Barmer : अधिकारी के सामने जमीन पर बैठे विधायक भाटी, VIDEO:कुर्सी पर बैठने का कहते रहे अफसर; MLA बोले-जब तक पानी नहीं देंगे, मैं बैठा रहूं

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बाड़मेर (Barmer) में पानी की समस्या को लेकर शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी अधिकारी के सामने धरने पर बैठ गए। वे बाड़मेर के जलदाय कार्यालय गए थे। यहां पहले वे कुर्सी पर बैठे।जब पानी की समस्या के समाधान को लेकर जवाब नहीं मिला तो वे कुर्सी छोड़ अधिकारी के सामने जमीन पर बैठ गए।मामला शिव विधानसभा क्षेत्र के हरसाणी गांव का है, जहां पिछले लंबे समय से पानी की समस्या है। दो दिन से कस्बे के लोग धरने पर बैठे हैं। इसे लेकर बुधवार को गांव के लोगों ने रैली निकाली और बाजार बंद किया।ग्रामीणों की समस्या को लेकर शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी बुधवार दोपहर बाड़मेर स्थित जलदाय कार्यालय पहुंचे। यहां एईएन परशुराम वर्मा के चेंबर में वे धरने पर बैठ गए। उनका कहना था कि जब तक पानी नहीं मिलेगा, मैं बैठा रहूंगा।इधर, जैसे ही विधायक कुर्सी छोड़ अधिकारियों के सामने जमीन पर बैठे तो वे बार-बार उन्हें कुर्सी पर बैठने के लिए मनाते रहे, लेकिन विधायक अपनी मांग पर अड़े रहे।तस्वीरों में देखें पूरा घटनाक्रम…1. पहले कुर्सी पर बैठ अधिकारियों से बातचीत की।विधायक बाड़मेर स्थित जलदाय कार्यालय में कुर्सी पर बैठ अधिकारी से बातचीत करते हुए।विधायक बाड़मेर स्थित जलदाय कार्यालय में कुर्सी पर बैठ अधिकारी से बातचीत करते हुए।2. बातचीत के दौरान जमीन पर बैठे विधायक।विधायक बात करते-करते कुर्सी से उठ गए और जमीन पर बैठ गए।विधायक बात करते-करते कुर्सी से उठ गए और जमीन पर बैठ गए।3. अधिकारी मनाते रहे, लेकिन नहीं माने विधायक।जैसे ही विधायक नीचे बैठे अधिकारी उन्हें बार-बार कुर्सी पर बैठने के लिए बोलते रहे।जैसे ही विधायक नीचे बैठे अधिकारी उन्हें बार-बार कुर्सी पर बैठने के लिए बोलते रहे।4. विधायक जमीन पर, अधिकारी खड़े रहे।रविंद्र भाटी जब जमीन पर बैठे तो अधिकारी खड़े हो गए। वे मांग पर अड़े रहे कि उन्हें लिखित में दिया जाए कि पानी की समस्या का समाधान कब तक होगा।रविंद्र भाटी जब जमीन पर बैठे तो अधिकारी खड़े हो गए। वे मांग पर अड़े रहे कि उन्हें लिखित में दिया जाए कि पानी की समस्या का समाधान कब तक होगा।अधिकारी हाथ बंधे खड़े रहेअधिकारी अपने चेंबर में बार-बार विधायक को कुर्सी पर बैठने का आग्रह करते रहे, लेकिन वे माने नहीं। उनका कहना था एक साल से पानी की समस्या को लेकर लेटर लिख रहा हूं, लेकिन कोई जवाब नहीं दिया गया।वे बोले- लिखित में जवाब देना पड़ेगा कि पानी कब तक पहुंचेगा। जब हमारे लोग सड़कों पर आकर बैठे हैं तो यह तो हमारे लिए शर्म की बात होगी कि हमारे रहते हुए हमारे क्षेत्र के लोग पानी के लिए तरस रहे हैं। वो आगे क्यूं आएंगे.. आगे मैं आऊंगा। वो मेरे लोग है।एईएन ऑफिस में धरने पर बैठे शिव विधायक। उनका कहना था कि वे एक साल से पानी के लिए लेटर लिख रहे हैं, लेकिन विभाग ने जवाब तक नहीं दिया।एईएन ऑफिस में धरने पर बैठे शिव विधायक। उनका कहना था कि वे एक साल से पानी के लिए लेटर लिख रहे हैं, लेकिन विभाग ने जवाब तक नहीं दिया।अतिरिक्त मुख्य अभियंता परशुराम वर्मा और विधायक के बीच बातचीतभाटी – गांव के लोगों को पानी के लिए सड़क पर आकर बैठना पड़ रहा है। बीते एक साल से लेटर लिख रहा हूं। XEN साहब लेटर लिखते कितना समय हो गया। इस गांव में पानी की जरूरत है। पाइप लाइन नहीं बिछ रही है। गांव के लोग पानी के लिए तरस रहे हैं। उनकी आंखों में पानी है। अगर साल भर में पानी नहीं दे पा रहे हो। मैं आज यहां पर कुर्सी छोड़कर धरने पर बैठ रहा हूं।(इसके बाद विधायक कुर्सी छोड़ एईएन के सामने जमीन पर बैठ गए।)वर्मा- आप ऐसा मत करो।भाटी- नहीं, नहीं, जब तक मेरे गांव के लोगों को पानी नहीं देंगे मैं धरने पर बैठा हूं।वर्मा- मैंने प्रस्ताव पहले भेजे थे, स्टेट लेवल का जो डिसीजन हुआ है।भाटी- मेरे गांव के लोगों को सड़क पर आकर बैठना पड़ रहा है। महिलाओं को आकर बैठना पड़ रहा है तो मैं घर पर कैसे बैठूं।वर्मा- हम तो नियमों से बंधे हुए हैं।भाटी- उनके घरों में पानी जाना चाहिए था, सालभर से लेटर लिख रहा हूं। हरसाणी और आसपास के गांवों का समाधान करके दें… तब तक मैं धरने पर बैठा हूं। पानी तो मांग रहे हैं। विधानसभा में मामला उठ जाएगा। मैं यहां पर धरने पर बैठा हूं। आप चाहे मंत्री से बात करें या स्टेट में अधिकारियों से बात करें। पानी पहुंचाना आपका काम है। गांव के लोग डॉक्यूमेंट नहीं समझते हैं।वर्मा- आपसे निवेदन कर रहे हैं।भाटी- मैं यहां पर धरने पर बैठा हूं। आप मुझे लिखित में दें कि इतने दिन में पानी पहुंचा दिया जाएगा। मैं समझ पा रहा हूं कि आपका इश्यू है। पानी पहुंचाने की जिम्मेदारी तो पीएचईडी की है।वर्मा- आपके कहे अनुसार हमने प्रस्ताव आगे भेजे हैं।भाटी- गांव के लोगों को यह कहे कि चीफ साहब ने आगे प्रस्ताव भेजे हैं। मुझे तो आप समाधान बता दे दीजिए। इस दिन इन लोगों के घरों में पानी आ जाएगा। जो स्कीम में था, जितना सर्वे हुआ है। वो भी पाइप अभी तक बिछे नहीं है। मुझे तो लिखित में दे दीजिए कि यहां-यहां इतने दिन में पानी पहुंचा देंगे।एक साल से है पानी की समस्यादरअसल, हरसाणी गांव के लोग पिछले एक साल से पानी की समस्या से परेशान है। गांव की आबादी करीब 10 हजार की है। ग्रामीण जल जीवन मिशन के तहत हरसाणी गांव में पाइपलाइन काम में हुए भ्रष्टाचार, स्वीकृत लेआउट की जांच करने और पानी की आपूर्ति को लेकर ग्रामीण धरने पर बैठे हैं।लोगों का आरोप है कि स्वीकृत लेआउट के अनुसार पाइप लाइन नहीं बिछाई गई है। कई जगह पर मनमाने ढंग से रास्ता बदला गया है। नियमों को ताक पर रखकर ठेकेदार और संबंधित अधिकारी मिलीभगत कर सरकार के पैसे का दुरुपयोग कर रहे हैं। वहीं पीने का पानी भी पूरा नहीं मिल पा रहा है।फोटो बुधवार का है। जहां महिलाओं और ग्रामीणों की ओर से पानी की समस्या को लेकर रैली निकाली गई। इस दौरान मार्केट भी बंद रहे।फोटो बुधवार का है। जहां महिलाओं और ग्रामीणों की ओर से पानी की समस्या को लेकर रैली निकाली गई। इस दौरान मार्केट भी बंद रहे।

रिपोर्ट – ठाकराराम मेघवाल

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