का इस अनैतिक कार्य में सहयोग दिया। मामला उच्च अधिकारी के पास जाने के बाद अब सरपंच भी शोभाराम एवं नरेश कुमार द्वारा लगाए गए आरोपों को निराधार मानते हुए सिर्फ चुनावी रंजिश बताकर नकार रही है जबकि इन दोनों पीड़ितों का कहना है कि अब उन्हें धमकाया भी जा रहा है तो दूसरी और सरपंच का कहना है कि सिर्फ चुनावी रंजिश को लेकर मामले को तूल दिया जा रहा है।

इन्होंने कहां-
मुझे आबादी क्षेत्र कि भुमि के नाम पर 10 लाख रुपए सरपंच ने धोखाधडी कर ले लिए और उसके परिजनों ने मारपीट भी की, लेकिन अब तक सरपंच द्वारा पेसे उसे नही लोटाए गए है।

- शोभाराम, पीडित
निर्माण के लिए दो लाख रुपए कि मांग की गई, लेकिन सरपंच को 50 हजार देने के बावजूद भी मेरी पटटा सुदा जमीन को अन्य के नाम आवंटित कर कब्जा कर लिया।- नरेष कुमार- पीडित

मेरा कार्यकाल अच्छा रहा है वहीं लेनदेन का मामला कोई नही है सिर्फ चुनावी दुष्मनी निकाल कर मुझे बदनाम किया जा रहा है। वहीं नरेष कुमार की मौके पर जो जमीन बता रहा है वो वहां नही है। इस बारे में उससे बात भी हो रखी है देखने के बाद ही उसे आवंटित कि जाएगी।
- यषोदा वैष्णव, सरपंच, नाडोल










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