राजसमन्द (Rajsamand) जिले के सीमावर्ती क्षेत्र नाडोल स्थित लाखों श्रद्धालुओं के आस्था केन्द्र एवं प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री अनंत आद्यशक्ति राज राजेश्वरी आशापुरा माताजी ट्रस्ट पाट स्थान का वार्षिक पाटोत्सव एवं महाराव लाखणसी चहुआंण का 1082वां जयन्ती समारोह माघ शुक्ल द्वितीया पर आगामी 20 जनवरी को विविध धार्मिक कार्यक्रमों के साथ हर्षोल्लास से मनाया जाएगा जिसकी तैयारियां इन दिनों जोरों पर जारी है। भव्यता के साथ होने वाले उक्त महोत्सव में स्थानीय क्षेत्र सहित दूर-दराज के स्थानों से हजारों श्रद्धालु भागीदारी करने आएंगे। कार्यक्रम के तहत प्राचीनतम गढी माताजी स्थल से विभिन्न मनोहारी झांकियों के साथ दिव्य ज्योत का वरघोड़ा धूमधाम से निकाला जाएगा जो शक्ति स्थल की मान्यता अनुसार काफी विशिष्ट माना जाता है। हजारों भक्तों की सहभागिता में निकलने वाला वरघोड़ा मुख्य मार्गो पर होता हुआ आशापुरा माताजी मंदिर परिसर पहुंचेगा। इसके बाद माताजी की विशेष सेवा, पूजा अनुष्ठान, महाआरती सहित अन्य कार्यक्रम होंगे। ट्रस्ट कोषाध्यक्ष भगवत सिंह चौहान गुड़ला ने बताया कि समारोह में गढ़ सिवाना गादीपति नृत्य गोपालराम महाराज, गुडा मांगलियान के संत कृष्ण भक्त दाता महेन्द्रानंद गिरी महाराज सहित अन्य संतवृन्द का सान्निध्य रहेगा वहीं ट्रस्ट के मुख्य संरक्षक, संरक्षक मण्डल सदस्यों, ट्रस्टी एवं हजारों भक्तों की उपस्थिति में मुख्य कार्यक्रम होगा। आयोजन की पूर्व संध्या पर 19 जनवरी को मंदिर प्रांगण में भव्य भजन संध्या होगी जिसमें बालोतरा से जाने-माने भजन गायक श्याम पालीवाल एवं सहयोगी कलाकार भक्ति संगीत की प्रस्तुतियां देंगे। उन्होंने बताया कि महोत्सव पर सम्पूर्ण मंदिर परिसर, यज्ञशाला, कॉरिडोर, धर्मशाला, मुख्य द्वार एवं प्रांगण में स्थापित भव्य त्रिशूल को आकर्षक विद्युत रोशनी से सजाया जाएगा जो अनूठा एवं लोगों के लिए विशेष आकर्षण रहेगा।इधर, महोत्सव को लेकर इन दिनों तैयारियां जोरों पर चल रही है तथा प्रमुख व्यवस्थाओं से जुड़ी गतिविधियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। इसी क्रम में सफल आयोजन के लिए ट्रस्ट अध्यक्ष करणसिंह उचियारड़ा, कोषाध्यक्ष भगवत सिंह गुड़ला, एडवोकेट शैलेन्द्रसिंह श्रीसेला, चैनसिसंह कोट किशनपुरा, पीथाराम नाडोल, व्यवस्थापक लालसिंह, सहायक व्यवस्थापक योगेन्द्रसिंह सहित मेला आयोजन समिति के सदस्य तत्परता से व्यवस्थाओं में जुटे हुए है। इसके तहत विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए अलग-अलग दायित्व सौंपे गए है तथा सभी सदस्यों से पूरी मुस्तैदी से जुटकर आयोजन को ऐतिहासिक व सफल बनाने का आह्वन किया गया है। दूसरी ओर समारेाह में अधिकाधिक जन भागीदारी के लिए शक्तिपीठ के आसपास के गांवों में विभिन्न माध्यमों से व्यापक प्रचार प्रसार किया जा रहा है। इसके अलावा इन गांवों में विभिन्न समाजों की सामूहिक बैठकें हो रही है जिनमें कार्यक्रम की पूरी जानकारी प्रसारित करने के साथ लोगों को न्यौता दिया जा रहा है।उल्लेखनीय है कि विशेष मान्यता होने से आशापुरा शक्तिपीठ पर मारवाड़ एवं मेवाड़ के साथ ही राज्य के अन्य क्षेत्रों तथा गुजरात आदि प्रान्तों से प्रतिवर्ष लाखों श्रऋालु दर्शनार्थ पहुंचते है। सालाना होने वाले पाटोत्सव में भी सभी क्षेत्रों से भक्त पूरी श्रद्धा के साथ भागीदारी करने आते है।
रिपोर्ट – नरेंद्र सिंह खंगारोत
