रेवदर (Revder) बीकानेर में चल रहे ‘प्रकृति बचाओ महापड़ाव’ तथा जैसलमेर से जयपुर जा रही ‘ओरण बचाओ पदयात्रा’ की मांगों के समर्थन में रेवदर क्षेत्र के पर्यावरण प्रेमियों ने गुरुवार को मुख्यमंत्री के नाम उपखण्ड अधिकारी राजन लोहिया रेवदर को ज्ञापन सौंपा। इससे पहले तहसील कार्यालय में एकत्रित हुए और रैली के रूप में उपखण्ड कार्यालय पहुंचकर विरोध दर्ज कराया। ज्ञापन में बताया गया कि बीकानेर में 2 फरवरी 2026 से पर्यावरण बचाओ संघर्ष समिति के तत्वावधान में राज्य वृक्ष खेजड़ी और प्रकृति संरक्षण को लेकर महापड़ाव जारी है, जिसमें संत समाज व पर्यावरण प्रेमियों की बड़ी भागीदारी हो रही है। रेवदर के नागरिकों ने इस आंदोलन की मांगों को जायज बताते हुए सरकार से तुरंत प्रभावी कदम उठाने की मांग की।विधानसभा में सख्त ट्री प्रोटेक्शन एक्ट पारित करने की उठाई मांग पर्यावरण प्रेमियों ने प्रमुख रूप से राजस्थान विधानसभा में सख्त ट्री प्रोटेक्शन एक्ट पारित करने की मांग उठाई, ताकि सौर ऊर्जा परियोजनाओं व अन्य विकास कार्यों के नाम पर खेजड़ी के पेड़ों की हो रही अंधाधुंध कटाई पर रोक लग सके। उन्होंने कहा कि खेजड़ी राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान होने के साथ मरुस्थलीय पारिस्थितिकी तंत्र की आधारशिला है। ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि पारंपरिक ओरण और गोचर भूमि का सोलर प्रोजेक्ट या व्यावसायिक उपयोग के लिए किया जा रहा आवंटन तुरंत रद्द किया जाए। आमरण अनशन पर बैठे 363 संतों व पर्यावरण प्रेमियों से समाधान की मांगज्ञापन में बीकानेर में आमरण अनशन पर बैठे 363 संतों व पर्यावरण प्रेमियों के स्वास्थ्य पर चिंता व्यक्त करते हुए सरकार से शीघ्र वार्ता कर समाधान निकालने का आग्रह किया गया।पर्यावरण प्रेमियों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते खेजड़ी और मरुस्थलीय पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए तो राजस्थान गंभीर पर्यावरणीय संकट का सामना कर सकता है।ये रहे मौजूदइस मौके पर व्याख्याता भलराज गोदारा, पटवारी भंवर विश्नोई, पटवारी अशोक विश्नोई, व्याख्याता नरेश डारा, सुरेश पालड़िया, लाजपत विश्नोई, उम्मेद सिंह, सुरेश, प्रवीण गोदारा, जगदीश खिलेरी, श्रीराम जांगू, राजूराम जांगू, विडिओ रमेश कुमार सहित मौजूद रहे।
रिपोर्ट – रमेश माली
