
रेवदर (Revder) उप अधीक्षक मनोज कुमार गुप्ता वह अनादर थाना प्रभारी कमलेश कुमार गहलोत की अहम भूमिका रही 48 घंटों में वारदात को खोलामंडार अनादरा थाना क्षेत्र के असावा गांव में वृद्धा की हत्या के मामले का राजफाश करते हुए पुलिस ने पड़ोसी व हमउम्र महिला को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने हत्या से पहले साथ में चाय पी तथा बाद में गला घोंटकर हत्या कर दी। पुलिस व लोगों को गुमराह करने के लिहाज से उसने वारदात को लूटपाट का रूप देना चाहा। इसके लिए घर का सामान बिखेर दिया तथा वृद्धा के पहने हुए जेवर साथ ले गई। *मुश्किल था पर दो दिन में ही राजफाश* ज्ञातव्य है कि असावा गांव में अकेली रहने वाली वृद्धा कांतादेवी पत्नी भैराराम रावल की गत 7 जनवरी को उसके घर में ही हत्या हो गई थी। सुबह घर में शव पड़ा होने की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची तथा घटनास्थल का जायजा लिया। हत्या की वारदात के बाद लोगों में आक्रोश नजर आया। ब्लाइंड मर्डर का मामला होने से पुलिस के लिए इसका क्लू तलाशने में मुश्किल हो रही थी, लेकिन दो ही दिन में राजफाश कर दिया गया। इस एंगल से भी तलाशते रहेघर का सामान बिखरा होने व जेवरात चोरी जाने से पुलिस इस मामले को लूट या चोरी के एंगल से भी जांच कर रही थी। पुलिस ने ब्लाइंड मर्डर को देखते हुए साइबर सैल, एमओबी, एफएसएल, डॉग स्क्वॉयड समेत कई टीमों को इस काम पर लगाया। इसके लिए तकनीकी आधार पर जांच की गई, लेकिन कोई खास क्लू नहीं मिला।संदेह हुआ तो क्लू भी सामने आएउधर, इस दौरान जांच में सामने आया कि मृतका के साथ अंतिम बार मधुदेवी को देखा गया था। इस पहलु पर जांच हुई तो गायब हुए मोबाइल का वापस घर में ही मिलना और डॉग स्क्वॉयड का मधुदेवी के घर के आसपास घूमना आदि क्लू सामने आए। संदेह के आधार पर मधुदेवी को वॉच किया तो संदंह और गहराया। इसके बाद उसे दस्तियाब कर मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की गई। इस पर मामले का खुलासा हुआ।पुलिस अधीक्षक प्यारेलाल शिवरान ने बताया कि वृद्धा कांतादेवी हत्याकांड मामले में त्वरित गति से कार्रवाई करते हुए राजफाश किया गया है। पुलिस ने असावा निवासी मधुदेवी पत्नी मणीलाल रावल को गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक पूछताछ में उसने वारदात करना स्वीकार किया है। बताया कि वे दोनों आपस में सहेली थीं, लेकिन परस्पर मनमुटाव भी था। इससे नाराज होकर उसने कांतादेवी का गला घोंटकर हत्या कर दी।चरित्र पर टिप्पणी करने से थी नाराजपूछताछ में सामने आया कि चरित्र पर की गई टिप्पणी से मधुदेवी नाराज थी। इसके बाद वह कांतादेवी को सबक सिखाना चाहती थी। गत 7 जनवरी की रात करीब नौ बजे वह कांतादेवी के घर गई। वहां मौका देखकर उसने हत्या कर दी। इसके बाद शव को घसीटकर अंदर कमरे में रखा। फिर घर का सामान बिखेर कर जेवरात ले गई।
रिपोर्ट – अशरफ भाटी
