बाड़मेर (Barmer) जैसलमेर उत्तर पश्चिम रेलवे जोधपुर रेल मंडल के जैसलमेर रेलवे स्टेशन में मंगलवार को रेलवे प्रशासन द्वारा एक पूर्व-निर्धारित दुर्घटना राहत अभ्यास (मॉक ड्रिल) का सफल आयोजन किया गया। अभ्यास के अंतर्गत साबरमती से चलकर जैसलमेर आने वाली एक सवारी गाड़ी के जैसलमेर स्टेशन क्षेत्र में प्रवेश के दौरान पटरी पर अचानक आई बोलेरो से टकराने की कृत्रिम दुर्घटना स्थिति दर्शाई गई।सुबह लगभग 12 बजे आयोजित इस अभ्यास में दुर्घटना की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन में आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली सक्रिय की गई। जैसलमेर से रेलवे की दुर्घटना राहत गाड़ी तथा जोधपुर से चिकित्सा राहत गाड़ी को तत्काल रवाना किया गया।लगभग 40 मिनट बाद रेलवे प्रशासन द्वारा इसे मॉक ड्रिल घोषित किया गया। रेलवे सूत्रों के अनुसार यह अभ्यास रेलवे एवं एनडीआरएफ का वार्षिक पूर्व-नियोजित अभ्यास था, जो हर वर्ष निर्धारित स्थान पर आयोजित किया जाता है।अभ्यास के दौरान कृत्रिम रूप से बनाए गए दुर्घटना स्थल पर घायल व्यक्तियों को एंबुलेंस द्वारा निकाला गया। रेलवे एवं स्थानीय प्रशासन द्वारा स्थापित मेडिकल कैंपों में घायलों को प्राथमिक उपचार प्रदान किया गया तथा गंभीर रूप से घायलों को सरकारी अस्पताल भेजा गया।इस संयुक्त दुर्घटना अभ्यास में रेलवे, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, स्थानीय पुलिस प्रशासन, चिकित्सा विभाग, डिजास्टर मैनेजमेंट टीम, सिविल डिफेंस, सेना, एंबुलेंस सेवाएं एवं अग्निशमन विभाग ने पूर्ण समन्वय और कार्यकुशलता के साथ भाग लिया। अभ्यास के दौरान कोचों को काटकर फंसे यात्रियों को बाहर निकालने तथा आग लगने की स्थिति में अग्निशमन टीम द्वारा आग पर काबू पाने का भी प्रदर्शन किया गया।अपर मंडल रेल प्रबंधक राकेश कुमार ने बताया कि मॉक ड्रिल से यह सुनिश्चित होता है कि वास्तविक दुर्घटना या आपदा की स्थिति में सभी विभाग तुरंत और सही तरीके से प्रतिक्रिया दे सकें। तथा आपदा या दुर्घटना की स्थिति में त्वरित, समन्वित और प्रभावी राहत-बचाव कार्य सुनिश्चित करने के लिए तैयारियों की वास्तविक जांच करना।रेलवे के संरक्षा विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में यांत्रिक, इंजीनियरिंग, विद्युत, संचार, परिचालन एवं चिकित्सा विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।संयुक्त अभ्यास की समाप्ति के पश्चात अपर मंडल रेल प्रबंधक राकेश कुमार ने अभ्यास के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे अभ्यासों का उद्देश्य आपदा की स्थिति में त्वरित, समन्वित एवं प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करना है। उन्होंने अभ्यास को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी विभागों एवं एजेंसियों का आभार व्यक्त किया।
रिपोर्ट – ठाकराराम मेघवाल
