भाजपा से भाटी और कांग्रेस से मेवाड़ा ने भरा सभापति का नामांकन

जागरूक टाइम्स 194 Nov 21, 2019

बाड़ाबंदी के साथ पहुंचे भाजपाई पार्षद

पाली। नगर निकाय में अपना बोर्ड बढ़ाने के लिए कांग्रेसी और भाजपा पार्टी को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। दोनों ही पार्टियां का दावा है कि उनका बोर्ड बनेगा, लेकिन 26 को यह तय हो जाएगा की चेयरमैन की कुर्सी पर किस पार्टी का कब्जा होगा। तो दूसरी ओर नगर निकाय चुनाव में भाजपा को 29 कांग्रेस को 22 और निर्दलीय की 14 सीट आई है अब देखना यह होगा कि अपना बोर्ड बनाने के लिए कांग्रेस कितना दम लगाती है। गुरुवार को सभापति के नामांकन के लिए आवेदन लिए जा रहे थे। भाजपा ने बाडाबंदी करते हुए उनके कब्जे के पार्षदों को बस में बैठाकर नगर परिषद पहुंची जहां पहले उन्होंने रिटर्निंग अधिकारी रोहिताश्वर सिंह तोमर के समक्ष शपथ ली। उसके बाद उन्हें अधिकारी द्वारा प्रमाण पत्र भी दिया गया। भाजपा के एक साथ आए पार्षदों से देखने को लग रहा था। कि इस बार फिर से बहुमत के साथ अपना बोर्ड बनाएंगे, लेकिन कुछ समय के अंतराल के बाद पूर्व सभापति प्रदीप हिंगड़ केवल चंद गुलेच्छा के साथ में कांग्रेस पार्षद भी पहुंचे।

भरा नामांकन
उन्होंने शपथ लेने के साथ ही कांग्रेस से चेयरमैन की दावेदारी करने वाली नेतल मेवाड़ा ने भी अपना नामांकन दाखिल किया तो दूसरी ओर भाजपा से विधायक ज्ञानचंद पार्क पूर्व सभापति महेंद्र बोहरा पूर्व उपसभापति मूल सिंह भाटी की मौजूदगी में पार्षद राकेश भाटी की पत्नी रेखा भाटी ने अपना चेयरमैन पद के लिए नामांकन रिटर्निंग अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया।

दोनों ही पार्टी मान रही है अपना बोर्ड
विधायक ज्ञानचंद पारख का कहना है कि 40 से अधिक बहुमत लाकर अपना बोर्ड बना कर ही रहेंगे तो दूसरी ओर पूर्व सभापति प्रदीप हिंगड़ का कहना है कि 22 पार्षदों के साथ 14 निर्दलीय भी उनके साथ हैं कुछ लोगों के भाजपा में जाने से कोई उन्हें बड़ा फर्क नहीं पड़ेगा जबकि उनका बोर्ड बनाते हैं दूसरी ओर कांग्रेस जिलाध्यक्ष चुन्नीलाल चाडवास का कहना है कि 65 वार्डों में हमारी पार्टी की ओर से सोच-समझकर टिकट दिए गए थे लेकिन फिर भी 22 वार्डों में हमारे पार्षद जीत कर आए और शेष में नहीं आना तो यह जनता का जनार्दन है जो उन्हें स्वीकार है लेकिन या फिर भी अपना बोर्ड बना कर ही रहेंगे।

बाडाबंदी में बंद पार्षदों से मिलने पहुंचे परिजन
बोर्ड बनाने को लेकर दोनों ही पार्टियों ने पार्षदों को बाड़ाबंदी करने के बाद उनका परिजनों से मिलना भी दुश्वार हो गया कोई बच्चे अपनी मां से तो कोई अपने पिता से दूर है जिसकी वजह से उनका भी रो रो कर बुरा हाल हो रहा है, लेकिन राजनीतिक ऐसी चीज हो गई थी आना ही पड़ रहा है नगर परिषद में जब सवेरे उन पार्षदों को लाया जा रहा था तो कुछ चेहरे ऐसे दिखे जो उन पार्षदों से मिलने पहुंचे कोई बच्चे अपने पिता से गले मिलकर तो कोई बच्चियां अपनी मां से तो तो कुछ बच्चे इतने दिन बिन मां के रहने के बाद वह भी अपनी मां के साथ इस इस बाराबंदी में साथ जाते हुए नजर आए।

राव ने भी ठोकी थी अपनी ताल
कांग्रेस के कुछ नेता घूम रहे हैं सवेरे जब सभापति पद के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हुई तो इसमें विजय प्रत्याशी भंवर राव ने भी अपने अपने पुत्र के जरिए नामांकन मंगाया सूत्रों की मानें तो पार्षद भवर राव अपनी पत्नी राधा देवी को सभापति पद का दावेदारी की। एक बार तो पार्षद नेतल मेवाड़ा की दावेदारी भी डगमगा गई थी लेकिन अंतिम क्षणों में कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने राव को समझा-बुझाकर अपने साथ लिया और कांग्रेस से नेतल मेवाडा को ही सभापति पद की दावेदारी जताने का मौका दिया।

अब देखना होगा कि सभापति चुनाव के दौरान कौन सी पार्टी का कब्जा जमाया जाता है दोनों ही पार्टियों ने अपने पत्ते तो खोल दिए अब एक और कांग्रेस दावा कर रही है कि 22 पार्षदों के साथ 14 निर्दलीय भी उनके साथ हैं तो दूसरी और भाजपा का दावा है कि 40 पार्षद उनके साथ हैं उनका बोर्ड बनाते हैं और उन्होंने भी अपने दावेदारी जता दिए लेकिन कांग्रेस में लंबे समय से आ रही कूटनीति आज भी देखने को मिली जहां पर सभापति के चुनाव को लेकर दो आवेदन लिए गए जिसमें एक भंवर राव ने अपनी पत्नी राधा देवी के लिए तो दूसरी और प्रदीप हिंगड़ ने अपनी भतीजे की बहू नेतल मेवाड़ा के लिए लेकिन भाजपा की ओर से सिर्फ एक ही रणनीति बन पाई जिस पर मोहर लगते हुए रेखा रेखा भाटी को सभापति का दावेदार माना।

पुलिस रही सचेत
पुलिस प्रशासन की ओर से नगर परिषद में सुरक्षा को लेकर कड़ी व्यवस्था की गई थी सीआई सवाई सिंह सोढा की मौजूदगी में पार्षदों को रिटर्निंग अधिकारी के समक्ष भेजा जा रहा था कड़ी सुरक्षा के साथ उन्हें शपथ दिलाने के बाद बारह निकाला गया संपूर्ण व्यवस्था की वीडियोग्राफी भी करवाई जा रही थी।

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