राजसमंद (Rajsamand) दिवेर श्री देवनारायण भगवान के 1114वें अवतरण दिवस के पावन अवसर पर दिवेर में श्री देवनारायण भगवान की भव्य एवं ऐतिहासिक शोभायात्रा का आयोजन अत्यंत श्रद्धा, उत्साह एवं हर्षोल्लास के साथ किया गया। शोभा यात्रा का शुभारम्भ प्रातः श्री देवनारायण मंदिर, दिवेर से भगवान की प्रतिमा की विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुआ। इसके पश्चात अश्वारूढ़ रजत प्रतिमा को सुसज्जित रथ में विराजमान कर प्रातः 11 बजे मंदिर प्रांगण से शोभायात्रा प्रारम्भ की गई। शोभायात्रा रेतवालिया, बस स्टैंड, मैन बाजार, बड़ी हथाई, छोटी हथाई, छोटा वास, चम्पाचैक, खटीक मोहल्ला, कलाल मोहल्ला सहित प्रमुख मार्गों से होती हुई पुनः मंदिर प्रांगण में सम्पन्न हुई। शोभायात्रा में घोड़ों पर सुसज्जित भव्य झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। मार्ग में श्रद्धालुओं द्वारा श्रद्धानुसार विभिन्न प्रकार के प्रसाद वितरण स्टॉल लगाए गए तथा यात्रा में सम्मिलित देवभक्तों की सेवा की गई। सम्पूर्ण यात्रा के दौरान भक्तगण जयकारे लगाते हुए, पुष्पवर्षा करते हुए ढोल-नगाड़ों व डीजे की थाप पर नाचते-गाते साथ चलते रहे। पूरा दिवेर गांव भक्ति, उत्साह एवं उमंग के रंग में सराबोर नजर आया। महिलाएं मंगल गीत गाते हुए शोभायात्रा में सहभागी बनीं। इस पावन अवसर पर आसपास के गांव खेड़ाजस्सा, पीपरेलू, बांसाबारी, नरदास का गुड़ा, टोकरा, रतना का गुड़ा, सातपालिया सहित अनेक गांवों से सैकड़ों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर आयोजन की गरिमा बढ़ाई। कार्यक्रम की तैयारियां पिछले पन्द्रह दिनों से जोर-शोर से चल रही थीं, जिसमें देवनारायण सेवा मंडल एवं देवनारायण मंदिर के भोपागणों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शोभायात्रा के सफल आयोजन में समस्त ग्रामवासियों का पूर्ण सहयोग रहा। यात्रा की समाप्ति पर देवनारायण सेवा मंडल के सदस्यों द्वारा प्रसाद वितरण किया गया। शोभायात्रा के दौरान पुलिस प्रशासन द्वारा मय जाप्ता शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने में सराहनीय सहयोग प्रदान किया गया, जिससे कार्यक्रम सुव्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
रिपोर्ट – नरेंद्र सिंह खंगारोत
