
बाड़मेर (Barmer) बाड़मेर-अहमदाबाद रोड़ स्थित प्रवर्तिनी महोदया प्रमोदश्रीजी म.सा. की समाधि भूमि कुशल वाटिका प्रांगण में पाश्र्वनाथ भगवान के जन्म व दीक्षा कल्याणक महोत्सव के उपलक्ष में त्रि दिवसीय अठठम तप तेले की तपस्या के तीसरे दिन सोमवार को गुरूवर्याश्री का प्रवचन, दादा गुरूदेव महापूजन, अठठम तप तेले के तपस्वियों का अभिनन्दन व रात्रि भक्ति भावना का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। कुशल वाटिका ट्रस्ट के उपाध्यक्ष द्वारकादास डोसी व कोषाध्यक्ष बाबुलाल टी बोथरा ने बताया कि परम पूज्य खरतरगच्छाधिपति आचार्य श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. के आज्ञा व आर्शीवाद से कुशल वाटिका प्रेरिका बहन म.सा. साध्वी डाॅ. विधुत्प्रभाश्री की पावन प्रेरणा से व साध्वी शासनप्रभा श्रीजी म.सा. आदि ठाणा-03 की पावन निश्रा में कुशल वाटिका ट्रस्ट के तत्वावधान में लाभार्थी कुशल वाटिका ट्रस्टी परिवारों द्वारा कुशल वाटिका में पाश्र्वनाथ भगवान के जन्म व दीक्षा कल्याणक महोत्सव व प्रवर्तिनी महोदया साध्वी प्रमोदश्रीजी म.सा. की 43वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष में त्रि दिवसीय अठठम तप तेले के निमित तीसरे दिन कई धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। डोसी ने बताया कि कुशल वाटिका में अठठम तप के तेले में जैन समाज की महिलाओं व पुरुषों द्वारा चोथी बार 90 आराधको द्वारा तपस्या की गई। पौष दशमी मेले के दौरान अठठम तप तेले के तीसरे दिन सोमवार को साध्वी डाॅ.शासनप्रभा श्रीजी म.सा., साध्वी नितिप्रज्ञा श्रीजी म.सा. व साध्वी विज्ञांजना श्रीजी म.सा. की निश्रा में प्रातः 09.30 बजे प्रवचन का आयोजन हुआ, इसके बाद कुशल वाटिका ट्रस्ट मंडल के तत्वाधान में व केएमपी की महिलाओं व तपस्वियों द्वारा प्रातः 10.30 बजे दादावाड़ी प्रांगण में दादा गुरूदेव के महापूजन का आयोजन हुआ। दादा गुरूदेव के महापूजन में दादावाड़ी प्रांगण में दादा गुरूदेव की प्रतिमा के समक्ष दादा गुरूदेव पीठिका के लाभार्थी सुशीलादेवी लूणकरण बोथरा दिल्ली द्वारा विधिकारक ईश्वरभाई द्वारा विभिन्न मंत्रोच्चार विधि-विधान के माध्यम से आह्वान किया गया तथा जल, चंदन, पुष्प, धूप, दीप, अक्षत, नैवेद्य, फल आदि के माध्यम से पूजन किया गया और शान्ति स्नात्र पूजन किया गया। महापूजन में सोनू वडेरा द्वारा भजनों की प्रस्तुतियां दी गई, जिसमें तपस्वियों ने झूमकर हाजरी लगाई। दादा गुरूदेव महापूजन में पक्षाल का लाभ चेतनादेवी गौतमचन्द धारीवाल व केशर पूजा का लाभ बदामीदेवी प्रकाशचन्द मालू, लूणीदेवी नेमीचन्द संखलेचा द्वारा लिया गया। कुशल वाटिका प्रचारमंत्री केवलचन्द छाजेड़ ने बताया कि कुशल वाटिका में दोपहर में गुरूवर्याश्री की निश्रा में कुशल वाटिका ट्रस्ट द्वारा अठठम तप तेले की आराधना कर रहे तपस्वियों का अभिनन्दन समारोह आयोजित हुआ। तपस्वियों के अभिनन्दन समारोह के दौरान साध्वी डाॅ. शासनप्रभा श्रीजी म.सा. ने कहा कि कुशल वाटिका के रमणीय वातावरण में अठठम तप तेले की तपस्या का आयोजन चोथी बार सफल होने का श्रेय तपस्वियों को जाता है। साध्वीजी ने मनुष्य जीवन में धर्म आराधना के साथ तप का महत्व समझाया कि तप से आत्मा निर्मल बनती है, तप से कसायों पर विजय प्राप्त होती है। समय-समय पर तप करते हुए आत्मा में मैत्री भाव बढाते हुए वैर भाव कम करना चाहिए। छाजेड़ ने बताया कि कार्यक्रम में कुशल वाटिका ट्रस्ट द्वारा अठठम तप तेले के आराधको व कार्यक्रम सफल आयोजन का संचालन के लिए सोनू वडेरा का तिलक, माला, श्रीफल व पारितोषिक देकर अभिनन्दन किया गया और ट्रस्ट द्वारा उनकी तपस्या की भूरी भूरी अनुमोदना की गई और व्यवस्था मे सहयोग करने वाली संस्था केयुप व केएमपी का आभार व्यक्त किया गया। इस कार्यक्रम को चार चान्द लगाने के लिए कुशल वाटिका ट्रस्ट मण्डल, अखिल भारतीय खरतरगच्छ युवा परिषद केयुप, अखिल भारतीय खरतरगच्छ महिला परिषद केएमपी उपस्थित रहा। तीसरे दिन रात्रि में मन्दिर प्रांगण में सोनू वडेरा द्वारा भव्य भक्ति भावना का कार्यक्रम हुआ। अभिनन्दन समारोह के दौरान कुशल वाटिका उपाध्यक्ष द्वारकादास डोसी, कोषाध्यक्ष बाबुलाल टी बोथरा, सहनिर्माणमंत्री रमेश सर्राफ, प्रचारमंत्री केवलचन्द छाजेड़, सहप्रचारमंत्री कपिल मालू, सलाहकार लूणकरण बोथरा दिल्ली, ट्रस्टी कैलाश धारीवाल, चम्पालाल एम बोथरा, प्रकाश पारख, केएमपी अध्यक्षा सरिता जैन, राकेश छाजेड़, उर्मिला जैन सहित कई महिलाएं उपस्थित रही। कुशल वाटिका सहप्रचारमंत्री कपिल मालू ने बताया कि आज मंगलवार को कुशल वाटिका भोजनशाला में प्रातः 08.00 बजे अठठम तप तेले की आराधना करने वाले 90 तपस्वियों का पारणा होगा।
रिपोर्ट – ठाकराराम मेघवाल
