राजसमंद (Rajsamand) हमें सबके मंगल और कल्याण की सोच रखते हुए आगे बढ़ना चाहिए और किसी भी काम को इसी भावना के साथ बिना किसी स्वार्थ और ईर्ष्या के करना चाहिए।यह विचार भरतपुर से आए संत भंते लोकपाल नाग ने व्यक्त किए। वे शुक्रवार को भामाखेड़ा में आयोजित श्री मेवाड़ सत्संग महोत्सव एवं ठाकुर जी के गोचरण मनोरथ कार्यक्रम में श्रद्धालुओं को उद्बोधन दे रहे थे। उन्होंने कहा कि निस्वार्थ भाव से काम करना ही हमारी संस्कृति, हमारे धर्म और हमारे जीवन का मूल मंत्र है। भारतीय परंपरा सदा से “सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः” की भावना को आगे बढ़ाती आई है। अर्थात् केवल मेरा नहीं, केवल मेरे परिवार का नहीं, बल्कि सम्पूर्ण समाज और विश्व का कल्याण हो। उन्होंने कहा कि इसके विपरीत आज के समय में हम देखते हैं कि व्यक्ति अपने स्वार्थ में इतना उलझ गया है कि उसे दूसरे का दुःख दिखाई नहीं देता।स्वार्थ हमें छोटा बनाता है,और ईर्ष्या हमारे मन को विषैला कर देती है। ईर्ष्या वह अग्नि है जो पहले स्वयं को जलाती है, फिर दूसरों को। स्वार्थ वह अंधकार है जो रिश्तों की रोशनी को बुझा देता है। यदि हम चाहते हैं कि समाज में शांति हो, प्रेम हो, सहयोग हो तो हमें सबसे पहले अपने मन से स्वार्थ और ईर्ष्या को बाहर निकालना होगा। कार्यक्रम में राजसमंद के पूर्व विधायक बंशीलाल गहलोत ने कहा कि भामाखेड़ा उनकी जन्मभूमि है और वह सेवा से सेवानिवृत हुए हैं तो इस गांव की सेवा वह मेरा गांव मेरा देश की भावना से लगातार करते रहेंगे।इससे पूर्व कार्यक्रम को लेकर कांकरोली से प्रभु श्री साक्षी गोपाल, लाड़लेश प्रभु एवं प्रभु श्रीनाथजी के प्रतिनिधि स्वरूप को लाव लश्कर एवं गाजे-बाजे के साथ भामाखेड़ा में वन विहार एवं गोचरण मनोरथ के लिए पधराया गया। ठाकुर जी के गांव में प्रवेश करने पर उनका स्वागत प्रभु श्री द्वारकाधीश मंदिर के द्वारकेश बैंड मधुर ध्वनि एवं ढोल नगाड़ा वादन तथा जयकारों के साथ गांव के श्रद्धालुओं ने किया। इसके बाद प्रभु श्री देवनारायण मंदिर में ठाकुर जी के तीनों स्वरूप को गोचरण मनोरथ के लिए विराजित किया गया जिनमें समक्ष गोमाताएं पधराई गई। इसके बाद भंते लोकपाल एवं पूर्व विधायक गहलोत ने श्री देवनारायण मंदिर में नव स्थापित घोड़ों की दो प्रतिमाओं का लोकार्पण किया। कार्यक्रम का संचालन कमल शर्मा ने किया।मुख्य समारोह के बाद ठाकुर जी के स्वरूप के दर्शन खुले तो गांव के श्रद्धालुओं ने खूब जयकारे लगाते हुए प्रभु के दर्शन का लाभ लिया। इंदौर दौरान महिला श्रद्धालुओं ने भजनों की धुनों पर देर तक ठाकुर जी के समक्ष नृत्य किया, जिसके बाद आरती की गई। इससे पूर्व विधायक गहलोत ने अपने जन्मदिवस पर कांकरोली में प्रभु श्री द्वारकाधीश मंदिर की मुख्य गौशाला में गौ माता की सेवा की और प्रभु श्री द्वारकाधीश के दर्शन का लाभ लिया। इस दौरान सरपंच, संतोष देवी प्रजापत, पूर्व सरपंच नारायण लाल जटिया, राहुल खारोल, गोपाल जाट, रतन प्रजापत, नगर परिषद सभापति अशोक टांक ,सहित कई विशिष्टजन मौजूद रहे।
रिपोर्ट – नरेंद्र सिंह खंगारोत
