पाली (Pali) सुमेरपुर उपखंड के खांगडी गांव में क्षत्रिय घांची समाज महासभा की बैठक प्राचीन चारभुजा नाथजी मंदिर पर महासभा अध्यक्ष आनंद सोलंकी पाली की अध्यक्षता में आयोजित हुई, जिसमें चारभुजा नाथजी मंदिर का जीर्णोद्वार करने के लिए प्रस्तावित नक्शा बनवाकर स्वीकृति के लिए आगामी बैठक में अनुमोदन के लिए प्रस्तुत करने, निर्माण कार्य को लेकर स्वतंत्र कार्य समिति बनाने का निर्णय लिया गया जो मंदिर निर्माण पूर्ण होने तक समिति अस्तित्व में रहेगी। बैठक में महासभा अध्यक्ष आनंद सोलंकी ने बताया कि समाज के मेघावी विद्यार्थियों के लिए जयपुर में छात्रावास भवन भूमि आवंटन करने को लेकर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ व मुख्य मंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखा था। जिसे उन्होंने प्रस्ताव स्वीकार कर भूमि आवंटन का आश्वासन दिया है। महासभा की और से राज्य सरकार को पत्र भेजकर तेली घाणी बोर्ड का संशोधन कर (तेल घाणी बोर्ड) बनवाने की मांग की है । उन्होंने बताया कि सुमेरपुर विधायक व केबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने मंदिर परिसर स्थित मेला मैदान में सीमेंटेड ब्लॉक व टीन शेड निर्माण के लिए 10 लाख की राशि स्वीकृति प्रदान की जिस पर समाज सदस्यों ने हर्ष व्यक्त कर माननीय मंत्री का आभार जताया। महासभा अध्यक्ष ने आगामी वार्षिक मेला भव्य और ऐतिहासिक बनाने को लेकर खेताराम परिहारिया कोसेलाव, भंवरलाल परमार छावनी, पुखराज चौधरी सुमेरपुर, मंशाराम परमार बाली, सुरेशकुमार परमार सुमेरपुर, भीमाराम बोराणा ढाबर, मूलाराम भाटी मंडिया, कालूराम परिहार पाली, हनुमान भाटी कोसेलाव को मेला संयोजक जबकि मीडिया और आईटी मंत्री लादूराम परमार चाणोद को मनोनीत किया गया।मेले के लिए नए चढ़ावे व भामाशाह का सहयोग लेने को लेकर सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार प्रसार प्रारंभ करने का प्रस्ताव पारित किया गया आगामी मेले की बोलियां व भामाशाहों के नाम पार्दर्शिता के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से तय कर आगामी जनरल मीटिंग तक फाइनल लिस्ट तैयार करने का निर्णय लिया गया। साथ ही जिन भामाशाहों की पिछले वर्ष की बोलीयो की बकाया राशि है उनसे समाज हित में उक्त राशि संस्था में जमा करने का आग्रह किया गया ।साथ ही आगामी मेले से हर वर्ष मेला समाप्ति के दो माह के अन्दर में हिसाब बनाकर महासभा कि बैठक में प्रस्तुत करने तथा संविधान के अनुसार तीन वर्ष का कार्यकाल समाप्त होते ही अध्यक्ष द्वारा दो माह के भीतर चुनाव करवाने का प्रस्ताव पारित किए गए।
रिपोर्ट- घेवरचन्द आर्य
