
बाड़मेर (Barmer) शिव विधानसभा क्षेत्र के उण्डू में मंगलवार को “मनरेगा बचाओ संग्राम जन आंदोलन” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा को कमजोर किए जाने, SIR प्रक्रिया की आड़ में मतदाता सूची से नाम काटने तथा पंचायती राज के मनमाने पुनर्गठन के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराया गया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मध्यप्रदेश कांग्रेस प्रभारी एवं बायतु विधायक हरीश चौधरी ने कहा कि मनरेगा के माध्यम से बाड़मेर जिले में हर वर्ष लगभग एक हजार करोड़ रुपये के कार्य होते थे, जबकि करीब 600 करोड़ रुपये मजदूरी के रूप में सीधे ग्रामीण परिवारों तक पहुंचते थे। आज यह हक और अधिकार छीना जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में ऐसा कोई उदाहरण नहीं है, जहां मनरेगा से लगभग तीन लाख टांके बने हों। इन टांकों के कारण आज भी बाड़मेर के ग्रामीण क्षेत्रों को शुद्ध पेयजल मिल रहा है, जबकि राजस्थान में 60 से 70 प्रतिशत पानी पीने योग्य नहीं है। चौधरी ने बताया कि मनरेगा के जरिए जिले में 75 हजार किलोमीटर ग्रेवल सड़कें बनीं, जिससे आवागमन और ग्रामीण जीवन में बड़ा बदलाव आया। उन्होंने आरोप लगाया कि नरेगा का नाम भले न बदला गया हो, लेकिन महात्मा गांधी नरेगा रिपील जैसे प्रावधानों के जरिए इसे व्यवहार में खत्म कर दिया गया है।सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने कहा कि पहले मनरेगा के तहत रोजगार देने का अधिकार ग्राम पंचायतों के पास था, लेकिन अब यह अधिकार छीनकर ऊपर से आदेश थोपे जा रहे हैं। इससे स्थानीय जरूरतों के अनुरूप काम रुक गया है। उन्होंने कहा कि ग्रेवल सड़कों से न केवल आवागमन सुगम हुआ, बल्कि ग्रामीणों को रोजगार के अवसर भी मिले, जिन्हें अब बजट कटौती के जरिए समाप्त किया जा रहा है।जिला कांग्रेस अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह गोदारा ने कहा कि वर्ष 2005 में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने मनरेगा के जरिए बेरोजगारों को रोजगार देने की ऐतिहासिक पहल की थी। इससे गरीब और मजबूर महिलाओं की आमदनी बढ़ी, ग्रामीण आजीविका मजबूत हुई और पलायन रुका। उन्होंने बताया कि 2013 से पहले मनरेगा का बजट करीब 1200 करोड़ रुपये था, जिसे घटाकर 2023 तक लगभग 400 करोड़ कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि नरेगा का नाम बदलने और योजनाबद्ध तरीके से बजट घटाने का उद्देश्य इस योजना को कमजोर करना है।पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष फतेह खान ने कहा कि मनरेगा से गरीबों को उनका संवैधानिक हक मिल रहा था, जिसे केंद्र की भाजपा सरकार खत्म कर रही है। उन्होंने SIR प्रक्रिया के नाम पर बड़े स्तर पर धांधली का आरोप लगाते हुए कहा कि चोहटन क्षेत्र में लगभग 22 हजार मतदाताओं के नाम काटे जाने के मामले सामने आए हैं, जो लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है।उण्डू में आयोजित इस जन आंदोलन कार्यक्रम में पूर्व जिलाध्यक्ष फतेह खान, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष भूपेंद्र राजबेरा, शिव प्रधान महेंद्र जाणी, पूर्व प्रधान लक्ष्मण राम डेलू, ब्लॉक अध्यक्ष तेजाराम गोदारा, शिव विधानसभा प्रभारी मुकेश भींचर, रामपाल उण्डू सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी और ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
रिपोर्ट – ठाकराराम मेघवाल
