
राजसमंद (Rajsamand) शहर के राजनगर बजरंग चौराहा पर श्री बालाजी महाराज मंदिर की दसवीं वर्षगांठ पर आयोजित प्रभु से चारभुजा नाथ एवं तुलसा माता के विवाह महोत्सव में देर शाम को मंदिर परिसर में परंपरागत रूप से विवाह की रस्में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी में पूर्ण की गई। वहीं, इसके बाद आयोजित भजन संध्या में ठिठुरन वाली सर्दी के बावजूद देर रात तक श्रद्धालु भक्ति का आनंद लेते रहे।श्री बालाजी महाराज सेवा समिति के सानिध्य में आयोजित महोत्सव में मंगलवार देर शाम को राजनगर भोइवाड़ा के प्रभु श्री चारभुजा नाथ के मंदिर से विधि विधान से सभी रस्में पूर्ण करने के बाद वर निकासी की गई। इसके बाद बैंड बाजा और डीजे की धमक के साथ प्रभु की बारात विवाह स्थल की ओर रवाना हुई। बारात में ठाकुर जी के विग्रह स्वरूप को बेवाण में विराजित कर उसे सुसज्जित बैलगाड़ी में स्थापित किया गया था। बारात में बैंड और डीजे पर भजनों के साथ ही परंपरागत वैवाहिक गीतों की धुनों पर श्रद्धालु पूरे मार्ग में नाचते-गेट और प्रभु के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। बारात में पुरुष श्रद्धालु धवल वस्त्र में धोती कुर्ता के वेश में तथा महिलाएं चुनरी के वेश में शामिल हुईं। बारात भोइवाड़ा से दाणी चबूतरा, सदर बाजार, फवारा चौक से हाईवे होकर विवाह स्थल श्री बालाजी मंदिर परिसर पहुंची।बालाजी मंदिर पर धूमधाम से पहुंची बारात में शामिल बारातियों का श्री बालाजी महाराज सेवा समिति के अध्यक्ष कैलाश निष्कलंक, एवं सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने परंपरागत रूप से स्वागत किया और करीब 400 बारातियों को इकलाई पहनाई। वहीं दूल्हा बनकर आए प्रभु चारभुजानाथ का भी परंपरागत विवाह की रस्म के अनुसार स्वागत किया गया। इसके बाद ठाकुर जी ने तोरण की रस्म पूरी की और समधि मिलन की रस्म भी निभाई गई। इसके बाद पंडित शशिकांत दीक्षित के मंत्रोच्चार के साथ फेरों और पानीग्रहण व कन्यादान की रस में पूर्ण की गई। महोत्सव में नगर परिषद राजसमंद के आयुक्त बृजेश राय, ने मामा के रूप में मायरा भरने की रस्म पूर्ण की।ठिठुरती रात में भजनों ने दी श्रद्धा की गर्मीमहोत्सव के तहत विवाह की रस्में पूर्ण होने के बाद भजन संध्या का आयोजन किया गया। गायक शंभू धनगर ने पेले सिमरु में गजानंद देवा, गणपति वंदना एवं मारा सांचा गुरु ने बलिहारी, गुरु वंदना प्रस्तुत करते हुए भजन संध्या का शुभारंभ किया। इसके बाद उन्होंने पेली सिमरु ये माता कालका ने, देवी थाने कुण भोपा नुतिया ए देवी, कठे लगाई देर भवानी, भजनों की प्रस्तुतियों से पंडाल को भक्तिरस से सराबोर कर दिया। इसके साथ ही गई का हेमलता वैष्णव ने भाया मानो मारी बात चालां मंडफिया नगरी माय, भजन पेश किया तो पंडाल में सभी श्रद्धालु भाव विभोर होकर खड़े हो गए और भक्ति से झूमने लगे। इसके बाद उन्होंने थारी कृपा सांवरिया सारो सिस्टम सेट, फुलड़ा ले आओ माली का मारे घर आवेला भगवान एवं गायक विश्वास नंदवाना ने बिंद ना बणिया मारा चारभुजा जी लाडी मारी तुलसा ओ राज, दुनिया में देव हजारों है हनुमान दादा का क्या कहना, संहिता कई मधुर भजनों की प्रस्तुतियां दी।
रिपोर्ट – नरेंद्र सिंह खंगारोत
