
बाड़मेर (Barmer) रविवार को जोधपुर में लघु उद्योग भारती द्वारा आयोजित उद्योग हस्तशिल्प उत्सव के दौरान प्रदेश स्तरीय महिला सशक्तिकरण और हस्तशिल्प को वैश्विक मंच तक ले जाने के विषय पर राजीविका की स्टेट ब्रांड एंबेसडर रूमा देवी की अध्यक्षता व उप मुख्य मंत्री दिया कुमारी के मुख्य आतिथ्य में सार्थक संवाद हुआ।अपने अध्यक्षीय संबोधन में रूमादेवी ने कहा कि महिला सशक्तिकरण का अर्थ केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाते हुए उन्हें नेतृत्व और निर्णय-निर्माण की भूमिका में स्थापित करना ही इसका वास्तविक उद्देश्य है। उन्होंने साझा किया कि किस प्रकार ग्रामीण महिला कारीगरों की पारंपरिक कला को संगठित कर उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों से जोड़ा जा रहा है। रूमादेवी ने यह भी जानकारी दी कि शीघ्र ही न्यूयॉर्क में एक अंतरराष्ट्रीय आयोजन के माध्यम से भारतीय महिला कारीगरों की कला को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा।कार्यक्रम की मुख्य अतिथि दिथा कुमारी उपमुख्यमंत्री राजस्थान, ने अपने संबोधन में लघु उद्योग भारती को प्रतिवर्ष इस आयोजन हेतु बधाई देते हुए रूमादेवी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि वे महिला-नेतृत्व वाले जमीनी कार्यों को वैश्विक स्तर तक ले जाने का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत कर रही हैं। उन्होंने कहा कि रूमादेवी का कार्य यह दर्शाता है कि स्पष्ट दृष्टि और निरंतर प्रयासों के साथ स्थानीय हस्तशिल्प को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई जा सकती है।कार्यक्रम में कथा वाचक प्रियवाड़ा जी, एसीपी छवि शर्मा, उद्यमी चंद्रा बूब, मंजू बजाज एवं अंजू सिंह सहित अनेक विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी अतिथियों ने महिला सशक्तिकरण, कुटीर एवं लघु उद्योगों के संरक्षण तथा रूमाजी द्वारा प्रस्तुत वैश्विक दृष्टिकोण की सराहना की।उद्योग हस्तशिल्प उत्सव के माध्यम से यह संदेश स्पष्ट रूप से उभरकर आया कि महिला कारीगरों की शक्ति, परंपरा और उद्यमशीलता को एक साथ जोड़कर ही भारतीय हस्तशिल्प को वैश्विक पहचान दिलाई जा सकती है—जिस दिशा में रूमाजी निरंतर कार्य कर रही हैं।
रिपोर्ट – ठाकराराम मेघवाल
