
राजसमंद (Rajsamand) इंटरनेशनल एसोसिएशन फोर साइंटिफिक स्पिरिचुअलिज्म IASS मेरठ व मानस योग साधना परिवार कांकरोली के संयुक्त तत्वावधान में जन जागृति उपवास पदयात्रा का आयोजन द 1 दिसंबर से 7 दिसंबर 2025 तक किया जाएगा। मीडिया प्रभारी कमल किशोर व्यास ने बताया की यह यात्रा प्रभु द्वारिकाधीश जी की पावन नगरी कांकरोली मंदिर से प्रारंभ होकर श्री ब्रह्मा जी के मंदिर ब्रह्म नगरी तीर्थराज पुष्कर जाएगी जहां इसका समारोह पूर्वक समापन किया जाएगा ।यात्रा का मार्गदर्शन IASS के डॉक्टर गोपाल शास्त्री द्वारा किया जाएगा। रामचरितमानस में बताए तप, सेवा, सुमिरन के धार्मिक सिद्धांतों पर वैज्ञानिक प्रयोगों के अंतर्गत संपन्न होने वाली इस उपवास पदयात्रा में उपवास करने वाले साधक 7 दिन तक बिना कुछ खाए यह पदयात्रा पूरी करेंगे। इस यात्रा के दौरान साधक दिन में केवल दो बार नींबू, शहद व पानी ही लेंगे और यदि प्यास लगने पर सादा पानी पीकर अपनी यात्रा को पूर्ण करेंगे। उन्होंने बताया कि पूर्व यात्राओं का अनुभव बताता है कि कुछ भी आहार नही लेने पर भी साधक उर्जावान ही महसुस करता है। यात्रा के समापन पर सभी साधक गरम सूप व सब्जी के साथ अपने उपवास का पारणा समापन करेंगे।मानस योग साधना कांकरोली के संरक्षक जगदीश प्रसाद व्यास व प्रभारी बालमुकुंद तोतला ने बताया की यात्रा हेतु सभी आवश्यक तैयारीयां हेतु साधको की बैठक आयोजित कर विभिन्न व्यवस्थाओ की जिम्मेदारीयों का निरूपण कर दिया गया है। बैठक में जगदीश प्रसाद व्यास, बालमुकुन्द तोतला, पुष्पा तोतला, जितेन्द्र दाधीच, सुरेश, कमल किशोर व्यास, महेश दाधीच, मनोहर लाल, भगवती प्रसाद व्यास, विद्या दाधीच, सीमा झंवर, सुरेश व्यास, आदि साधक उपस्थित रहे । यात्रा में रात्री विश्राम हेतु 7 पड़ाव रखे गए हैं। यात्रा करीब 30 से 35 किलोमीटर का सफर प्रतिदिन तय करेगी। रात्रि विश्राम हेतु यात्रा का पहला पड़ाव आमेट में रहेगा तत्पश्चात देवगढ़, भीम, जवाजा, गोला ब्यावर पिछोलिया(पीसांगन) होते हुए दाधीच भवन पुष्कर पहुंचेगी।यात्रा प्रभारी बालमुकुंद तोतला ,ने बताया कि मानस योग साधना परिवार कांकरोली द्वारा डॉक्टर गोपाल शास्त्री ,के सानिध्य में कांकरोली में सात दिवसीय स्वास्थ्य एवं आध्यात्मिक विकास शिविर तथा तीन दिवसीय उपवास शिविर विगत पांच वर्षो से नियमित लगाए जा रहे हैं जिनमें केवल विशिष्ट आहार पद्धति द्वारा व्यक्ति के सभी प्रकार के शारिरिक व मानसिक रोगों को ठीक किया जाता रहा है। जिसका कई साधको को लाभ मिल रहा है । इसी क्रम में शरीर के शुद्धिकरण डिटोक्सीफ़िकेशन के लिए राजसमंद में यह प्रथम जन जागृति उपवास पदयात्रा का आयोजन किया जा रहा है।
रिपोर्ट – नरेंद्र सिंह खंगारोत
