*भीलवाडा (Bhilwara)* सामाजिक संवेदनशीलता और पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ शशांक गोयल व प्रीति मित्तल ने अपने वैवाहिक जीवन की शुरुआत एक अनोखे और प्रेरणादायी संकल्प के साथ की। विवाह के शुभ अवसर पर सीए दिलीप गोयल एवं नीतू गोयल के पुत्र शशांक एवं वधू प्रीति मित्तल ने अंतरराष्ट्रीय वैश्य फेडरेशन राजस्थान महिला विंग अध्यक्ष चारु गुप्ता एवं पर्यावरणविद् बाबूलाल जाजू के सान्निध्य में परिजात (हारश्रृंगार) का पौधा रोपित कर प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया। वर-वधू ने यह पौधा भीलवाड़ा स्थित वृद्धाश्रम में रोपते हुए बुजुर्गों के प्रति सम्मान व्यक्त किया और संकल्प लिया कि वे अपने वैवाहिक जीवन को सिर्फ पारिवारिक खुशियों तक सीमित नहीं रखेंगे, बल्कि समाज और पर्यावरण के प्रति भी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करेंगे। चारु गुप्ता ने नवदंपति के इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि विवाह सिर्फ दो दिलों का संबंध नहीं, बल्कि समाज के प्रति सकारात्मक सोच का माध्यम भी बन सकता है। पर्यावरणविद बाबूलाल जाजू ने हारश्रृंगार के पौधे को “पवित्रता, प्रेम और दीर्घायु” का प्रतीक बताते हुए कहा कि नवयुगल द्वारा परिजात का पौधारोपण शुभता और समृद्धि का प्रतीक माना गया है। मान्यता है कि परिजात का रोपण वैवाहिक जीवन में सौहार्द, प्रेम और खुशहाली को बढ़ाता है एवं दांपत्य जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करता है। वृद्धाश्रम में पौधारोपण का यह क्षण अत्यंत भावुक और प्रेरणादायक रहा। इस अवसर पर समाजसेवी सीए परमजीत सिंह सोढ़ी, राजिंदर कौर, वृद्धाश्रम संयोजक राजकुमार बुलिया ने नवयुगल की सराहना की।
रिपोर्ट – पंकज पोरवाल
