बाड़मेर (Barmer) चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा मंगलवार को सेंट्रल एकेडमी बाड़मेर में बच्चों के स्वास्थ्य सुधार और सही खाद्य आदतों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विष्णुराम विश्नोई ने की। इस जागरूकता कार्यक्रम में सीएमएचओ डॉ विश्नोई ने छात्रों को बताया गया कि बदलती जीवनशैली में पोषक तत्वों से भरपूर भोजन का चयन करना क्यों जरूरी है, और मोटा अनाज (श्री अन्न) बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास में किस प्रकार महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।*मोटे अनाज को दैनिक भोजन में शामिल करने पर जोर*डॉ. विश्नोई ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि बाजरा, ज्वार, रागी जैसे मोटे अनाज केवल पारंपरिक भोजन ही नहीं बल्कि आधुनिक समय का “सुपर फ़ूड” हैं। उन्होंने बताया कि मोटे अनाज प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं, पेट की समस्याओं से बचाव करते हैं, ऊर्जा लंबे समय तक बनाए रखते है और मानसिक एकाग्रता में सुधार करते हैंएफएसओ राजेश शर्मा ने छात्रों को सलाह दी गई कि वे नियमित भोजन में श्री अन्न को शामिल करें ताकि स्वास्थ्य मजबूत रहे और बीमारियों का खतरा कम हो।*जंक फूड से होने वाले नुकसान पर चेताया*कार्यक्रम में जंक फूड की वास्तविकता पर विस्तृत चर्चा की गई। जिला कार्यक्रम समन्वयक राकेश भाटी ने बच्चों को बताया कि लगातार फास्ट फूड और अधिक चीनी-नमक वाले उत्पादों का सेवन शरीर पर नकारात्मक प्रभाव डालता है।जंक फ़ूड से मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर, पाचन समस्या, थकान और मानसिक चंचलता जैसी परेशानियाँ उत्पन्न हो सकती हैं।छात्रों को “स्मार्ट ईटिंग” के तहत स्वस्थ विकल्प चुनने तथा पैकेज्ड फूड की लेबलिंग पढ़ने की आदत अपनाने का सुझाव दिया गया ।विद्यार्थियों को फूड सेफ्टी, स्वच्छता और स्वच्छ भोजन के महत्व पर जानकारी दी।बच्चों को बताया कि किस प्रकार साधारण सावधानियाँ अपनाकर खाद्य जनित बीमारियों से बचा जा सकता है। बच्चों को हेल्दी लंचबॉक्स के उदाहरण भी बताए गए।कार्यक्रम के अंत में सेंट्रल एकेडमी विद्यालय की प्रिंसिपल शिखा भार्गव ने स्वास्थ्य विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएँ बच्चों में अच्छी आदतें विकसित करने और उन्हें स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाने में अत्यंत उपयोगी हैं। यह कार्यक्रम वास्तव में सार्थक और प्रेरणादायी साबित हुआ। उन्होंने विभाग के अधिकारियों, शिक्षकों और छात्रों के सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया और भविष्य में भी ऐसे शैक्षणिक एवं स्वास्थ्य संबंधी कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही।
रिपोर्ट – ठाकराराम मेघवाल
